Baharagora Tragedy: साल पत्ता तोड़ने गई महिला पर हाथी का कहर, दर्दनाक मौत!
बहरागोड़ा के साल जंगल में हाथी के हमले से महिला की दर्दनाक मौत! गांव में दहशत, वन विभाग पर उठे सवाल, कब रुकेगा यह आतंक? पूरी खबर पढ़ें।

बहरागोड़ा: जंगलों में हाथियों का आतंक अब जानलेवा साबित हो रहा है! बहरागोड़ा प्रखंड के मुटुरखाम गांव के पास साल जंगल में पत्ता तोड़ने गई बुधनी सोरेन की हाथी के हमले से दर्दनाक मौत हो गई।
कैसे हुआ यह भयावह हादसा?
-
बुधनी सोरेन गांव की दो अन्य महिलाओं के साथ साल के पत्ते तोड़ने जंगल में गई थी।
-
अचानक एक गुस्साए हाथी ने बुधनी को देख लिया और हमला कर दिया।
-
हाथी ने उसे पटक-पटक कर बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे वह तड़प उठी।
-
साथ आईं महिलाएं किसी तरह जान बचाकर गांव भागीं और लोगों को इसकी सूचना दी।
गांव वालों ने जब जंगल में जाकर देखा तो बुधनी खून से लथपथ पड़ी थी। उसे तुरंत बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गांव में दहशत, वन विभाग की लापरवाही उजागर!
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल है।
-
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग पहले से हाथियों की मौजूदगी की चेतावनी देता तो यह हादसा टल सकता था।
-
कुछ महीने पहले भी इसी इलाके में हाथियों ने कई किसानों की फसल बर्बाद कर दी थी।
-
लेकिन वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
क्या यह पहली घटना है?
नहीं! हाथियों के हमले से मौत का यह कोई नया मामला नहीं है।
-
2023 में भी इसी क्षेत्र में हाथियों के झुंड ने एक किसान को कुचलकर मार डाला था।
-
2022 में जंगल से सटे गांवों में हाथियों ने कई घर तोड़ दिए थे।
-
लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
अब आगे क्या?
-
क्या वन विभाग इस बार कोई सख्त कदम उठाएगा?
-
क्या ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए जंगलों की निगरानी बढ़ाई जाएगी?
-
या फिर ऐसी घटनाएं इसी तरह होती रहेंगी?
वन विभाग के अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है, लेकिन सवाल उठता है कि कब तक लोग इस तरह जान गंवाते रहेंगे?
What's Your Reaction?






