Baridih Suicide: विजय गार्डन में सनसनी, टाटा स्टील कर्मी की पत्नी ने लगाई फांसी, ऑस्ट्रेलिया से आए देवर पर प्रताड़ना का आरोप, सिदगोड़ा थाने में भारी हंगामा
जमशेदपुर के पॉश इलाके विजय गार्डन में प्रियंका कुमारी की आत्महत्या और ऑस्ट्रेलिया से लौटे देवर पर लगे गंभीर आरोपों की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। सिदगोड़ा थाने में परिजनों के हंगामे और मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठने की इस हृदयविदारक घटना का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप शहर के इस बड़े सनसनीखेज मामले की जानकारी से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर/सिदगोड़ा, 29 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के सबसे सुरक्षित और पॉश रिहायशी इलाकों में शुमार बारीडीह विजय गार्डन गुरुवार को एक ऐसी घटना से दहल उठा, जिसने समाज के पारिवारिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ रहने वाली एक विवाहिता, प्रियंका कुमारी, ने अपने घर में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। यह केवल एक आत्महत्या का मामला नहीं रह गया है, क्योंकि मृतका के मायके वालों ने 'सिस्टम' और 'रिश्तों' के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सिदगोड़ा थाने में घंटों चले हंगामे और ऑस्ट्रेलिया से आए देवर पर लगे आरोपों ने इस मामले को शहर की सबसे बड़ी सनसनी बना दिया है।
ऑस्ट्रेलिया से आया 'काल': परिजनों के संगीन आरोप
प्रियंका की मौत की खबर फैलते ही उनके मायके पक्ष के लोग सिदगोड़ा थाने पहुँचे और वहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
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देवर पर निशाना: परिजनों का आरोप है कि प्रियंका का देवर अमन, जो ऑस्ट्रेलिया में रहता है, दो दिन पहले ही जमशेदपुर आया था।
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प्रताड़ना की कहानी: आरोप लगाया गया है कि अमन के आने के बाद से ही प्रियंका मानसिक रूप से काफी तनाव में थी। परिजनों के अनुसार, अमन की प्रताड़ना और दुर्व्यवहार ने प्रियंका को इस खौफनाक कदम की ओर धकेला।
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उजड़ा सुहाग: प्रियंका की शादी साल 2017 में टाटा स्टील में कार्यरत प्रशांत कुमार के साथ हुई थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि 9 साल के सुखद वैवाहिक सफर का अंत इस तरह होगा।
दो मासूमों के सिर से उठा साया
इस पूरी त्रासदी में सबसे ज्यादा दर्दनाक पहलू प्रियंका के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। जिस उम्र में बच्चों को मां के आंचल की सबसे ज्यादा जरूरत थी, उस समय रिश्तों की कड़वाहट ने उन्हें अनाथ कर दिया। घटना के बाद से विजय गार्डन इलाके में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इन मासूमों के भविष्य को लेकर चिंतित है।
विजय गार्डन आत्महत्या कांड: घटना का विश्लेषण (Crime Spot Analysis)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| मृतका का नाम | प्रियंका कुमारी (उम्र - लगभग 32 वर्ष) |
| पति का नाम | प्रशांत कुमार (टाटा स्टील कर्मचारी) |
| स्थान | विजय गार्डन, बारीडीह, जमशेदपुर |
| मुख्य आरोपी (परिजनों के अनुसार) | देवर अमन (NRI, ऑस्ट्रेलिया निवासी) |
| जांच एजेंसी | सिदगोड़ा थाना पुलिस |
इतिहास का पन्ना: बारीडीह और विजय गार्डन का सामाजिक ढांचा
जमशेदपुर का बारीडीह इलाका ऐतिहासिक रूप से मध्यम और उच्च-मध्यम वर्ग के टाटा स्टील कर्मियों का पसंदीदा ठिकाना रहा है। 1990 के दशक में जब जमशेदपुर का विस्तार हुआ, तब बारीडीह ने एक व्यवस्थित आवासीय क्षेत्र का रूप लिया। विजय गार्डन, जो यहाँ की सबसे प्रीमियम सोसाइटीज में से एक है, अपनी सुरक्षा और सामुदायिक शांति के लिए जानी जाती है। इतिहास गवाह है कि ऐसी हाई-प्रोफाइल सोसाइटीज में पारिवारिक विवाद अक्सर चारदीवारी के भीतर दबे रहते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में, 'NRI' कल्चर और बढ़ती पारिवारिक महत्वाकांक्षाओं के कारण यहाँ भी तनाव की खबरें सामने आने लगी हैं। प्रियंका की यह घटना उसी बदलते 'सोशल फैब्रिक' की एक दुखद कड़ी है, जहाँ बाहरी चमक-धमक के पीछे घर के भीतर का अंधेरा जानलेवा साबित हो रहा है।
पुलिस की रडार पर 'ऑस्ट्रेलिया' कनेक्शन
सिदगोड़ा थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है:
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पूछताछ: पति प्रशांत कुमार और देवर अमन से पुलिस की एक विशेष टीम पूछताछ कर रही है।
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साक्ष्य संकलन: प्रियंका के मोबाइल फोन और पिछले दो दिनों की कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है ताकि प्रताड़ना के दावों की पुष्टि हो सके।
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अगली कार्रवाई: पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मायके वालों के लिखित बयान के आधार पर 'उकसाने' (Abetment to suicide) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।
रिश्तों का कत्ल और कानून की उम्मीद
विजय गार्डन की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि प्रताड़ना केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानसिक भी होती है। अब शहर की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि क्या अमन का 'ऑस्ट्रेलिया कनेक्शन' उसे कानून की पकड़ से बचा पाएगा या प्रियंका को इंसाफ मिलेगा।
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