Patna Terror: पटना सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी, RDX और IED की खबर से मचा हड़कंप, खुद को LTTE बताने वाले शख्स ने भेजा ईमेल
पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की खौफनाक धमकी मिलने के बाद पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। खुद को LTTE सदस्य बताने वाले अरुण कुमार के ईमेल और बम निरोधक दस्ते की छापेमारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप राजधानी की सुरक्षा से जुड़ी इस बड़ी खबर को जानने से चूक जाएंगे।
पटना, 9 फरवरी 2026 – बिहार की राजधानी में सोमवार की सुबह उस वक्त दहशत फैल गई जब पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने का धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय के आधिकारिक ईमेल पते पर भेजे गए इस संदेश में कोर्ट परिसर के भीतर RDX और IED जैसे घातक विस्फोटक लगाने का दावा किया गया है। धमकी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पूरे कोर्ट परिसर को खाली कराकर न्यायिक कार्यवाही रोक दी गई। सुरक्षा एजेंसियां इस वक्त पूरे परिसर को अपनी गिरफ्त में लेकर गहन तलाशी अभियान चला रही हैं।
ईमेल में 'अरुण कुमार' और LTTE का जिक्र: दहशत का नया मोड़
इस धमकी भरे संदेश ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
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LTTE का दावा: ईमेल भेजने वाले ने अपना नाम अरुण कुमार बताया है और खुद को प्रतिबंधित संगठन LTTE का सदस्य होने का दावा किया है।
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अफरा-तफरी का माहौल: जैसे ही बम की खबर फैली, वकील, मुवक्किल और कर्मचारी जान बचाकर बाहर की ओर भागे।
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सुरक्षा घेरा: पटना पुलिस के आला अधिकारियों के साथ-साथ बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर मौजूद हैं। कोर्ट के हर कमरे, कैंटीन और पार्किंग एरिया की बारीकी से जांच की जा रही है।
पटना सिविल कोर्ट धमकी: मुख्य विवरण (Security Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| धमकी का जरिया | आधिकारिक ईमेल (Monday Morning) |
| विस्फोटक का दावा | RDX और IED (Improvised Explosive Device) |
| संदिग्ध का नाम | अरुण कुमार (खुद को LTTE सदस्य बताया) |
| सुरक्षा स्थिति | परिसर खाली, न्यायिक कार्य पूरी तरह बाधित |
| जांच एजेंसियां | पटना पुलिस, साइबर सेल, बम निरोधक दस्ता |
साइबर सेल की रडार पर 'अरुण कुमार'
पटना पुलिस की साइबर सेल अब उस ईमेल की आईपी एड्रेस (IP Address) और लोकेशन ट्रैक करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि यह किसी की शरारत भी हो सकती है, लेकिन 'LTTE' और 'RDX' जैसे शब्दों का इस्तेमाल होने के कारण इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस ईमेल का संबंध हाल के किसी बड़े न्यायिक फैसले या चल रहे किसी हाई-प्रोफाइल केस से तो नहीं है।
सुरक्षा जांच के बाद ही शुरू होगा काम
फिलहाल पटना सिविल कोर्ट एक अभेद्य किले में तब्दील हो चुका है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक पूरी तरह से 'क्लीन चिट' नहीं मिल जाती, तब तक कोर्ट के भीतर किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। आम जनता और वकीलों को फिलहाल धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है।
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