Sakchi Seva: सैन्य मातृशक्ति ने साकची के आशीर्वाद वृद्धाश्रम में घोली खुशियां, बुजुर्गों की आंखों में आए आंसू, लंच और प्रेम बांटकर पेश की इंसानियत की मिसाल
जमशेदपुर की सैन्य मातृशक्ति ने साकची स्थित आशीर्वाद वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ यादगार समय बिताया है। ममता और सम्मान के इस संगम और अनुपमा सिंह की उपस्थिति में हुए इस भावुक कार्यक्रम की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप समाज सेवा की इस सबसे बड़ी और प्रेरक खबर से अनजान रह जाएंगे।
जमशेदपुर, 10 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में जहां एक ओर रफ्तार भरी जिंदगी है, वहीं दूसरी ओर साकची के आशीर्वाद वृद्धाश्रम में सोमवार को ममता और सम्मान की एक अनोखी धारा बही। 'सैन्य मातृशक्ति' समूह की महिलाओं ने अपने व्यस्त जीवन से समय निकालकर समाज के उस वर्ग के साथ खुशियां साझा कीं, जो अक्सर अपनों की राह ताकते रहते हैं। यह केवल एक भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि बुजुर्गों के एकाकीपन को दूर करने और उन्हें यह एहसास कराने की कोशिश थी कि समाज आज भी उनके अनुभवों का कायल है।
अनुपमा सिंह का स्नेह: जब अपनों की तरह मिलीं मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनुपमा सिंह शामिल हुईं। उन्होंने वृद्धाश्रम के प्रत्येक निवासी के पास जाकर उनका हालचाल जाना।
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आत्मीय संवाद: उन्होंने बुजुर्गों के स्वास्थ्य और सुख-शांति की कामना करते हुए उनके साथ घंटों बातें कीं।
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लंच वितरण: सैन्य मातृशक्ति के सदस्यों ने अपने हाथों से बुजुर्गों को दोपहर का भोजन परोसा। खाने की मेज पर अनुभवों का जो आदान-प्रदान हुआ, उसने माहौल को बेहद भावुक बना दिया।
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विजय दिवस का अनुभव: इस सेवा कार्य को समूह ने 'विजय दिवस' और 'नेताजी सुभाष दिवस' की गौरवशाली परंपरा से जोड़कर देखा, जहां सेवा ही सबसे बड़ा राष्ट्रप्रेम है।
मानवीय मूल्यों से जुड़ाव: कंचन सिंह और रूबी सिंह का संदेश
सैन्य मातृशक्ति की अध्यक्ष रूबी सिंह और वरिष्ठ सदस्य कंचन सिंह ने इस पहल को युवाओं और समाज के लिए एक बड़ा सबक बताया। कंचन सिंह ने जोर देकर कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों और समाज के हर व्यक्ति को मानवीय मूल्यों से जोड़ते हैं। रूबी सिंह के अनुसार, "हमें खुशी है कि हमारे सदस्यों ने बुजुर्गों के साथ मूल्यवान समय बिताया। यह हमारे सामाजिक दायित्व की याद दिलाता है।"
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां: (Service Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| आयोजक | सैन्य मातृशक्ति, जमशेदपुर |
| स्थान | आशीर्वाद वृद्धाश्रम, साकची |
| मुख्य अतिथि | अनुपमा सिंह |
| प्रमुख उपस्थिति | रूबी सिंह (अध्यक्ष), विनीता सिंह, पूनम, भावना सिंह |
| गतिविधियाँ | लंच वितरण, अनुभव साझा करना, स्वास्थ्य चर्चा |
समस्याओं का समाधान: केवल भोजन नहीं, भविष्य की चिंता भी
कार्यक्रम के दौरान मातृशक्ति की टीम ने केवल खुशियां ही नहीं बांटीं, बल्कि वृद्धाश्रम की समस्याओं को भी गहराई से समझा। भावना सिंह और उनकी टीम ने बुजुर्गों की बुनियादी जरूरतों और वहां की व्यवस्थाओं के संभावित समाधानों पर विस्तार से चर्चा की। समूह की अन्य सक्रिय सदस्य जैसे नीता शर्मा, संगीता, अंजू, शालीमा और विनीता सिंह ने भी इस नेक पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सम्मान की हकदार है 'चांदी जैसी जुल्फें'
साकची के आशीर्वाद वृद्धाश्रम में बिताया गया यह समय हमें याद दिलाता है कि बुजुर्ग हमारे समाज की जड़ें हैं। सैन्य मातृशक्ति की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि अगर मन में सच्ची श्रद्धा हो, तो एक छोटा सा प्रयास भी किसी के जीवन में उजाला भर सकता है।
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