Manoj Bajpayee Controversy : मनोज बाजपेयी की फिल्म 'घूसखोर पंडित' पर मचा बवाल, अयोध्या के संतों ने दी जूते से पिटाई की चेतावनी, टाइटल को बताया ब्राह्मणों का अपमान

नेटफ्लिक्स की फिल्म 'घूसखोर पंडित' के टाइटल पर अयोध्या के हनुमानगढ़ी के संतों का गुस्सा फूट पड़ा है। मनोज बाजपेयी को दी गई चेतावनी और ब्राह्मण समाज के खिलाफ वैश्विक साजिश के गंभीर आरोपों की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप इस बढ़ते विवाद की सबसे बड़ी अपडेट से चूक जाएंगे।

Feb 4, 2026 - 16:03
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Manoj Bajpayee Controversy : मनोज बाजपेयी की फिल्म 'घूसखोर पंडित' पर मचा बवाल, अयोध्या के संतों ने दी जूते से पिटाई की चेतावनी, टाइटल को बताया ब्राह्मणों का अपमान
Manoj Bajpayee Controversy : मनोज बाजपेयी की फिल्म 'घूसखोर पंडित' पर मचा बवाल, अयोध्या के संतों ने दी जूते से पिटाई की चेतावनी, टाइटल को बताया ब्राह्मणों का अपमान

अयोध्या, 4 फरवरी 2026 – ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर आने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ रिलीज से पहले ही एक बड़े ज्वालामुखी के मुहाने पर खड़ी हो गई है। फिल्म के टीजर में जैसे ही अभिनेता मनोज बाजपेयी का नाम इस विवादित टाइटल के साथ जुड़ा, सोशल मीडिया से लेकर रामनगरी अयोध्या की गलियों तक आक्रोश की लहर दौड़ गई। अयोध्या के साधु-संतों ने इसे ब्राह्मण समाज को अपमानित करने वाली एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। हनुमानगढ़ी के संतों का गुस्सा इस कदर बढ़ा हुआ है कि उन्होंने न केवल फिल्म के बहिष्कार की मांग की है, बल्कि अभिनेता को अयोध्या आने पर जूते से पीटने तक की खुली चेतावनी दे डाली है।

हनुमानगढ़ी के संतों का कड़ा रुख: "ब्राह्मण ही क्यों निशाने पर?"

अयोध्या के प्रमुख संतों ने फिल्म के शीर्षक (Title) को जातिवादी और सनातन विरोधी बताया है।

  • डॉक्टर देवेशाचार्य जी महाराज: उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि ब्राह्मण समाज हमेशा सबको साथ लेकर चलता है, लेकिन फिल्मों के जरिए उसे लगातार 'टारगेट' किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि मनोज बाजपेयी खुद ब्राह्मण हैं, फिर उन्होंने ऐसी फिल्म के लिए हामी कैसे भरी?

  • संत सूरज तिवारी की चेतावनी: सूरज तिवारी ने फिल्म को हिंदू समाज के खिलाफ बताते हुए आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "अगर हिम्मत है तो दूसरे मजहबों पर ऐसी फिल्म बनाकर दिखाएं।" उन्होंने साफ कहा कि अगर मनोज बाजपेयी अयोध्या की धरती पर कदम रखते हैं, तो उनकी जूते से पिटाई की जाएगी।

वैश्विक साजिश का आरोप: समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश

संत सीताराम दास ने इस विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनका मानना है कि इस तरह की फिल्में समाज में भ्रम और विध्वंसक संदेश फैलाती हैं। संतों का आरोप है कि यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि ब्राह्मण समाज को बदनाम करने की एक वैश्विक साजिश का हिस्सा है, ताकि हिंदू एकता को कमजोर किया जा सके।

घूसखोर पंडित विवाद: मुख्य बिंदु (Controversy Highlights)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Details)
फिल्म का नाम घूसखोर पंडित (Ghooskhor Pandit)
प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स (Netflix)
मुख्य अभिनेता मनोज बाजपेयी
विरोध का केंद्र अयोध्या (हनुमानगढ़ी)
प्रमुख मांग फिल्म का बहिष्कार और टाइटल में बदलाव

मनोज बाजपेयी पर सवाल: प्रशंसकों में भी नाराजगी

अपनी संजीदा एक्टिंग के लिए मशहूर मनोज बाजपेयी पहली बार इस तरह के सीधे व्यक्तिगत विरोध का सामना कर रहे हैं। संतों का कहना है कि एक कलाकार की जिम्मेदारी समाज को जोड़ने की होती है, न कि किसी विशेष वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुँचाकर 'सस्ती लोकप्रियता' बटोरने की।

सेंसरशिप और जनभावना के बीच जंग

अयोध्या से शुरू हुआ यह विरोध अब धीरे-धीरे पूरे देश में फैलने के आसार हैं। संतों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक टाइटल नहीं बदला जाता और माफी नहीं मांगी जाती, वे चुप नहीं बैठेंगे। प्रशासन भी अब इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सतर्क हो गया है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।