Bhilai Defense: भिलाई में देश का अभेद्य कवच तैयार, एटमास्टको की फैक्ट्री से निकलेंगे बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट, राज्यपाल रमेन डेका ने किया रक्षा इकाई का उद्घाटन

भिलाई की एटमास्टको लिमिटेड ने रक्षा क्षेत्र में कदम रखते हुए बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट फैक्ट्री का आगाज कर दिया है। डीआरडीओ (DRDO) की तकनीक और राज्यपाल रमेन डेका द्वारा किए गए इस उद्घाटन की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप छत्तीसगढ़ के इस 'राष्ट्रीय सुरक्षा भागीदार' बनने की ऐतिहासिक कहानी जानने से चूक जाएंगे।

Jan 25, 2026 - 14:06
 0
Bhilai Defense: भिलाई में देश का अभेद्य कवच तैयार, एटमास्टको की फैक्ट्री से निकलेंगे बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट, राज्यपाल रमेन डेका ने किया रक्षा इकाई का उद्घाटन
Bhilai Defense: भिलाई में देश का अभेद्य कवच तैयार, एटमास्टको की फैक्ट्री से निकलेंगे बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट, राज्यपाल रमेन डेका ने किया रक्षा इकाई का उद्घाटन

दुर्ग/भिलाई, 25 जनवरी 2026 – छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान अब केवल स्टील और कोयले तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब यह राज्य देश की सरहदों की रक्षा करने वाले जवानों के लिए 'अभेद्य कवच' भी तैयार करेगा। रविवार को दुर्ग जिले के प्रवास पर पहुंचे राज्यपाल रमेन डेका ने नंदनी स्थित एटमास्टको लिमिटेड (Atmastco Limited) की बुलेटप्रूफ जैकेट एवं हेलमेट निर्माण इकाई का विधिवत उद्घाटन किया। यह मील का पत्थर न केवल भिलाई के लिए, बल्कि पूरे भारत की रक्षा तैयारियों के लिए एक बड़ी कामयाबी है। भिलाई की एक स्थानीय कंपनी का राष्ट्रीय सुरक्षा में इतना बड़ा भागीदार बनना हर छत्तीसगढ़िया के लिए गौरव का क्षण है।

DRDO की तकनीक और भिलाई का लोहा: अब सुरक्षित होंगे जवान

राज्यपाल ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए एटमास्टको की इस साहसिक छलांग की जमकर तारीफ की।

  • रक्षा क्षेत्र में कदम: 2025 में 'एटमास्टको डिफेंस सिस्टम्स' की स्थापना के साथ कंपनी ने बुनियादी ढांचे से आगे बढ़कर जीवन रक्षा के क्षेत्र में प्रवेश किया है।

  • अत्याधुनिक सुरक्षा: डीआरडीओ (DRDO) से महत्वपूर्ण तकनीक प्राप्त करने के बाद, यह फैक्ट्री अब हमारे सशस्त्र बलों और पुलिस के लिए BIS मानकों के लेवल-6 के बैलिस्टिक हेलमेट और बुलेटप्रूफ जैकेट का निर्माण करेगी।

  • विकास का इंजन: अगले तीन वर्षों में यहाँ से 250 नई नौकरियां पैदा होंगी और राज्य की जीडीपी में सालाना 350 करोड़ रुपये का अतिरिक्त योगदान मिलेगा।

35 साल का सफर: छोटी शुरुआत से NSE तक का रोमांच

एटमास्टको समूह की सफलता की कहानी किसी फिल्म की पटकथा जैसी है।

  1. साधारण शुरुआत: 1987 में भिलाई में एक छोटी सी वर्कशॉप से शुरू हुई यह कंपनी आज एक औद्योगिक महाशक्ति बन चुकी है।

  2. शेयर बाजार का सितारा: फरवरी 2024 में कंपनी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सूचीबद्ध होकर राष्ट्रीय स्तर की प्लेयर बन गई।

  3. दिग्गजों के साथ साझेदारी: टाटा स्टील, अडानी, वेदांता और एलएंडटी जैसी बड़ी कंपनियों के साथ मिलकर एटमास्टको ने देशभर में कई जटिल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को पूरा किया है।

एटमास्टको डिफेंस सिस्टम्स: एक नजर में (Production & Impact)

विवरण महत्वपूर्ण जानकारी (Key Stats)
उत्पाद बुलेटप्रूफ जैकेट और लेवल-6 बैलिस्टिक हेलमेट
तकनीकी भागीदार डीआरडीओ (DRDO) हस्तांतरण
आजीविका 2000 से अधिक परिवारों को रोजगार
जीडीपी योगदान सालाना ₹350 करोड़ (वर्तमान)
विशेष उपलब्धि चिनाब नदी पर विश्व के सबसे ऊंचे पुल में योगदान

इतिहास का पन्ना: भिलाई की औद्योगिक विरासत और चिनाब पुल का 'छत्तीसगढ़ी' कनेक्शन

भिलाई का इतिहास 1955 में भिलाई स्टील प्लांट (BSP) की स्थापना के साथ शुरू हुआ, जिसने भारत को 'औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर' बनाने की नींव रखी। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि कश्मीर में चिनाब नदी पर बना विश्व का सबसे ऊँचा रेलवे पुल (जो एफिल टॉवर से भी ऊँचा है), उसमें भिलाई की इसी 'एटमास्टको लिमिटेड' का अहम योगदान रहा है। इतिहास गवाह है कि दुर्ग-भिलाई के स्थानीय उद्यमियों ने अपनी मेहनत से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी साख बनाई है। 1980 के दशक में जब भिलाई केवल एक 'स्टील टाउन' था, तब ऐसी कल्पना करना भी मुश्किल था कि यहाँ की कोई निजी कंपनी भविष्य में डीआरडीओ के साथ मिलकर सेना के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट बनाएगी। आज 2026 में यह उद्घाटन भिलाई के उसी औद्योगिक क्रमिक विकास का ऐतिहासिक परिणाम है।

'एक पेड़ माँ के नाम': पर्यावरण के प्रति संकल्प

समारोह के दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने परिसर में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण भी किया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण का संरक्षण भी अनिवार्य है। इस अवसर पर कलेक्टर अभिजीत सिंह, आईजी अभिषेक शांडिल्य, एसपी विजय अग्रवाल और एटमास्टको के डायरेक्टर विजय चंदर अय्यर सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

आत्मनिर्भर भारत की मजबूत कड़ी

एटमास्टको लिमिटेड ने साबित कर दिया है कि अगर विजन स्पष्ट हो, तो एक छोटी सी इकाई भी देश की राष्ट्रीय सुरक्षा का स्तंभ बन सकती है। भारी इंजीनियरिंग स्टील से लेकर बैलिस्टिक सुरक्षा तक का यह सफर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक गौरव की नई गाथा है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।