Bhilai Surrender: भिलाई गैंगरेप का खौफनाक अंत, सांसद के पूर्व PA और ठेकेदार ने कोर्ट में टेके घुटने, 8 साल की दरिंदगी का हिसाब अब सलाखों के पीछे
भिलाई में नाबालिग से 8 साल तक हुए गैंगरेप के मुख्य आरोपी बीएन पाण्डेय और संजय पंडित ने पुलिसिया दबाव के आगे सरेंडर कर दिया है। रसूखदार चेहरों के पीछे छिपे इस घिनौने सच और सभी 6 आरोपियों की गिरफ्तारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप इस रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे से अनजान रह जाएंगे।
भिलाई, 14 फरवरी 2026 – छत्तीसगढ़ के भिलाई में मानवता को शर्मसार कर देने वाले बहुचर्चित नाबालिग गैंगरेप कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रसूख और सत्ता की धौंस दिखाकर पिछले 10 दिनों से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों—सांसद के पूर्व पीए बीएन पाण्डेय और पीडब्ल्यूडी ठेकेदार संजय पंडित ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस की चौतरफा घेराबंदी और कुर्की के डर से आखिरकार इन दोनों 'सफेदपोश' दरिंदों को कानून के सामने घुटने टेकने पड़े। इसके साथ ही इस दिल दहला देने वाले मामले के सभी 6 आरोपी अब सलाखों के पीछे पहुँच चुके हैं।
नौकरी का झांसा और 8 साल का नर्क: दरिंदगी की दास्तां
यह मामला साधारण अपराध नहीं, बल्कि एक मासूम बच्ची के बचपन को कुचलने की एक लंबी और सुनियोजित साजिश थी।
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नौकरी का लालच: पीड़िता को पीडब्ल्यूडी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर इन दरिंदों ने अपने जाल में फंसाया।
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वीडियो बनाकर ब्लैकमेल: आरोपी बीएन पाण्डेय, जो एक सांसद का पूर्व पीए रह चुका है, उसने पीड़िता के न्यूड वीडियो मंगवाए और उन्हीं वीडियो के दम पर सालों तक उसका यौन शोषण किया।
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होटल और रेस्ट हाउस का खेल: ठेकेदार संजय पंडित पर आरोप है कि वह होटल और रेस्ट हाउस का इंतजाम करता था और नौकरी से निकलवाने की धमकी देकर लड़की के साथ रेप करता रहा।
पुलिस की दबिश और सरेंडर का घटनाक्रम
30 जनवरी को भिलाई महिला थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही शहर में हड़कंप मचा था।
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चार की गिरफ्तारी: पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में कारोबारी अनिल चौधरी (60), रिटायर्ड कर्मचारी गोविंद सिंह ठाकुर (62), टाइम कीपर राजू कश्यप और विजय अग्रवाल को पहले ही दबोच लिया था।
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फरारी का अंत: बीएन पाण्डेय और संजय पंडित गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। लेकिन पुलिस की स्पेशल टीमों द्वारा उनके करीबियों पर दबाव बनाने के बाद, उनके पास कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।
भिलाई गैंगरेप केस: मुख्य आरोपी (Accused Profile)
| आरोपी का नाम | पेशा/पहचान | मुख्य आरोप |
| बीएन पाण्डेय | सांसद का पूर्व पीए | वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग और रेप |
| संजय पंडित | पीडब्ल्यूडी ठेकेदार | डरा-धमका कर शोषण और ठिकाने का इंतजाम |
| अनिल चौधरी | कारोबारी (60 वर्ष) | गैंगरेप में संलिप्तता |
| गोविंद सिंह ठाकुर | रिटायर्ड कर्मी (62 वर्ष) | साजिश और शोषण |
न्यायिक प्रक्रिया: अब फास्ट्रैक ट्रायल की मांग
शुक्रवार को सरेंडर के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। भिलाई की जनता और महिला संगठनों में भारी आक्रोश है। लोगों की मांग है कि चूंकि पीड़िता अब बालिग हो चुकी है लेकिन शोषण नाबालिग होने के समय से शुरू हुआ था, इसलिए इस पर सख्त से सख्त पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कार्रवाई हो।
कानून के लंबे हाथ
बीएन पाण्डेय और संजय पंडित के सरेंडर ने यह साफ कर दिया है कि रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून की पहुंच से ऊपर नहीं है। भिलाई पुलिस की इस मुस्तैदी ने एक पीड़ित बेटी को न्याय की उम्मीद दी है।
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