Patna Encroachment Drive : सचिवालय के बाहर फुटपाथ दुकानों पर चला बुलडोजर, मटन-मछली और देसी खाने के परम्परागत ठिकानों पर विजुअल ऐक्शन!
पटना सचिवालय के पास फुटपाथ से फल और मटन-मछली के परम्परागत व्यंजनों की दुकानों को विधिक अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत पूरी तरह साफ करने की यह लाइव विजुअल ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
पटना, 5 जून 2026 – बिहार की प्रशासनिक सत्ता के शीर्ष केंद्र, पटना सचिवालय (Patna Secretariat) अंचल से इस वक्त की एक बेहद ही संवेदनशील, गरमा-गरम और आम जनजीवन को प्रभावित करने वाली बड़ी विजुअल ग्राउंड खबर सामने आ रही है। सचिवालय के मुख्य विधिक द्वारों और आसपास के फुटपाथों पर सालों से काबिज फल, भोजन, मटन, मछली और कोल्ड्रिंक्स के अवैध सिंडिकेट के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ा 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' (Encroachment Drive) चलाया है। बुलेटिन के मुताबिक, इन रेहड़ी-पटरी दुकानों पर बुलडोजर कट्स लगाकर पूरे वीआईपी अंचल को विजुअल रूप से खाली करा दिया गया है। सरकार द्वारा सचिवालय के भीतर कर्मचारियों के लिए आधुनिक 'दीदी की रसोई' (Didi Ki Rasoi) शुरू किए जाने के बावजूद, बाहरी फुटपाथ पर चल रहा यह देसी स्वादों का बाजार सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए पुराना सिरदर्द बना हुआ था। इस त्वरित विधिक रेड के बाद पूरे पटना के वेंडिंग जोन और फुटपाथ दुकानदारों में भारी हड़कंप मच गया है।
अभियान की लाइव इनसाइड स्टोरी: दोपहर का लंच कट्स ठप, रेहड़ी-पटरी हटने से वीआईपी जोन हुआ साफ
सचिवालय अंचल और पटना नगर निगम (Patna Municipal Corporation) के विधिक सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड जानकारी के मुताबिक, इस प्रशासनिक ऐक्शन की क्रोनोलॉजी बेहद कड़क रही है:
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लाइव विजुअल नाकेबंदी: शुक्रवार सुबह प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस बल अचानक सचिवालय के बाहरी रास्तों पर धमक पड़ा। पुलिस को देखते ही ठेले और खोमचे लगाने वाले दुकानदार अपने कट्स सामान समेटकर भागने लगे।
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स्वाद का सिंडिकेट: इन फुटपाथों पर केवल साधारण भोजन ही नहीं, बल्कि भारी मात्रा में मटन, चिकन, मछली, ताजे फल और कोल्ड्रिंक्स के बड़े ठेले लगते थे। सचिवालय में अपनी विधिक फाइलों का काम कराने आने वाले आम लोग और दूर-दराज के फरियादी इन्हीं दुकानों पर बेहद कम दामों में दोपहर का लाइव भोजन करते थे।
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'दीदी की रसोई' का विधिक विकल्प: बिहार सरकार ने सचिवालय के विधिक कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए हाइजीनिक खाने के ढर्रे पर 'दीदी की रसोई' का निर्माण कराया है, ताकि लोग परिसर के अंदर ही स्वच्छ खाना खा सकें। इसी विधिक विकल्प के बाद बाहरी अतिक्रमण को हटाना तय माना जा रहा था।
दुकानदारों के पुनर्वास की मांग तेज, नगर निगम की विधिक गश्त लगातार जारी
इस वक्त की ताजा लाइव स्थिति यह है कि फुटपाथ दुकानदार संघ ने इस विजुअल कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकार से वैकल्पिक वेंडिंग जोन की विधिक मांग तेज कर दी है। दुकानदारों का साफ बयान है कि वे यहाँ कोई अपराध नहीं कर रहे थे, बल्कि अपने परिवार के जीविकोपार्जन के लिए फल और भोजन का परम्परागत व्यापार कर रहे थे। दूसरी ओर, सचिवालय अंचल की सुरक्षा को देखते हुए पक्के कट्स लगा दिए गए हैं और नगर निगम की विधिक गाड़ियां लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं ताकि कोई भी दुकानदार दोबारा अपनी रेहड़ी लाइव न लगा सके।
2026 के इस आधुनिक और स्मार्ट सिटी युग में, जहाँ शहरों का सौंदर्यीकरण बेहद जरूरी है, वहाँ गरीबों की रोजी-रोटी का इस तरह उजड़ना हमारे सामाजिक और प्रशासनिक ढर्रे पर एक बड़ा विजुअल अलर्ट है। इस डार्क सिलसिले को हमेशा के लिए रोकने और शहर को साफ रखने के लिए प्रशासन को इन मटन-मछली और फल विक्रेताओं के लिए एक 'व्यवस्थित फूड स्ट्रीट वेंडिंग जोन' का विधिक निर्माण जल्द से जल्द करना होगा। पटना प्रशासन की इस त्वरित अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के बाद फिलहाल सचिवालय मार्ग पूरी तरह से सन्नाटे और कड़े सुरक्षा घेरे में तब्दील हो चुका है।
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