Durg Arrest: गुम हुए मोबाइल से यूपीआई लूट का सनसनीखेज खुलासा, बिहार के कैमूर से दबोचा गया शातिर ठग, 1.23 लाख की चपत और दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन

दुर्ग पुलिस द्वारा बिहार के कैमूर से गिरफ्तार किए गए उस शातिर ठग की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है जिसने गुम मोबाइल का इस्तेमाल कर खाते से 1.23 लाख रुपये उड़ा दिए। तकनीकी साक्ष्यों और पुलिसिया दबिश का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप ऑनलाइन बैंकिंग सुरक्षा से जुड़ी इस बड़ी जानकारी से चूक जाएंगे।

Feb 3, 2026 - 20:09
 0
Durg Arrest: गुम हुए मोबाइल से यूपीआई लूट का सनसनीखेज खुलासा, बिहार के कैमूर से दबोचा गया शातिर ठग, 1.23 लाख की चपत और दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन
Durg Arrest: गुम हुए मोबाइल से यूपीआई लूट का सनसनीखेज खुलासा, बिहार के कैमूर से दबोचा गया शातिर ठग, 1.23 लाख की चपत और दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन

दुर्ग, 3 फरवरी 2026 – छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी के एक ऐसे मामले को सुलझाया है, जिसने मोबाइल यूजर्स की चिंता बढ़ा दी है। महज एक मोबाइल गुम होने का फायदा उठाकर एक शातिर अपराधी ने यूपीआई (UPI) के जरिए प्रार्थी के बैंक खाते में सेंध लगा दी और 1,23,900 रुपये पार कर दिए। दुर्ग की छावनी पुलिस ने अपनी तकनीकी कुशलता का परिचय देते हुए इस मामले के तार बिहार से जोड़े और आरोपी को कैमूर जिले से गिरफ्तार कर दुर्ग ले आई। यह मामला उन सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो अपने मोबाइल की सुरक्षा को हल्के में लेते हैं।

लापरवाही और लूट की पटकथा: ऐसे हुई वारदात

इस डिजिटल लूट की शुरुआत मार्च 2024 में हुई थी।

  • गुम हुआ मोबाइल: प्रार्थी संतोष कुमार का एमआई (Mi) कंपनी का मोबाइल फोन गुम हो गया था। फोन में जियो और आइडिया के सिम कार्ड लगे थे।

  • यूपीआई का दुरुपयोग: मोबाइल हाथ लगते ही आरोपी ने प्रार्थी के PhonePe वॉलेट और बैंक खाते तक अपनी पहुँच बना ली। यूपीआई पिन और ओटीपी (OTP) का चतुराई से इस्तेमाल कर उसने कुल 1.23 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर कर लिए।

  • शिकायत: 6 मार्च 2024 को संतोष कुमार ने थाना छावनी में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने धारा 420 एवं 34 भादवि के तहत जांच शुरू की।

कैमूर कनेक्शन: पुलिस का 'ऑपरेशन बिहार'

जांच के दौरान पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन की तकनीकी कड़ियां जोड़ीं।

  1. खाते की पहचान: जिस खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, वह सचिन किसपोट्टा (32 वर्ष) के नाम पर था, जो बिहार के कैमूर जिले का निवासी है।

  2. पुलिस की दबिश: पुख्ता सबूत मिलने के बाद दुर्ग पुलिस की एक विशेष टीम को बिहार रवाना किया गया। स्थानीय पुलिस की मदद से सचिन को उसके ठिकाने से हिरासत में लिया गया।

  3. गुनाह कबूल: दुर्ग लाकर की गई कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

दुर्ग साइबर केस: मुख्य विवरण (Crime Report)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
ठगी की राशि ₹1,23,900
आरोपी का नाम सचिन किसपोट्टा (32 वर्ष), जिला कैमूर (बिहार)
थाना क्षेत्र छावनी थाना, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
तरीका (Modus Operandi) गुम मोबाइल से UPI ट्रांसफर
धाराएं 420, 34 भादवि (अब बीएनएस की संगत धाराएं)

पुलिस की जरूरी अपील: सावधान रहें!

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होते ही सबसे पहले अपने सिम कार्ड को ब्लॉक करवाएं और संबंधित बैंक को सूचित करें। आपका मोबाइल सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि आपके बैंक की तिजोरी की चाबी है।

सलाखों के पीछे ठग

सचिन किसपोट्टा की गिरफ्तारी से बिहार-छत्तीसगढ़ के बीच सक्रिय एक छोटे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या उसने अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।