Sarla Maheshwari Passes Away : दूरदर्शन की 'गोल्डन वॉइस' सरला माहेश्वरी का निधन, टीवी पत्रकारिता के एक गौरवशाली युग का अंत, निगम बोध घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

दूरदर्शन की सबसे प्रतिष्ठित समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी के निधन और टीवी पत्रकारिता के उस 'स्वर्ण युग' की अनकही यादों की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप भारतीय मीडिया के उस सबसे विश्वसनीय चेहरे की विदाई के पलों से अनजान रह जाएंगे।

Feb 12, 2026 - 17:51
Feb 12, 2026 - 17:51
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Sarla Maheshwari Passes Away : दूरदर्शन की 'गोल्डन वॉइस' सरला माहेश्वरी का निधन, टीवी पत्रकारिता के एक गौरवशाली युग का अंत, निगम बोध घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
Sarla Maheshwari Passes Away : दूरदर्शन की 'गोल्डन वॉइस' सरला माहेश्वरी का निधन, टीवी पत्रकारिता के एक गौरवशाली युग का अंत, निगम बोध घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

नयी दिल्ली, 12 फरवरी 2026 – भारतीय टेलीविजन जगत के लिए आज का दिन एक अत्यंत दुखद समाचार लेकर आया है। 1980 और 90 के दशक में अपनी सौम्य आवाज़, सादगी और सटीक हिंदी उच्चारण से करोड़ों दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली सरला माहेश्वरी अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनके निधन की खबर ने उन यादों को ताजा कर दिया है जब 'दूरदर्शन' पर समाचार सुनना एक संस्कार और विश्वास का प्रतीक हुआ करता था। परिवार के अनुसार, सरला जी का अंतिम संस्कार आज 12 फरवरी को शाम 4 बजे दिल्ली के निगम बोध घाट पर सजल आंखों के साथ कर दिया गया।

सादगी और साख का दूसरा नाम

सरला माहेश्वरी उस दौर की प्रतिनिधि थीं जब टीवी स्क्रीन पर एंकर की 'गरिमा' और 'शब्दों की शुद्धता' को ही सबसे बड़ी प्राथमिकता दी जाती थी।

  • शालीन प्रस्तुति: उनकी शांत आवाज़ और संयमित अंदाज दर्शकों को खबर की गहराई का अहसास कराता था।

  • अंतिम श्रद्धांजलि: दूरदर्शन ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर भावुक संदेश साझा करते हुए उन्हें एक ऐसी शख्सियत बताया जिसने समाचार जगत में एक विशेष और अटूट स्थान बनाया।

  • प्रेरणा पुंज: ऑल इंडिया महिला कांग्रेस सहित कई दिग्गज संस्थानों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उनकी विश्वसनीयता आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक बेंचमार्क रहेगी।

वो दौर जब एंकर ही खबर की 'गारंटी' थे

आज के शोर-शराबे वाले समाचार बुलेटिनों के विपरीत, सरला माहेश्वरी का अंदाज दर्शकों को भरोसा दिलाता था। उनके उच्चारण में हिंदी की वो मिठास थी जिसे सुनकर लोग अपनी भाषा सुधारते थे। उनका जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि पत्रकारिता के उस 'गोल्डन एरा' का अंत है जहाँ साख को टीआरपी से ऊपर रखा जाता था।

सरला माहेश्वरी: एक नजर (Life at a Glance)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
मुख्य पहचान प्रतिष्ठित समाचार वाचिका, दूरदर्शन (DD News)
प्रसिद्धि का दौर 1980 और 1990 का दशक
विशेषता सटीक हिंदी उच्चारण, सादगी और शालीनता
अंतिम विदाई 12 फरवरी 2026, निगम बोध घाट, दिल्ली
श्रद्धांजलि दूरदर्शन परिवार और महिला कांग्रेस द्वारा नमन

देशभर से उमड़ी संवेदनाएं

सोशल मीडिया पर सरला जी के पुराने वीडियो क्लिप्स साझा कर लोग उन्हें याद कर रहे हैं। कई पुराने दर्शकों का कहना है कि उनकी आवाज़ सुनते ही बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं। दूरदर्शन परिवार ने अपने संदेश में कहा कि उनकी सौम्य प्रस्तुति ने भारतीय समाचार जगत में एक ऐसा मानक स्थापित किया है, जिसे छूना आज के दौर में कठिन है।

सदा गूँजती रहेगी वो आवाज़

सरला माहेश्वरी भले ही भौतिक रूप से हमारे बीच न हों, लेकिन टीवी पत्रकारिता के इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। उनकी सादगी और स्पष्टवादिता आने वाले पत्रकारों के लिए हमेशा एक मार्गदर्शक की तरह काम करेगी।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।