Prayagraj Blast: प्रयागराज के कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का महाविस्फोट, मलबे में दबे 20 मजदूर
प्रयागराज के फाफामऊ में सपा के पूर्व विधायक अंसार अहमद के कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस रिसाव के बाद भीषण धमाका हुआ है। जमींदोज हुई बहुमंजिला इमारत के मलबे में दबे 20 मजदूरों को निकालने के लिए NDRF और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी। इस खौफनाक हादसे की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
प्रयागराज/संगम नगरी, 23 मार्च 2026 – उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार की दोपहर किसी कयामत से कम नहीं थी। फाफामऊ इलाके में स्थित एक विशाल कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस रिसाव के बाद हुए जोरदार धमाके ने पूरी इमारत को ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया। धमाका इतना शक्तिशाली था कि कई किलोमीटर तक इसकी गूँज सुनाई दी और देखते ही देखते बहुमंजिला कंक्रीट का ढांचा मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। इस हृदयविदारक हादसे में करीब 20 मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है, जबकि राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमें जहरीली गैस और मलबे के बीच जिंदगी की तलाश कर रही हैं। यह कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अंसार अहमद का बताया जा रहा है, जिससे अब इस हादसे के पीछे सुरक्षा मानकों की अनदेखी और रसूख के खेल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ढाई बजे का वो 'ब्लैक आउट': जब मौत ने दी दस्तक
हादसे का वक्त दोपहर करीब 2:30 बजे का था, जब कोल्ड स्टोरेज के भीतर काम पूरी रफ़्तार पर था।
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अचानक धमाका: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले गैस रिसाव की तीखी गंध आई और फिर एक कान फोड़ देने वाला धमाका हुआ। 60 एकड़ में फैला यह परिसर पल भर में धुएं और मलबे के गुबार में छिप गया।
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100 कर्मचारी, 20 लापता: हादसे के वक्त परिसर में 100 से अधिक कर्मचारी मौजूद थे। अधिकांश तो बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन इमारत के मुख्य हिस्से में काम कर रहे 20 लोग सीधे तौर पर मलबे के नीचे दब गए।
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अमोनिया का कहर: मलबे से रह-रहकर उठ रही अमोनिया गैस की गंध रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। राहतकर्मियों को ऑक्सीजन सिलेंडर और मास्क के साथ अंदर दाखिल होना पड़ रहा है।
NDRF-SDRF का मोर्चा: मलबे में 'जिंदगी' की तलाश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल NDRF और SDRF की टीमों को मौके पर बुलाया है।
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भारी मशीनरी: फिलहाल 4 जेसीबी मशीनों और कटर की मदद से भारी लोहे के गाडरों को काटा जा रहा है। मलबे की विशालता इतनी ज्यादा है कि एक-एक पत्थर हटाना चुनौती बना हुआ है।
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मैनेजर हिरासत में: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर और कुछ सीनियर स्टाफ को हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि प्लांट के मेंटेनेंस में लंबे समय से लापरवाही बरती जा रही थी।
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स्थानीय जांबाज: सरकारी टीमों के पहुँचने से पहले स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कई घायलों को मलबे से निकाला और अपने कंधों पर उठाकर अस्पताल पहुँचाया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
प्रयागराज का औद्योगिक इतिहास और 'कोल्ड स्टोरेज' का खतरा
प्रयागराज और आसपास के इलाकों में आलू और अन्य फसलों के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज का बड़ा जाल बिछा है।
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सुरक्षा ऑडिट की कमी: फाफामऊ और थरवई जैसे इलाकों में स्थित पुराने कोल्ड स्टोरेज अक्सर गैस रिसाव की चपेट में आते रहते हैं। पूर्व विधायक अंसार अहमद के इस रसूखदार प्लांट में 'गैस अलार्म' सिस्टम था या नहीं, इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
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इतिहास की पुनरावृत्ति: उत्तर प्रदेश में पहले भी कानपुर और मेरठ में कोल्ड स्टोरेज धमाके हो चुके हैं, लेकिन प्रयागराज की यह घटना प्रशासन की नींद उड़ाने वाली है क्योंकि यह घनी आबादी वाले फाफामऊ के करीब स्थित है।
अगला कदम: मलबे की पूरी सफाई और कानूनी शिकंजा
प्रशासन का पूरा ध्यान फिलहाल 'गोल्डन ऑवर' के भीतर मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है।
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अस्पताल अलर्ट: स्वरूप रानी और पास के अन्य अस्पतालों को 'हाई अलर्ट' पर रखा गया है। डॉक्टरों की विशेष टीमें गैस की चपेट में आए मजदूरों का इलाज कर रही हैं।
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दोषियों पर कार्रवाई: डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि यदि मेंटेनेंस में चूक पाई गई, तो संचालक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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मुआवजे का ऐलान: शासन स्तर पर मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है, लेकिन परिजनों के लिए अभी प्राथमिकता केवल अपनों की सलामती है।
प्रयागराज का यह कोल्ड स्टोरेज धमाका केवल एक तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि उन मजदूरों की जान से खिलवाड़ है जो रसूखदारों के मुनाफा कमाने की मशीन बन कर रह गए हैं। फाफामऊ की हवाओं में घुली अमोनिया की गंध अब धीरे-धीरे आक्रोश में बदल रही है। NDRF का मिशन जारी है, लेकिन क्या हम उन 20 जिंदगियों को बचा पाएंगे जो कंक्रीट के नीचे दफन हैं? पूर्व विधायक अंसार अहमद के इस प्लांट का 'सुरक्षा सर्टिफिकेट' अब जांच की कसौटी पर है। फिलहाल, पूरा प्रयागराज उन दबे हुए मजदूरों के सुरक्षित निकलने की प्रार्थना कर रहा है।
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