Ratu Elephant Attack: रांची के रातू में जंगली हाथी का तांडव, मजदूर सुबोध खलखो को कुचला, पाली गांव में मौत का तांडव जारी
रांची के रातू थाना क्षेत्र के पाली गांव में एक जंगली हाथी ने 36 वर्षीय मजदूर सुबोध खलखो को कुचलकर मार डाला है। वन विभाग की टीम और पुलिस मौके पर तैनात है। हाथी के खौफ और इलाके की मौजूदा स्थिति की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है।
रांची, 2 मार्च 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर गजराज का कहर टूटा है। रातू थाना क्षेत्र के पाली गांव में सोमवार की सुबह एक जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया और एक मासूम मजदूर की जान ले ली। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पिछले 48 घंटों से हाथी के मूवमेंट की खबरें आ रही थीं, लेकिन समय रहते ठोस कदम न उठाए जाने का खामियाजा एक परिवार को अपना चिराग खोकर भुगतना पड़ा।
मजदूर की दर्दनाक मौत: सुबोध को भागने का मौका नहीं मिला
मृतक की पहचान 36 वर्षीय सुबोध खलखो के रूप में हुई है। सुबोध पेशे से मजदूर थे और सोमवार की सुबह अपने दैनिक कार्यों के लिए निकले थे।
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अचानक हमला: जैसे ही सुबोध पाली गांव के पास पहुंचे, झाड़ियों से निकलकर हाथी सीधे उनके सामने आ गया। सुबोध को संभलने या भागने का मौका भी नहीं मिला।
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कुचलकर मार डाला: हाथी ने सुबोध को अपनी चपेट में ले लिया और जमीन पर पटककर कुचल दिया। भारी शरीर के नीचे दबने और गंभीर चोटें आने के कारण सुबोध ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
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ग्रामीणों में आक्रोश: घटना के बाद पाली गांव के लोग आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को पहले ही हाथी की मौजूदगी की जानकारी दी गई थी।
दो दिन से घूम रहा था 'दंतैल': वन विभाग की सुस्ती पड़ी भारी
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह हाथी अकेला नहीं था बल्कि पिछले दो दिनों से इलाके के आसपास मंडरा रहा था:
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हटिया और चित्तरकोटा: शनिवार और रविवार को इस हाथी को हटिया और चित्तरकोटा पतरा के जंगलों में देखा गया था।
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गांव की ओर रुख: सोमवार तड़के हाथी ने रिहाइशी इलाके पाली गांव की ओर रुख किया, जहाँ सुबोध इसकी चपेट में आ गए।
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वन विभाग की टीम: हादसे के बाद रातू थाना पुलिस और वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे हैं। हाथी को वापस जंगल की ओर खदेड़ने के लिए टॉर्च और पटाखों का सहारा लिया जा रहा है।
रातू हाथी हमला: मुख्य विवरण
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स्थान: पाली गांव, रातू थाना क्षेत्र (रांची)
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मृतक: सुबोध खलखो (36 वर्ष, मजदूर)
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हाथी की स्थिति: पिछले दो दिनों से सक्रिय, फिलहाल बेकाबू
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प्रशासनिक दल: रातू पुलिस और वन विभाग मौके पर मौजूद
प्रशासन की चेतावनी: "घरों से बाहर न निकलें"
हाथी के अभी भी इलाके में मौजूद होने की संभावना को देखते हुए वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है।
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अपील: ग्रामीणों से कहा गया है कि वे शाम ढलने के बाद अकेले बाहर न निकलें और कच्चे घरों में रहने वाले लोग विशेष सावधानी बरतें।
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सेल्फी का शौक पड़ सकता है भारी: अक्सर देखा गया है कि लोग हाथी को देखने के लिए भीड़ जमा कर लेते हैं या फोटो खींचने की कोशिश करते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
मुआवजे और सुरक्षा की मांग
सुबोध खलखो की मौत के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और हाथी को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर सुरक्षित स्थान पर ले जाने की मांग की है। रातू पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है।
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