Jamshedpur Cycle Thief: 5 साइकिलें चुराकर बेचता था 1-2 हजार में, पुलिस ने दबोचा
सोनारी पुलिस ने साइकिल चोर को पकड़ा, 5 साइकिलें बरामद, चोर ने खरीददारों को घर खाली करने और पैसे जरूरत के बहाने साइकिलें बेचीं।
Jamshedpur Shocker: क्या आपने कभी सोचा है कि आपके अपार्टमेंट के नीचे खड़ी बच्चों की साइकिल भी चोरों को लुभा सकती है? सोनारी पुलिस ने ऐसे ही एक साइकिल चोर को गिरफ्तार किया है जो न सिर्फ साइकिल चुराता था, बल्कि उन्हें घर खाली करने और पैसे की जरूरत जैसे झूठे बहाने बनाकर मासूम लोगों को बेच देता था।
अंकुर अपार्टमेंट से चुराई साइकिल का सीसीटीवी मिला, फिर खुला राज
14 अप्रैल को सोनारी के अंकुर अपार्टमेंट निवासी अरुण कुमार ने अपने नाती यशराज की साइकिल चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। 22 अप्रैल को इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई।
खुंटाडीह में साइकिल ले जाते देखा, घबराकर भागने लगा
सोनारी के खुंटाडीह में कदमा जाने वाली सड़क पर गश्त के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को साइकिल ले जाते हुए देखा। उसे रोककर पूछताछ की गई तो वह घबरा गया और भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम शंभू महतो बताया, जो सरायकेला खरसावां जिले के सीनी के केंदुआ का रहने वाला है।
एक के बाद एक खुलते गए राज, निशानदेही पर 5 साइकिलें बरामद
शंभू ने पूछताछ में बताया कि वह साइकिल अंकुर अपार्टमेंट से चुराई थी और उसे बेचने की फिराक में था। फिर उसने बताया कि उसने कई और जगहों से साइकिलें चुराईं हैं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कुल पांच साइकिलें बरामद कीं। इनमें से एक आस्था अपार्टमेंट से, एक अंकुर अपार्टमेंट से, एक वृंदावन गार्डेन से चुराई गई थी। बाकी दो साइकिलों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। पुलिस अब उनके असली मालिकों को खोज रही है।
क्यों खास है सोनारी और खुंटाडीह इलाका?
जमशेदपुर का सोनारी इलाका शहर के सबसे पुराने आवासीय क्षेत्रों में से एक है। एक समय में यहाँ टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारी रहा करते थे। खुंटाडीह का नाम यहाँ की पहाड़ी के कारण पड़ा, जो कभी शिकार और सैर के लिए मशहूर हुआ करती थी। आज यह इलाका घनी आबादी वाला हो चुका है। यहाँ कई अपार्टमेंट और कॉलोनियाँ हैं, जहाँ चोरियों की घटनाएं बढ़ गई हैं। पिछले कुछ वर्षों में बाइक चोरी तो आम हो गई थी, लेकिन साइकिल चोरी के इस तरह के गिरोह ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं।
चोर ने ऐसे बनाए बहाने, लोग हो गए शिकार
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि शंभू महतो ने चुराई हुई साइकिलों को खुदरा बेचते समय लोगों को झूठे बहाने बनाकर बेचा। वह किसी को बताता था – “घर खाली करना है, साइकिल रखने की जगह नहीं है, इसलिए बेच रहा हूँ।” किसी को कहता था – “पैसे की सख्त जरूरत है, इसलिए साइकिल बेच रहा हूँ।” तो किसी को बताता था – “यह साइकिल बंधक रखी है, पैसे देने से पहले बेच रहा हूँ।”
लोग सस्ता सौदा समझकर एक से दो हजार रुपये में साइकिलें खरीद लेते थे। उन्हें नहीं पता था कि ये साइकिलें चुराई गई हैं।
सीनी से आता था ट्रेन से, अपार्टमेंट में मारता था वार
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि शंभू महतो सीनी से ट्रेन से जमशेदपुर आता था। यहाँ आकर वह अपार्टमेंट, सोसाइटी और कॉलोनी के अंदर घुस जाता था। जहाँ भी अनदेखी में साइकिल दिखती, उसे चुराकर भाग जाता था। उसकी इसी आदत ने उसे आदतन साइकिल चोर बना दिया था।
अब पुलिस जुटी है बाकी साइकिलों के मालिकों की पहचान में
पुलिस ने शंभू महतो को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसने और किन-किन जगहों से साइकिलें चुराई थीं। साथ ही, जिन दो साइकिलों की पहचान नहीं हो पाई है, उनके असली मालिकों को खोजा जा रहा है। अगर आपकी साइकिल खो गई है, तो आप सोनारी थाने में संपर्क कर सकते हैं।
लोगों से यह अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सेकेंड हैंड साइकिल खरीदते समय पूरी जांच कर लें। बिना बिल और उचित दस्तावेज के साइकिल न खरीदें। कोई भी व्यक्ति अगर बहुत सस्ते दामों पर साइकिल बेच रहा है, तो संदेह करें। ऐसे में तुरंत पुलिस को सूचना दें।
क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ है – कि आपकी साइकिल चोरी हो गई हो? कमेंट में बताएं।
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अपडेट के लिए बने रहें।
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