Bodam Crash: ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराकर नीमडीह के माझी बाबा बलराम बास्के की दर्दनाक मौत, सासांगडीह में मची चीख-पुकार, एमजीएम अस्पताल में मातम
बोड़ाम थाना क्षेत्र के सासांगडीह गांव के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार नीमडीह के माझी बाबा बलराम बास्के की ट्रैक्टर ट्रॉली के चक्के की चपेट में आने से मौत हो गई है। थाना प्रभारी नीरज कुमार के बयान और पुलिस कार्रवाई की पूरी लाइव रिपोर्ट यहाँ देखें।
बोड़ाम/जमशेदपुर, 25 मई 2026 – पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिले के ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बोड़ाम थाना क्षेत्र के सासांगडीह गांव के पास रविवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक और रूह कँपा देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर अपने आगे चल रहे खाली ट्रैक्टर की ट्रॉली से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दूर जा गिरा और सीधे ट्रैक्टर ट्रॉली के भारी-भरकम चक्के की चपेट में आ गया। इस दिल दहला देने वाली घटना में बाइक सवार गंभीर रूप से कुचल गया। घटना की सूचना मिलते ही बोड़ाम थाना पुलिस तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में पीड़ित को जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) अस्पताल पहुंचाया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत बाड़ेदा टोला सियालगोड़ा निवासी 43 वर्षीय माझी बाबा बलराम बास्के के रूप में हुई है। इस असमय मौत के बाद पूरे नीमडीह और बोड़ाम सीमा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
वारदात की दास्तां: रविवार सुबह 10 बजे का वो काल, अनियंत्रित स्पीड और ट्रॉली के नीचे थम गईं सांसें
बोड़ाम थाना पुलिस और सासांगडीह के प्रत्यक्षदर्शियों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह दुर्घटना रविवार सुबह करीब 10:00 बजे की है जब सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सामान्य थी।
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बोड़ाम की ओर जा रहे थे माझी बाबा: सियालगोड़ा के सम्मानित सामाजिक अगुआ 'माझी बाबा' बलराम बास्के रविवार सुबह अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर किसी निजी काम से घर से बोड़ाम बाजार की ओर निकले थे।
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अचानक सामने आया खाली ट्रैक्टर: सासांगडीह गांव के पास नीमडीह-बोड़ाम की सीमा पर आगे-आगे एक खाली ट्रैक्टर-ट्रॉली बाड़ेदा की ओर जा रहा था। इसी दौरान ढलान और तीखे मोड़ पर बलराम बास्के की बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे ट्रैक्टर की लोहे की ट्रॉली के पिछले हिस्से से जा टकराई।
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एमजीएम में टूटा दुखों का पहाड़: हादसे के बाद बोड़ाम पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए घायल को अस्पताल भेजा, लेकिन सिर और छाती में गंभीर आंतरिक चोटें आने के कारण उन्होंने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर दोनों को जब्त कर थाने ले आई है।
प्रशासनिक रुख: पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा, स्थानीय मुखिया ने बंधाया ढांढस
बोड़ाम थाना प्रभारी नीरज कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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थाना प्रभारी का आधिकारिक बयान: थाना प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि ट्रैक्टर सासांगडीह से बाड़ेदा की ओर जा रहा था और बाइक सवार विपरीत दिशा से आ रहे थे। शव का पंचनामा कर एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए रोते-बिलखते परिजनों को सौंप दिया गया है।
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गाँव में पसरा मातम: माझी बाबा के निधन की खबर सुनते ही स्थानीय मुखिया वरुण सिंह तुरंत मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर इस दुख की घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया और सरकारी मुआवजे की प्रक्रिया पूरी कराने का आश्वासन दिया।
ग्रामीण रूटों पर स्पीड गवर्नर और ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य करना समय की मांग
बोड़ाम थाना पुलिस ने ट्रैक्टर और बाइक को जब्त कर कानूनी कार्रवाई तो शुरू कर दी है, लेकिन माझी बाबा बलराम बास्के की इस दर्दनाक मौत ने ग्रामीण परिवहन सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है। केवल दुर्घटना के बाद केस दर्ज करना काफी नहीं है। जिला परिवहन विभाग (DTO) और ग्रामीण पुलिस को तुरंत बोड़ाम-नीमडीह और पटमदा के अंदरूनी मार्गों पर चलने वाले सभी ट्रैक्टरों की फिटनेस जांच का एक विशेष अभियान चलाना चाहिए। बिना कमर्शियल लाइसेंस और बिना रिफ्लेक्टर (Reflector) के सड़कों पर दौड़ने वाले ट्रैक्टरों पर भारी जुर्माना लगाना होगा। इसके साथ ही, ग्रामीण युवाओं और बाइक सवारों को हेलमेट पहनने और गति सीमा को नियंत्रित रखने के लिए जागरूक करना होगा, ताकि कोल्हान के इन पारंपरिक और गौरवशाली सामाजिक नायकों को सड़कों पर असमय दम न तोड़ना पड़े।
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