Ranchi Census 2027: 1 मई से शुरू होगी स्वगणना, OTP मांगने वालों से रहें सावधान, ग्रामीण इलाकों में शिक्षक करेंगे काम
1 से 15 मई तक होगी स्वगणना (Self Enumeration), घरों का सूचीकरण और जनगणना दो चरणों में, सावधान: OTP नहीं मांगा जाएगा, ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक करेंगे काम।
Ranchi Big Announcement: आगामी जनगणना 2027 को लेकर रांची नगर निगम (RMC) ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार की जनगणना डिजिटल और सेल्फ एन्युमरेशन पर आधारित होगी। निगम ने नागरिकों के लिए 1 मई से 15 मई 2026 के बीच स्वगणना की सुविधा उपलब्ध कराई है।
दो चरणों में होगी जनगणना प्रक्रिया
अधिकारियों ने प्रेस वार्ता में बताया कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न होगी:
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पहला चरण (हाउस लिस्टिंग): मकानों का सूचीकरण किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक घर से संबंधित बुनियादी जानकारियाँ एकत्रित की जाएंगी।
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दूसरा चरण (जनसंख्या गणना): जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी ली जाएगी, जैसे आयु, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय आदि।
1 से 15 मई तक खुद दर्ज करें अपनी जानकारी
नगर निगम ने बताया कि नागरिकों की सुविधा के लिए 1 मई से 15 मई 2026 तक स्वगणना (Self Enumeration) की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस अवधि के दौरान नागरिक ऑनलाइन माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और सटीक होगी।
OTP या कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा, सावधान रहें
प्रशासन ने नागरिकों को साइबर ठगी से सावधान रहने की चेतावनी दी है। निगम ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान किसी भी प्रकार का कोई भौतिक दस्तावेज या OTP नहीं मांगा जाएगा। अगर कोई जनगणना के नाम पर OTP मांगता है, तो उसे साझा न करें। यह एक धोखाधड़ी हो सकती है।
ग्रामीण और नेटवर्क विहीन क्षेत्रों के लिए शिक्षकों की तैनाती
डिजिटल माध्यम के अलावा, निगम ने ग्रामीण और नेटवर्क विहीन इलाकों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। ऐसे क्षेत्रों में शिक्षकों की टीम तैनात की जाएगी। ये शिक्षक घर-घर जाकर जनगणना का कार्य पूरा करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी नागरिक की जानकारी प्रक्रिया से बाहर न रहे।
कैसे बदली जनगणना की तकनीक?
रांची में जनगणना का पुराना इतिहास रहा है। 1951 में स्वतंत्रता के बाद पहली बार जनगणना हुई थी, जो पूरी तरह कागजी थी। 1991 तक जनगणना में फॉर्म भरने में कई महीने लग जाते थे। 2011 में टेक्नोलॉजी का प्रारंभिक उपयोग हुआ। 2021 (जो कोविड के कारण टाला गया) में डिजिटल टूल्स आए, पर अभी भी बहुत सारे मैन्युअल काम थे। अब 2027 की जनगणना पूरी तरह डिजिटल-फर्स्ट है। यह एक ऐतिहासिक बदलाव है, जिसमें सेल्फ एन्युमरेशन जैसी सुविधा पहली बार दी जा रही है।
नेटवर्क समस्या वाले इलाकों का विशेष ध्यान
जिन इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है या मोबाइल नेटवर्क कमजोर है, वहां शिक्षकों की टीम कार्य करेगी। ये शिक्षक घर-घर जाकर पेन-पेपर पर फॉर्म भरेंगे, जिन्हें बाद में डिजिटल फीड किया जाएगा। नगर निगम ने इन शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं।
मेयर रोशनी खलखो और डिप्टी मेयर नीरज कुमार ने की अगुवाई
बुधवार को निगम कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मेयर रोशनी खलखो, डिप्टी मेयर नीरज कुमार, नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, संयुक्त निदेशक और रांची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने नागरिकों से इस राष्ट्रीय कार्य में पूर्ण सहयोग करने की अपील की।
कैसे करें स्वगणना में भागीदारी?
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1 मई 2026 को RMC का आधिकारिक पोर्टल लॉन्च होगा।
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पोर्टल पर जाकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP वेरिफिकेशन करें (सिर्फ पोर्टल तक पहुंच के लिए)।
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इसके बाद घर के सदस्यों की जानकारी भरें (ना कोई OTP मांगा जाएगा, ना कोई दस्तावेज)।
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अगर आप ऑनलाइन नहीं कर सकते, तो इंतजार करें – शिक्षक आपके घर आएंगे।
आपकी राय क्या है – क्या 2027 की ‘सेल्फ एन्युमरेशन’ जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाएगी या ग्रामीण इलाकों में डिजिटल डिवाइड बाधा बनेगा? कमेंट में बताएं।
अगर कोई आपको जनगणना के नाम पर OTP मांगे तो तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) या स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।
इस खबर को शेयर करें, ताकि रांची के सभी नागरिक जनगणना प्रक्रिया के बारे में जागरूक हो सकें और फर्जीवाड़े से बच सकें।
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