Saraikela Accident: दर्दनाक भिड़ंत में हाईवा चालक केबिन में फंसा, हालत नाजुक!
सरायकेला-कांड्रा मार्ग पर लोडेड हाईवा और ट्रेलर की जबरदस्त टक्कर, हाईवा चालक एक घंटे तक केबिन में फंसा रहा। जानें हादसे की पूरी कहानी।

सरायकेला: शुक्रवार तड़के सरायकेला-कांड्रा मार्ग पर जिला समाहरणालय और प्रखंड कार्यालय के बीच एक भीषण सड़क हादसा हुआ। लोडेड हाईवा और ट्रेलर की आमने-सामने भिड़ंत में हाईवा चालक युशूफ अंसारी केबिन में एक घंटे तक फंसा रहा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रेलर का चालक मौके से फरार हो गया, जबकि हाईवा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
कैसे हुआ ये खौफनाक हादसा?
शुरुआती जांच में पता चला है कि हाईवा चालक ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था, तभी सामने से आ रहे ट्रेलर से सीधी टक्कर हो गई।
हादसे में शामिल वाहन:
- ट्रेलर (JH10BP-7323) – माइंस लदा हुआ था और कांड्रा की ओर जा रहा था।
- हाईवा (JH21N-5762) – फ्लाई ऐश लदा हुआ था और सरायकेला की ओर बढ़ रहा था।
टक्कर के बाद ट्रेलर चालक मौके से भाग निकला, जबकि हाईवा चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया।
एक घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन!
जैसे ही हादसे की सूचना मिली, सरायकेला थाना प्रभारी सतीश वर्णवाल मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाईवा चालक को बाहर निकाला गया। पहले उसे सरायकेला सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के चलते एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया।
ट्रक-ट्रेलर हादसे क्यों हो रहे हैं आम?
सरायकेला-कांड्रा मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग की वजह से अक्सर सड़क हादसे होते रहते हैं। पहले भी इस इलाके में कई जानलेवा दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
क्या कहते हैं आंकड़े?
बीते 5 सालों में इस हाईवे पर 200 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
इनमें से 50% से ज्यादा हादसे भारी वाहनों की वजह से हुए हैं।
ओवरटेकिंग और तेज रफ्तार इन दुर्घटनाओं की मुख्य वजह हैं।
प्रशासन को क्या कदम उठाने चाहिए?
स्पीड लिमिट पर सख्ती होनी चाहिए।
सड़क किनारे रिफ्लेक्टिव साइन और स्ट्रीट लाइट की जरूरत।
ओवरटेकिंग के नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाए।
अभी भी हादसे का खतरा बरकरार!
इस सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही बहुत ज्यादा है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। हादसे के बाद भी प्रशासन की सुस्ती सवालों के घेरे में है।
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