Bilaspur First Prize: 'जीवनधारा नमामि गंगे' में छत्तीसगढ़ ने मारी बाजी, डॉ. राम रतन श्रीवास को नेपाल-कनाडा का अतिरिक्त प्रभार
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर को मिला राष्ट्रीय जल महोत्सव में प्रथम स्थान, डॉ. राम रतन श्रीवास को नेपाल अतिरिक्त प्रभार, विदेशों में गूंजी भारतीय संस्कृति।
Bilaspur Big Honour: जीवनधारा नमामि गंगे के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरिओम शर्मा के द्वारा राष्ट्रीय जल महोत्सव महा अभियान के तहत पूरे देश में कार्य की समीक्षा की गई। इस समीक्षा में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर को प्रथम स्थान की घोषणा की गई। टीम को बहुत-बहुत बधाई।
नेपाल और कनाडा में गूंजी जीवनधारा की लहर
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ उत्तर जोनल प्रभारी डॉ. राम रतन श्रीवास 'राधे राधे' के प्रतिभा, कार्य लगन, निःस्वार्थ सेवा, समर्पण भाव, जल संरक्षण, वायु संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के अप्रतिम योगदान को देखते हुए उन्हें नेपाल का को-ऑर्डिनेटर (समन्वयक) का अतिरिक्त प्रभार दायित्व दिया गया।
एक साहित्यकार, अधिकारी और पर्यावरण प्रेमी की कहानी
डॉ. राम रतन श्रीवास 'राधे राधे' की उपलब्धियों की सूची लंबी है:
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पशुपतिनाथ भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के ब्रांड एम्बेसडर
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काव्य रसिक संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री
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भारतोदय लेखक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
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कन्नौजिया श्रीवास समाज साहित्य मंच के अध्यक्ष
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इसके साथ ही भारतीय रेलवे में भी कार्यरत हैं।
ओमान से आए डॉ. राकेश कुमार झा ने की सराहना
कार्यक्रम में ओमान से आए हुए डॉ. राकेश कुमार झा (फारेन इनवेस्टमेंट कमिटी के वाइस चेयरमैन) और उनकी टीम ने जीवनधारा नमामि गंगे के कार्यक्रम में शामिल होकर इसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की। यह एक संकेत है कि यह संस्था अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार कर रही है और विदेशों में रह रहे भारतीयों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
बिलासपुर का प्रथम स्थान
यह पहली बार नहीं है जब छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण में देश का ध्यान आकर्षित किया हो। राज्य ने 'नरवा, गरवा, घुरवा, बारी' (नरवा योजना) से पूरे देश में नाम कमाया है। इस बार बिलासपुर शहर ने साबित कर दिया है कि जल संरक्षण और मिशन नमामि गंगे सिर्फ सरकारी योजनाओं का विषय नहीं है, बल्कि जन-भागीदारी का सबसे अच्छा उदाहरण है।
डॉ. हरिओम शर्मा ने इन नेताओं की की प्रशंसा
कार्यक्रम में डॉ. हरिओम शर्मा ने छत्तीसगढ़ दक्षिण जोनल प्रभारी डॉ. सुषमा पांड्या, प्रदेश अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, उमेश रस्तोगी, एवं बिलासपुर जिला महासचिव श्रीमती पद्मजा सिन्हा, जिला अध्यक्ष गौरी कश्यप, शिला शर्मा, सरिता श्रीवास्तव, रिजवान परवीन इत्यादि की उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशंसा की।
वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश
डॉ. 'राधे राधे' ने कहा कि जीवनधारा नमामि गंगे में यथार्थ जीवन की भारतीय संस्कृति, परंपरा, विश्व धरोहर, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वायु संरक्षण, स्वच्छता अभियान को सहेज कर रखना ही मूल उद्देश्य है। उन्होंने वसुधैव कुटुम्बकम् की बात कही, जिससे जन-जीवन खुशहाल हो सके।
धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव
यह देखना बेहद उत्साहवर्धक है कि एक छोटे से शहर बिलासपुर की टीम आज नेपाल, कनाडा और ओमान तक अपनी पहचान बना रही है। संस्था ने गंगा नदी संरक्षण और प्राचीन भारतीय जल-परंपरा के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ वैश्विक भारतीय समुदाय को जोड़ने का काम किया है।
आपकी राय क्या है – क्या बिलासपुर को मिला यह प्रथम स्थान जल संरक्षण मॉडल के रूप में दूसरे जिलों के लिए प्रेरणा बन सकता है? कमेंट में बताएं।
अगर आप भी अपने शहर में जल संरक्षण से जुड़े किसी प्रयास से जुड़ना चाहते हैं, तो जीवनधारा नमामि गंगे से संपर्क करें।
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