Kanpur Lamborghini Accident : लैंबोर्गिनी कांड के आरोपी शिवम मिश्रा को कोर्ट से मिली बड़ी राहत, पुलिस की गिरफ्तारी को बताया गलत, तंबाकू कारोबारी के बेटे पर जज ने सुनाया बड़ा फैसला
वीआईपी रोड पर लैंबोर्गिनी से हुए हादसे में आरोपी शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। गिरफ्तारी को गलत बताते हुए कोर्ट ने 20 हजार के बांड पर शिवम को रिहा करने का आदेश दिया है, जिसकी पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप इस हाई-प्रोफाइल केस के सबसे बड़े मोड़ से अनजान रह जाएंगे।
कानपुर, 12 फरवरी 2026 – शहर के हाई-प्रोफाइल लैंबोर्गिनी कार हादसे में गुरुवार को नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। एसीजेएम 7 अमित सिंह की कोर्ट ने मशहूर तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को न्यायिक हिरासत में भेजने के पुलिसिया प्रार्थना पत्र को सिरे से खारिज कर दिया। इतना ही नहीं, कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए विवेचक को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिवम मिश्रा की गिरफ्तारी पूरी तरह गलत तरीके से की गई है।
कोर्ट का कड़ा रुख: "पुलिस ने नियमों को ताक पर रखा"
ग्वालटोली थाने की पुलिस गुरुवार सुबह शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर कोर्ट लाई थी। पुलिस का तर्क था कि शिवम नोटिस का जवाब नहीं दे रहे हैं और विवेचना में सहयोग नहीं कर रहे। हालांकि, सुनवाई के दौरान कोर्ट पुलिस की दलीलों से संतुष्ट नहीं हुआ।
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निजी मुचलके पर रिहाई: कोर्ट ने शिवम मिश्रा को 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बांड (Personal Bond) पर रिहा करने का आदेश दिया।
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विवेचक को फटकार: पुलिस जिस तरह शिवम को पकड़कर लाई थी, उसे कोर्ट ने कानून के विरुद्ध माना और जांच अधिकारी को भविष्य में ऐसी गलती न करने की चेतावनी दी।
क्या था रविवार का वो 'रफ्तार कांड'?
हादसा पिछले रविवार को वीआईपी रोड पर हुआ था, जब तंबाकू किंग केके मिश्रा की करोड़ों की लैंबोर्गिनी कार ने तौफीक नामक युवक को अपनी चपेट में ले लिया था।
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मोहन एम का सरेंडर ड्रामा: सोमवार को दिल्ली निवासी मोहन एम ने खुद को कार चालक बताकर कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की थी।
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पुलिस की रिपोर्ट: पुलिस ने कोर्ट में आख्या दी कि मोहन एम आरोपी नहीं है, बल्कि इस मामले में वांछित असली आरोपी शिवम मिश्रा है।
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कार रिलीज का पेंच: शिवम ने अपनी लग्जरी कार को रिलीज कराने के लिए अर्जी दी थी, लेकिन पुलिस ने यह कहकर विरोध किया कि शिवम ने अब तक कार के जरूरी दस्तावेज मुहैया नहीं कराए हैं।
लैंबोर्गिनी एक्सीडेंट केस: मुख्य अपडेट (Case Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| मुख्य आरोपी | शिवम मिश्रा (तंबाकू कारोबारी का बेटा) |
| कोर्ट का आदेश | न्यायिक हिरासत की मांग खारिज, रिहाई का आदेश |
| हादसे की कार | लैंबोर्गिनी (करोड़ों की लग्जरी सुपरकार) |
| घटनास्थल | वीआईपी रोड, कानपुर |
| पुलिस की कार्रवाई | गलत तरीके से गिरफ्तारी पर कोर्ट की फटकार |
पुलिस की अब अगली रणनीति क्या?
कोर्ट से फटकार खाने के बाद ग्वालटोली पुलिस बैकफुट पर है। अब पुलिस को शिवम मिश्रा से पूछताछ करने और कार के दस्तावेज हासिल करने के लिए कानूनी प्रक्रिया का नए सिरे से पालन करना होगा। शिवम के वकीलों का कहना है कि वे विवेचना में पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन पुलिस को नियमों के तहत ही कार्रवाई करनी चाहिए।
कानून के राज की परीक्षा
लैंबोर्गिनी कांड ने शहर में यह बहस छेड़ दी है कि क्या नियम सबके लिए बराबर हैं? कोर्ट ने जहाँ पुलिस की मनमानी पर लगाम लगाई है, वहीं अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पीड़ित तौफीक को न्याय कब और कैसे मिलता है।
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