Jugsalai Firing: मनीष सिंह गिरोह के 2 और शूटर दबोचे, सन्नी सरदार की निशानदेही पर लोड पिस्टल बरामद, मैरून वैगनआर का खुला राज
जमशेदपुर के जुगसलाई में यूनिक कलेक्शन कपड़ा दुकान पर हुई अंधाधुंध फायरिंग मामले में पुलिस ने मनीष सिंह गिरोह के दो खूंखार शूटरों को लोड पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया है। रंगदारी सिंडिकेट और मैरून वैगनआर कार की लाइव ऑन-फील्ड तफ्तीश की पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 26 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के सबसे व्यस्ततम और पुराने व्यापारिक केंद्र जुगसलाई थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले संगठित रंगदारी सिंडिकेट के खिलाफ जिला पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक क्रैकडाउन किया है। नगर परिषद बाजार स्थित 'यूनिक कलेक्शन' कपड़ा दुकान पर अपना खूनी वर्चस्व स्थापित करने और लेवी वसूलने के इरादे से की गई ताबड़तोड़ फायरिंग मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुख्यात मनीष सिंह गिरोह (Manish Singh Gang) के दो और सक्रिय शूटरों को लोडेड हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गठित विशेष पुलिस टीम ने छापेमारी कर सन्नी सिंह उर्फ सन्नी सिंह सरदार और सागर उपाध्याय को दबोचा है। मुख्य शूटर सन्नी सरदार की लाइव निशानदेही पर पुलिस ने एक अवैध देसी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। इस बड़ी कामयाबी से जुगसलाई, साकची और बिष्टुपुर के कपड़ा व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।
क्रैकडाउन की इनसाइड स्टोरी: 15 मई की वो मैरून वैगनआर कार, जिससे पहुंचे थे 5 नकाबपोश शूटर
जुगसलाई थाना पुलिस के क्राइम इन्वेस्टिगेशन विंग (Investigation Squad) और चश्मदीद दुकानदारों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह फायरिंग पूरे बाजार में दहशत फैलाकर प्रोटेक्शन मनी (रंगदारी) वसूलने का एक सुनियोजित हिस्सा थी।
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दिनदहाड़े दुकान पर धावा: बीते 15 मई को जुगसलाई नगर परिषद बाजार में स्थित यूनिक कलेक्शन कपड़ा दुकान के बाहर एक मैरून रंग की वैगनआर कार आकर रुकी। कार से उतरे पांच नकाबपोश अपराधियों ने दुकानदार को डराने और इलाके में मनीष सिंह गिरोह का खौफ पैदा करने के लिए दुकान को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर दी और फरार हो गए।
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दो शूटरों का डार्क कबूलनामा: पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान सन्नी सिंह सरदार और सागर उपाध्याय ने स्वीकार किया कि वे रंगदारी सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य हैं। उनका मुख्य काम शहर के बड़े थोक कपड़ा व्यापारियों की रेकी (Surveillance) करना और रंगदारी न देने पर उनके प्रतिष्ठानों पर गोलियां बरसाना था।
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अब तक 8 सिंडिकेट मेंबर्स लॉक: गौरतलब है कि इस हाई-प्रोफाइल केस में पुलिस पहले ही छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। उनके पास से अपराध में इस्तेमाल मैरून वैगनआर कार, चार देसी पिस्टल, भारी मात्रा में खोखा और जिंदा गोलियां पहले ही जब्त की जा चुकी हैं।
शूटरों का क्रिमिनल डोजियर: हत्या और आर्म्स एक्ट का पुराना डार्क इतिहास
पकड़े गए दोनों अपराधियों का जमशेदपुर के विभिन्न थानों में एक लंबा और डार्क क्रिमिनल बैकग्राउंड रहा है।
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सन्नी सरदार का इतिहास: मुख्य आरोपी सन्नी सिंह उर्फ सन्नी सिंह सरदार एक शातिर हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ जमशेदपुर के गोलमुरी, साकची और जुगसलाई थानों में हत्या, आर्म्स एक्ट, जानलेवा हमला, रंगदारी और चोरी के कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
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सागर उपाध्याय का नेटवर्क: दूसरे आरोपी सागर उपाध्याय पर भी पूर्व में आर्म्स एक्ट और हिंसक झड़पों के मामले दर्ज हैं। पुलिस उपाधीक्षक (DSP Law & Order) के नेतृत्व में पुलिस की टीम अब इनके पूरे डिजिटल नेटवर्क को खंगाल रही है।
थोक बाजारों में 'एंटी-एक्सटॉर्शन स्पेशल विंग' की तैनाती और स्पीडी ट्रायल समय की मांग
जमशेदपुर के एसएसपी और जुगसलाई थाना पुलिस की टीम ने मनीष सिंह गिरोह के दो और शूटरों को सलाखों के पीछे भेजकर शहर के व्यापारिक समुदाय को एक बड़ी प्रशासनिक संजीवनी दी है। लेकिन जब तक इस संगठित गैंग के सरगनाओं और उनके आर्थिक स्रोतों को पूरी तरह जमींदोज नहीं किया जाएगा, तब तक जुगसलाई के ऐतिहासिक कपड़ा बाजार पर मंडराते लेवी के काले बादल नहीं छटेंगे। केवल आरोपियों को जेल भेजना काफी नहीं है। अब समय आ गया है कि जिला पुलिस प्रशासन जुगसलाई और साकची जैसे घने व्यावसायिक क्षेत्रों में एक समर्पित 'एंटी-एक्सटॉर्शन सेल' (Anti-Extortion Cell) और चौबीसों घंटे चालू रहने वाला सीसीटीवी सर्विलांस ग्रिड स्थापित करे। इसके साथ ही, सन्नी सिंह सरदार और सागर उपाध्याय के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कराकर उन्हें जल्द से जल्द कठोरतम सजा दिलानी होगी, ताकि जमशेदपुर के इस गौरवशाली और ऐतिहासिक व्यापारिक भूभाग को रंगदारी और गोलीबारी के इस खूनी इतिहास से पूरी तरह मुक्त कराया जा सके।
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