Ranchi Wildlife Crime: होटल नटराज से मॉनिटर लिजार्ड के 30 अंग बरामद, पिता-पुत्र समेत तीन गिरफ्तार

होटल नटराज में मॉनिटर लिजार्ड के 30 अंग बरामद, पिता-पुत्र समेत तीन गिरफ्तार, अंधविश्वास और तांत्रिक गतिविधियों के लिए होती थी तस्करी।

May 15, 2026 - 13:53
 0
Ranchi Wildlife Crime: होटल नटराज से मॉनिटर लिजार्ड के 30 अंग बरामद, पिता-पुत्र समेत तीन गिरफ्तार
Ranchi Wildlife Crime: होटल नटराज से मॉनिटर लिजार्ड के 30 अंग बरामद, पिता-पुत्र समेत तीन गिरफ्तारRanchi Wildlife Crime: होटल नटराज से मॉनिटर लिजार्ड के 30 अंग बरामद, पिता-पुत्र समेत तीन गिरफ्तारRanchi Wildlife Crime: होटल नटराज से मॉनिटर लिजार्ड के 30 अंग बरामद, पिता-पुत्र समेत तीन गिरफ्तारRanchi Wildlife Crime: होटल नटराज से मॉनिटर लिजार्ड के 30 अंग बरामद, पिता-पुत्र समेत तीन गिरफ्तारRanchi Wildlife Crime: होटल नटराज से मॉनिटर लिजार्ड के 30 अंग बरामद, पिता-पुत्र समेत तीन गिरफ्तारRanchi Wildlife

Ranchi Big Action: राजधानी रांची में मॉनिटर लिजार्ड के अंगों की कथित तस्करी के आरोप में वन विभाग और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो ने मेन रोड स्थित एक होटल से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में बाप, बेटा और एक अन्य शामिल हैं।

गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी

वन विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, ब्यूरो को गुप्त सूचना मिली थी कि डेली मार्केट स्थित होटल नटराज में कुछ लोग मॉनिटर लिजार्ड के अंगों की अवैध खरीद-बिक्री के लिए ठहरे हुए हैं। सूचना के आधार पर गठित टीम ने गुरुवार को होटल में छापेमारी की।

होटल के कमरे से 30 अंग बरामद

जांच के दौरान होटल के कमरा नंबर 203 में काले रंग के प्लास्टिक बैग से मॉनिटर लिजार्ड के 30 कथित 'हत्था जोड़ी' अंग बरामद किए गए।

तीनों ने जानकारी होने से किया इनकार

मौके पर मौजूद तीनों लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन उन्होंने बरामद सामान के संबंध में जानकारी होने से इनकार किया।

पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं आरोपी

होटल प्रबंधन ने बताया कि कमरा नंबर 203 और 206, पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर निवासी विष्णु कुमार गुप्ता के नाम पर 13 मई 2026 से बुक था।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

वन विभाग ने बताया कि आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह अपराध संज्ञेय और दंडनीय श्रेणी में आता है।

अंधविश्वास और तांत्रिक गतिविधियों के लिए होती थी तस्करी

मॉनिटर लिजार्ड के अंगों की तस्करी अक्सर अंधविश्वास और तांत्रिक गतिविधियों से जोड़कर की जाती है। भारत में यह जीव संरक्षित श्रेणी में शामिल है।

मॉनिटर लिजार्ड क्या होता है?

मॉनिटर लिजार्ड (Monitor Lizard) को 'गोह' या 'विषखोपड़ा' भी कहा जाता है। यह वरानिडे (Varanidae) परिवार की एक बड़ी और शक्तिशाली मांसाहारी छिपकली है। यह मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया में पाई जाती है।

आपकी राय क्या है – क्या वन्यजीवों के अंगों की तस्करी रोकने के लिए और सख्त कानून बनने चाहिए? कमेंट में बताएं।
इस खबर को शेयर करें, ताकि लोग वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक हो सकें।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।