Ranchi Heist: सिविल कोर्ट कर्मी के सूने घर का ताला तोड़कर चोरों ने उड़ाया कैश और जेवर, चतरा में था परिवार
रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में चतरा सिविल कोर्ट के कर्मचारी मनोज कुमार गुप्ता के बंद घर का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने नकद और कीमती जेवर उड़ा लिए हैं। पुलिस जांच और प्राथमिकी दर्ज होने की पूरी लाइव रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची, 25 मई 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के पॉश और व्यस्त रिहायशी इलाकों में शुमार सुखदेवनगर थाना क्षेत्र से चोरी की एक बेहद सनसनीखेज और हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ अज्ञात शातिर चोरों ने एक बंद पड़े घर को अपना निशाना बनाते हुए मुख्य दरवाजे का ताला चटकाया और भीतर रखी अलमारी, लॉकर व अटैची को तोड़कर भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के पुश्तैनी जेवर और कीमती सामान समेटकर रफूचक्कर हो गए। इस बड़ी चोरी को लेकर पीड़ित गृहस्वामी मनोज कुमार गुप्ता ने सुखदेवनगर थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ लिखित प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। पीड़ित मनोज कुमार गुप्ता वर्तमान में चतरा सिविल कोर्ट में कार्यरत हैं। घटना के वक्त पूरा परिवार घर से बाहर था, जिसका फायदा उठाकर अपराधियों ने इस सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में पुलिस गश्त को धता बताते हुए इस बड़ी हेइस्ट (Heist) को अंजाम दिया। घटना के बाद से ही सुखदेवनगर के स्थानीय निवासियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश और डर का माहौल देखा जा रहा है।
वारदात की दास्तां: खाली घर की रेकी, टूटे लॉकर और अलमारी में बिखरा पड़ा था पूरा संसार
सुखदेवनगर थाना पुलिस और पीड़ित कोर्ट कर्मचारी के परिवार से मिली लाइव और ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह चोरी किसी पेशेवर गिरोह द्वारा पूरी रेकी करने के बाद अंजाम दी गई है।
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चतरा में ड्यूटी पर थे मनोज: पीड़ित मनोज कुमार गुप्ता ने पुलिस को बताया कि वे चतरा सिविल कोर्ट में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, जबकि उनकी पत्नी बच्चों के साथ कुछ दिनों के लिए अपने मायके गई हुई थीं। पूरा घर पूरी तरह से लॉक और सुनसान था।
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छुट्टी के बाद लौटे तो खुला सच: जब मनोज कुमार गुप्ता अपनी छुट्टियों के बाद रांची स्थित घर लौटे, तो मुख्य प्रवेश द्वार का ताला जमीन पर टूटा पड़ा मिला। घर के भीतर कदम रखते ही पूरे परिवार के होश उड़ गए। अंदर कमरों में कपड़े, डिब्बे और कागजात फर्श पर बिखरे पड़े थे।
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लॉकर और पूजा घर तक खंगाला: चोरों ने बेहद शातिराना तरीके से घर के बेडरूम में रखी मुख्य लोहे की अलमारी, वीआईपी अटैचियां, लॉकर और यहाँ तक कि घर के पवित्र पूजा घर की अलमारी को भी कटर और रॉड से तोड़ डाला था। पीड़ित के अनुसार, अलमारी में रखे करीब 18 हजार रुपये कैश, सोने के कान का कीमती सेट, चांदी के भारी आभूषण, महंगी साड़ियां और कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब थे।
प्रशासनिक रुख: फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की टीम पहुंची, सीसीटीवी फुटेज से चोरों का रूट ट्रैक
सुखदेवनगर थाना प्रभारी ने वारदात की सूचना मिलते ही एक विशेष खोजी दस्ते के साथ घटनास्थल का मुआयना किया।
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फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वायड की मदद: पुलिस ने अलमारी और मुख्य दरवाजे के हैंडल से चोरों के फिंगरप्रिंट्स के नमूने लिए हैं। इसके साथ ही सुखदेवनगर के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर लगे नगर निगम के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
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स्थानीय कबाड़ियों और संदिग्धों से पूछताछ: पुलिस ने इलाके के पुराने अपराधियों और रात के समय सक्रिय रहने वाले संदिग्ध गिरोहों की लिस्ट निकालकर धरपकड़ शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही चोरों को माल समेत दबोच लिया जाएगा।
कॉलोनियों में डिजिटल सर्विलांस, 'पड़ोसी वॉच' सिस्टम और पुलिस गश्त का आधुनिकीकरण समय की मांग
सुखदेवनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी शुरुआती छानबीन तो तेज कर दी है, लेकिन राजधानी के एक व्यस्त रिहायशी इलाके में सिविल कोर्ट कर्मी के घर इस तरह की बेखौफ चोरी होना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। जब जिला प्रशासन को पता है कि गर्मी के मौसम में लोग बाहर जाते हैं, तो सुखदेवनगर जैसी कॉलोनियों में नाइट-पेट्रोलिंग (रात्रि गश्त) को पीसीआर वैन के जरिए क्यों नहीं बढ़ाया गया। केवल पारंपरिक पुलिसिंग से काम नहीं चलेगा। अब समय आ गया है कि मोहल्ला समितियों के साथ मिलकर 'नेबरहुड वॉच' (पड़ोसी सुरक्षा नेटवर्क) को मजबूत किया जाए और हर लेन में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया जाए ताकि कोई भी अज्ञात अपराधी शहर की अमन-चैन में सेंध न लगा सके।
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