Ranchi Election: राजेश जायसवाल ने बार काउंसिल चुनाव के लिए ठोकी ताल, रांची में समर्थकों के रेले के साथ किया नामांकन, वकीलों के हक की लड़ाई में अब आएगा बड़ा मोड़

झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव 2026 के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश जायसवाल के नामांकन और वकीलों के बीच बढ़ते उनके क्रेज की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप बार और बेंच के बीच होने वाले इस सबसे बड़े बदलाव के अपडेट से अनजान रह जाएंगे।

Feb 10, 2026 - 16:54
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Ranchi Election: राजेश जायसवाल ने बार काउंसिल चुनाव के लिए ठोकी ताल, रांची में समर्थकों के रेले के साथ किया नामांकन, वकीलों के हक की लड़ाई में अब आएगा बड़ा मोड़
Ranchi Election: राजेश जायसवाल ने बार काउंसिल चुनाव के लिए ठोकी ताल, रांची में समर्थकों के रेले के साथ किया नामांकन, वकीलों के हक की लड़ाई में अब आएगा बड़ा मोड़

रांची, 10 फरवरी 2026 – झारखंड की न्यायपालिका और अधिवक्ताओं के सबसे बड़े मंच, झारखंड स्टेट बार काउंसिल (JSBC) के चुनाव का बिगुल फुंक चुका है। मंगलवार को राजधानी रांची में एक अलग ही रौनक देखने को मिली, जब वरिष्ठ और बेहद सम्मानित अधिवक्ता श्री राजेश जायसवाल ने अपने समर्थकों के भारी हुजूम के साथ अपना नामांकन दाखिल किया। इसे केवल एक चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि झारखंड के हजारों अधिवक्ताओं के 'सम्मान और संघर्ष' की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। नामांकन के दौरान जिस तरह से राज्य के विभिन्न जिलों से वकील रांची पहुंचे, उसने राजेश जायसवाल की मजबूत दावेदारी पर मुहर लगा दी है।

नामांकन में उमड़ा वकीलों का सैलाब: अनुभव पर जताया भरोसा

नामांकन के अवसर पर रांची की सड़कों से लेकर बार काउंसिल परिसर तक केवल काले कोट का समंदर नजर आ रहा था।

  • व्यापक समर्थन: राजेश जायसवाल के समर्थन में न केवल रांची, बल्कि जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और हजारीबाग जैसे जिलों से भी बड़ी संख्या में अधिवक्ता पहुंचे।

  • अनुभव की जीत: जूनियर से लेकर सीनियर अधिवक्ताओं का मानना है कि राजेश जायसवाल की सादगी और अधिवक्ता हितों के प्रति उनकी निष्ठा उन्हें अन्य उम्मीदवारों से मीलों आगे खड़ा करती है।

  • नॉटरी और विधि विशेषज्ञ: नामांकन प्रक्रिया के दौरान नॉटरी और विधि जगत के कई गणमान्य लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराकर जायसवाल को अपनी शुभकामनाएं दीं।

"अधिवक्ता कल्याण ही एकमात्र संकल्प" - राजेश जायसवाल

नामांकन के बाद मीडिया और साथियों को संबोधित करते हुए श्री जायसवाल भावुक और संकल्पित नजर आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य केवल पद पाना नहीं, बल्कि सिस्टम को सुधारना है।

"मैं झारखंड के हर एक अधिवक्ता के सम्मान, उनके अधिकारों और उनके सामाजिक सुरक्षा (कल्याण) के लिए लड़ने आया हूँ। मेरा प्रयास बार और बेंच (अधिवक्ता और न्यायाधीश) के बीच समन्वय को इतना मजबूत करना है कि न्याय की प्रक्रिया और सरल हो सके।"

चुनाव 2026: एक नज़र में (Nomination Snapshot)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
प्रत्याशी श्री राजेश जायसवाल (वरिष्ठ अधिवक्ता)
दिनांक और स्थान 10 फरवरी 2026, रांची
समर्थक वर्ग सीनियर-जूनियर वकील, नॉटरी एवं विधि गणमान्य
मुख्य एजेंडा अधिवक्ता कल्याण, सम्मान और बार-बेंच समन्वय
चुनावी माहौल पूरे झारखंड से वकीलों का व्यापक समर्थन

इतिहास का पन्ना: झारखंड बार काउंसिल और वकीलों का ऐतिहासिक संघर्ष

झारखंड स्टेट बार काउंसिल का इतिहास राज्य के निर्माण से भी पुराना और गौरवशाली है। 19वीं शताब्दी के अंत में जब छोटानागपुर क्षेत्र में कानूनी व्यवस्था विकसित हो रही थी, तब हजारीबाग और रांची जैसे शहर वकीलों के गढ़ हुआ करते थे।

इतिहास गवाह है कि 15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य बनने के बाद, राज्य के वकीलों को अपनी अलग पहचान और काउंसिल की जरूरत महसूस हुई। पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि तब से लेकर अब तक, बार काउंसिल के चुनाव हमेशा से 'अधिवक्ता एकता' का प्रतीक रहे हैं। राजेश जायसवाल जिस अनुभवी पृष्ठभूमि से आते हैं, वह हमें उन पुराने दिग्गज वकीलों की याद दिलाती है जो कोर्ट रूम में दलीलों के साथ-साथ समाज की कुरीतियों के खिलाफ भी लड़ते थे। 1980 और 90 के दशक में अविभाजित बिहार के समय से ही झारखंड के वकीलों ने अपनी साख बनाई है। आज राजेश जायसवाल उसी ऐतिहासिक ईमानदारी और निष्ठा की मशाल लेकर आगे बढ़ रहे हैं, जिसे ज्योतिर्मय दास (JD) जैसे वरिष्ठ साथियों का मजबूत कंधा मिल रहा है।

क्यों खास है राजेश जायसवाल का नामांकन?

चुनाव विशेषज्ञों की मानें तो इस बार का बार काउंसिल चुनाव कई मायनों में अलग है। वकील अब केवल कागजी वादों पर नहीं, बल्कि 'चेहरे' पर वोट करना चाहते हैं। राजेश जायसवाल का बेदाग करियर और वकीलों की समस्याओं (जैसे- एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट, वेलफेयर फंड और जूनियर वकीलों का स्टाइपेंड) पर उनका निरंतर स्टैंड लेना उन्हें एक 'जननायक' की छवि दे रहा है। नामांकन के दौरान मौजूद अधिवक्ता ज्योतिर्मय दास ने कहा कि यह नामांकन झारखंड के अधिवक्ता समाज के लिए एक ईमानदार और अनुभवी नेतृत्व की ओर बढ़ता हुआ सबसे बड़ा कदम है।

बदलाव की आहट

राजेश जायसवाल के नामांकन ने बार काउंसिल चुनाव की सरगर्मी को चरम पर पहुँचा दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वकीलों का यह 'अनुभव और ईमानदारी' वाला चेहरा चुनावी मैदान में कितनी बड़ी जीत दर्ज करता है। लेकिन एक बात साफ है—रांची में आज जो उत्साह दिखा, वह बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहा है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।