Bihar Exam: हथकड़ी पहनकर पेपर देने पहुंचे कैदी छात्र, बिहार बोर्ड परीक्षा के पहले दिन जहानाबाद से बेगूसराय तक मची अफरा-तफरी, कहीं हिजाब तो कहीं जूते उतरवाए
बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा के पहले दिन की सबसे चौंकाने वाली रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। जहानाबाद में हथकड़ी पहनकर परीक्षा देते छात्र और बेगूसराय में छात्राओं के आंसुओं का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप बिहार की इस सबसे बड़ी परीक्षा की इनसाइड स्टोरी जानने से चूक जाएंगे।
पटना, 2 फरवरी 2026 – बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की इंटरमीडिएट परीक्षा आज से शुरू हो गई, लेकिन पहले ही दिन बिहार के विभिन्न जिलों से ऐसी तस्वीरें सामने आईं जिन्होंने सबको हैरान कर दिया। 13 फरवरी तक चलने वाले इस महाकुंभ में करीब 13 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। जहानाबाद में जहाँ पुलिस कस्टडी में हथकड़ी लगाए दो छात्र परीक्षा केंद्र पहुँचे, वहीं पटना और बेगूसराय में सख्ती और आंसुओं का दौर देखने को मिला। कड़े सुरक्षा घेरे और 'जूता-मोजा' पाबंदी के बीच शुरू हुई इस परीक्षा ने पहले ही दिन कई अनकही कहानियों को जन्म दे दिया है।
जहानाबाद का 'अजीब' नजारा: सलाखों से डेस्क तक का सफर
सोमवार को जहानाबाद जिले के रतनी प्रखंड स्थित शकूराबाद परीक्षा केंद्र पर लोग तब दंग रह गए जब पुलिस की गाड़ी से दो युवक उतरे। उनके हाथों में हथकड़ियाँ थीं और पीछे राइफलधारी पुलिस जवान।
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जुनून की जीत: ये दोनों युवक हत्या या अन्य किसी मामले के आरोपी हैं, लेकिन उनके भीतर पढ़ने का जज्बा जिंदा है।
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कड़ी सुरक्षा: केंद्र अधीक्षक ने गहन तलाशी के बाद उन्हें विशेष निगरानी में परीक्षा देने की अनुमति दी। हाथों में हथकड़ी और सामने बायोलॉजी का पेपर—यह दृश्य शिक्षा के प्रति बिहार के अनोखे जुनून को बयां कर रहा था।
बेगूसराय और नालंदा: गेट बंद और छात्राओं के आंसू
परीक्षा केंद्रों पर समय की पाबंदी इस बार 'विलेन' बनकर उभरी। सुबह 9 बजे जैसे ही गेट बंद हुए, कई जिलों में अफरा-तफरी मच गई।
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बेगूसराय की रुलाई: बेगूसराय में कुछ छात्राएं महज 2 मिनट की देरी से पहुँचीं, लेकिन नियमों की सख्ती के कारण उन्हें एंट्री नहीं मिली। छात्राएं गेट के बाहर फूट-फूटकर रोती नजर आईं।
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दीवार फांदने का जोखिम: नालंदा में कुछ परीक्षार्थी इतने हताश थे कि वे जान जोखिम में डालकर ऊँची दीवारें और लोहे के गेट फांदकर अंदर घुसते देखे गए।
बिहार इंटर परीक्षा 2026: एक नज़र (Key Stats)
| विवरण | आंकड़े / जानकारी |
| कुल परीक्षार्थी | 13,17,846 |
| कुल केंद्र | 1,762 (पूरे बिहार में) |
| छात्राओं की संख्या | 6,75,844 (छात्रों से अधिक) |
| पहले दिन के विषय | पहली पाली: बायोलॉजी, दूसरी पाली: इकोनॉमिक्स |
| सुरक्षा प्रोटोकॉल | जूता-मोजा प्रतिबंधित, सीसीटीवी निगरानी |
पटना और गोपालगंज: हिजाब और जूतों पर सख्ती
पटना के शास्त्रीनगर केंद्र पर तब विवाद की स्थिति बनी जब सुरक्षा जांच के नाम पर कुछ मुस्लिम छात्राओं का हिजाब उतरवाने का प्रयास किया गया। वहीं, ठंड के बावजूद गोपालगंज और जमुई में छात्रों के जूते और बेल्ट उतरवा लिए गए। कई छात्र नंगे पाँव ठंडे फर्श पर बैठकर परीक्षा देते दिखे। हालांकि, मॉडल केंद्रों पर माहौल इसके विपरीत था; वहां छात्राओं का स्वागत तिलक और फूलों से किया गया, जिससे उन्हें तनावमुक्त वातावरण मिला।
बायोलॉजी का पेपर रहा आसान
तमाम विवादों और सख्ती के बीच राहत की खबर यह रही कि बायोलॉजी का पेपर सिलेबस के भीतर से ही आया था। बाहर निकले छात्रों के चेहरों पर खुशी थी। अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में बिहार बोर्ड इस परीक्षा को कितनी शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करा पाता है।
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