Assam Politics: छात्र राजनीति से सीएम की कुर्सी तक हिमंत का सफर, कांग्रेस छोड़ भाजपा को बनाया पूर्वोत्तर का अजेय किला

असम की राजनीति के बेताज बादशाह हिमंत बिस्व सरमा के छात्र नेता से मुख्यमंत्री बनने तक की पूरी कहानी यहाँ देखें। राहुल गांधी से नाराजगी और भाजपा में 'नेडा' के चाणक्य बनने के उन अनसुने पहलुओं को जानें जिसने पूर्वोत्तर का राजनीतिक नक्शा बदल दिया।

May 4, 2026 - 14:42
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Assam Politics: छात्र राजनीति से सीएम की कुर्सी तक हिमंत का सफर, कांग्रेस छोड़ भाजपा को बनाया पूर्वोत्तर का अजेय किला
Assam Politics: छात्र राजनीति से सीएम की कुर्सी तक हिमंत का सफर, कांग्रेस छोड़ भाजपा को बनाया पूर्वोत्तर का अजेय किला

गुवाहाटी/असम, 04 मई 2026 – असम की राजनीति में एक ऐसा नाम है जो अपनी रणनीतिक सूझबूझ और 'कट्टर' छवि के दम पर न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बना हुआ है—हिमंत बिस्व सरमा। 2026 के चुनावी रुझानों में एक बार फिर भाजपा की जीत के साथ यह साफ हो गया है कि हिमंत केवल एक नेता नहीं, बल्कि भाजपा के लिए जीत की मशीन बन चुके हैं। छात्र राजनीति की गलियों से निकलकर कांग्रेस के 'पावरफुल' मंत्री और फिर भाजपा के 'संकटमोचक' सीएम बनने तक का उनका सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।

छात्र राजनीति का वो युवा चेहरा: राजीव गांधी को भी किया था प्रभावित

हिमंत बिस्व सरमा का जन्म 1 फरवरी 1969 को जोरहाट में हुआ था। उनके सियासी कौशल की नींव गुवाहाटी के प्रतिष्ठित कॉटन कॉलेज में ही पड़ गई थी।

  • आसू (AASU) का दबदबा: 18 साल की उम्र में वे कॉलेज के सहायक महासचिव बने और लगातार तीन बार महासचिव चुने गए।

  • दिल्ली तक धमक: छात्र नेता के रूप में उनकी साख का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे फुटबॉल स्टेडियम के फंड के लिए तत्कालीन पीएम राजीब गांधी से मिलने दिल्ली जा पहुँचे और फंड मंजूर करवाकर ही लौटे।

  • वकालत से पीएचडी तक: राजनीति के साथ-साथ हिमंत शिक्षा में भी अव्वल रहे। उन्होंने लॉ किया, हाईकोर्ट में वकालत की और बाद में राजनीति विज्ञान में पीएचडी की डिग्री हासिल की।

कांग्रेस का 'चाणक्य' और वो 'कुत्ते वाली घटना'

हिमंत बिस्व सरमा 1991 के आसपास पूर्व सीएम हितेश्वर सैकिया के संपर्क में आए और कांग्रेस की मुख्यधारा की राजनीति में उतरे।

  1. गोगोई के सबसे करीबी: मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल में हिमंत सबसे शक्तिशाली मंत्री बनकर उभरे। स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने असम में मेडिकल कॉलेजों का जाल बिछाया।

  2. विवाद और विदाई: 2011 के बाद जब तरुण गोगोई ने अपने बेटे गौरव गोगोई को आगे बढ़ाना शुरू किया, तो हिमंत बागी हो गए।

  3. पिदी और अपमान: वह किस्सा राजनीति में मशहूर है जब हिमंत राहुल गांधी से मिलने गए थे, लेकिन राहुल ने उनकी बातों के बजाय अपने पालतू कुत्ते 'पिदी' को बिस्किट खिलाने को प्राथमिकता दी। इसी अपमान ने हिमंत को कांग्रेस छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

मुख्यमंत्री के रूप में 'कट्टर' और 'मृदु' का संगम

10 मई 2021 को असम के 15वें मुख्यमंत्री बनने के बाद हिमंत ने अपनी एक अलग पहचान गढ़ी।

  • आक्रामक फैसले: गोहत्या विरोधी कानून, मदरसों को स्कूलों में बदलना और 'मियां' मुसलमानों के खिलाफ बेदखली अभियान ने उन्हें 'कट्टर हिंदुत्व' का पोस्टर बॉय बना दिया।

  • जनता के 'मामा': जहाँ एक ओर वे सख्त फैसले लेते हैं, वहीं दूसरी ओर असम की महिलाएं और युवा उन्हें प्यार से 'मामा' और 'दादा' कहते हैं। जनता के बीच जाकर उनके साथ झूमना और सीधे संवाद करना उनकी लोकप्रियता का मुख्य कारण है।

  • राष्ट्रीय संकटमोचक: महाराष्ट्र में शिंदे गुट की बगावत हो या विपक्षी नेताओं पर त्वरित कार्रवाई, दिल्ली आलाकमान के लिए हिमंत अब सबसे भरोसेमंद हथियार बन चुके हैं।

हिमंत बिस्व सरमा का राजनीतिक करियर यह साबित करता है कि राजनीति में धैर्य और सही समय पर लिया गया फैसला कितना महत्वपूर्ण होता है। 2026 के विधानसभा चुनाव के परिणाम यह चीख-चीख कर कह रहे हैं कि असम की मिट्टी में हिमंत की पकड़ को हिलाना फिलहाल नामुमकिन है। कांग्रेस में जो नेता 'नंबर 2' की लड़ाई लड़ रहा था, आज वह भाजपा में 'नंबर 1' रणनीतिकार के तौर पर स्थापित है। आने वाले वर्षों में हिमंत का कद राष्ट्रीय राजनीति में और भी ऊंचा होने की पूरी संभावना है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।