Satish Shah Death: हासिए का वो सितारा बुझा! 'इंद्रवदन साराभाई' सतीश शाह का अचानक निधन, किडनी की बीमारी बनी वजह, इंडस्ट्री को लगा एक और बड़ा झटका
क्या आप 'साराभाई वर्सेस साराभाई' के फैन हैं? हास्य कलाकार सतीश शाह का 25 अक्टूबर को निधन क्यों हुआ? किडनी की बीमारी से जूझ रहे सतीश शाह के निधन से इंडस्ट्री में क्यों पसरा मातम? 'ये जो है जिंदगी' में 55 किरदार निभाने वाले इस दिग्गज के करियर का हर बड़ा किस्सा यहां पढ़ें!
मुंबई, 25 अक्टूबर 2025 - बॉलीवुड और टीवी जगत के एक युग का आज दुखद अंत हो गया। अपनी बेमिसाल कॉमिक टाइमिंग और दमदार किरदारों से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले दिग्गज अभिनेता सतीश शाह का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने 25 अक्टूबर को दोपहर 2.30 बजे अपनी आखिरी सांस ली। वह लंबे समय से किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।
अभिनेता के मैनेजर ने इस दुखद खबर की पुष्टि की, जिसके बाद फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। यह खबर इसलिए भी ज्यादा दुखद है, क्योंकि इंडस्ट्री अभी कुछ समय पहले ही एक और बड़ी क्षति से उबरने की कोशिश कर रही थी। सतीश शाह का अंतिम संस्कार 26 अक्टूबर को किया जाएगा।
इंद्रवदन साराभाई से लेकर कॉलेज प्रोफेसर **तक: हासिए की शानदार विरासत
सतीश शाह का नाम सुनते ही सबसे पहले जिस किरदार की याद आती है, वह है मशहूर टीवी शो 'साराभाई वर्सेस साराभाई' का इंद्रवदन साराभाई उर्फ इंदु। अपनी पत्नी माया साराभाई (रत्ना पाठक शाह) के साथ उनकी नोंक-झोंक और बेटे, बहू पर किए गए मजेदार कमेंट्स आज भी सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं। इस रोल ने उन्हें घर-घर का चहेता बना दिया था।
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'जाने भी दो यारों' से शुरुआत: 1983 में आई क्लासिक कॉमेडी फिल्म 'जाने भी दो यारों' में सतीश शाह ने एक 'लाश' का यादगार किरदार निभाया था, जो आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक कल्ट मोमेंट है।
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शाहरुख के साथ कमाल: शाहरुख खान की फिल्म 'मैं हूं न' में उनका प्रोफेसर देसाई का किरदार, जो बात करते समय हमेशा दूसरों के चेहरे पर थूक देता था, दर्शकों को खूब हंसाया था।
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कॉमेडी किंग का ताज: उन्होंने 'हम आपके हैं कौन', 'मुझसे शादी करोगी', 'फना', 'साजन चले ससुराल', 'हमशक्ल्स' जैसी ढेरों बड़ी फिल्मों में सहायक और हास्य भूमिकाएँ निभाकर अपनी 'कॉमेडी किंग' की छवि को मजबूत किया।
वो एक शो, जिसमें निभाए थे 55 किरदार
सतीश शाह ने बॉलीवुड से पहले और उसके साथ-साथ टेलीविजन इंडस्ट्री में जो काम किया, वह बेमिसाल है। 1984 में आया उनका सिटकॉम 'ये जो है जिंदगी' भारतीय टीवी इतिहास का एक मील का पत्थर है। इस शो के कुल 55 एपिसोड थे, और चौंकाने वाली बात यह है कि सतीश शाह ने हर एपिसोड में एक नया और अलग किरदार निभाया था, यानी कुल 55 अलग-अलग रोल!
बाद में, 1995 में आए शो 'फिल्मी चक्कर' में भी उन्होंने लीड रोल निभाया, जहां उनकी जोड़ी फिर से रत्ना पाठक शाह के साथ जमी, जो आगे चलकर 'साराभाई वर्सेस साराभाई' में उनकी आइकॉनिक जोड़ी बन गई।
निजी जीवन और संघर्ष
मूल रूप से गुजरात के मांडवी से ताल्लुक रखने वाले सतीश शाह ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से पढ़ाई पूरी की थी। उन्होंने 1972 में डिज़ाइनर मधु शाह से शादी की थी। एक अभिनेता होने के साथ ही, वह एक फाइटर भी थे। कोरोना काल में उन्होंने खुद कोविड का सामना किया था और उस अनुभव को सार्वजनिक रूप से साझा भी किया था।
सतीश शाह का जाना केवल एक अभिनेता का जाना नहीं है, बल्कि उस हास्य की विधा का थम जाना है, जिसने दशकों तक भारतीय दर्शकों को हँसाया, गुदगुदाया और मनोरंजन किया। इंडस्ट्री के दिग्गज, प्रशंसकों और उनके सह-कलाकार इस अपूरणीय क्षति पर गहरा शोक व्यक्त कर रहे हैं। उनकी यादें, खासकर इंद्रवदन साराभाई के रूप में, हमेशा जीवित रहेंगी। सतीश शाह का कौन सा किरदार आपको सबसे ज्यादा पसंद था? कमेंट करके इस महान अभिनेता को श्रद्धांजलि दें।
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