Bokaro Brutality: सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे के ऑपरेटर ने मासूम से की दरिंदगी, पेटरवार में रंगे हाथों पकड़ा गया हैवान, आक्रोशित ग्रामीणों ने की फांसी की मांग
बोकारो के पेटरवार में 12 साल की आदिवासी बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और आरोपी ऑपरेटर सत्येंद्र यादव की गिरफ्तारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। ग्रामीणों द्वारा आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने और पुलिसिया कार्रवाई का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप इस झकझोर देने वाली खबर की जानकारी से चूक जाएंगे।
बोकारो, 4 फरवरी 2026 – झारखंड के बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। कोलकाता-वाराणसी सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य में लगे एक मशीन ऑपरेटर ने 12 साल की मासूम आदिवासी बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। यह वारदात उस वक्त हुई जब बच्ची के माता-पिता पेट पालने के लिए मजदूरी करने बाहर गए थे। हालांकि, आरोपी अपनी इस घिनौनी करतूत के बाद भागने में सफल नहीं हो सका; ग्रामीणों की मुस्तैदी ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इस घटना के बाद पूरे पेटरवार इलाके में भारी तनाव और आक्रोश देखा जा रहा है।
सूने घर में घुसा हैवान: रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी
पीड़िता के माता-पिता रोजाना की तरह काम पर गए थे और घर में बच्ची अकेली थी। इसी का फायदा आरोपी ने उठाया।
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आरोपी की पहचान: पकड़े गए आरोपी का नाम सत्येंद्र यादव है, जो बिहार के रोहतास जिले के तिलौथू का रहने वाला है। वह इलाके में पत्थर खनन मशीन चलाने का काम करता था और पीड़िता के घर के पास ही किराए पर रहता था।
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चीख-पुकार से खुला राज: जब आरोपी ने जबरन घर में घुसकर बच्ची के साथ दरिंदगी शुरू की, तो मासूम की चीखों ने सन्नाटा चीर दिया। आवाज सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने आरोपी को घर के भीतर ही दबोच लिया।
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पुलिस की एंट्री: सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजू मुंडा और सर्किल इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार सिंह दल-बल के साथ पहुँचे और आरोपी को भीड़ के चंगुल से निकालकर हिरासत में लिया।
पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज, कड़ी सजा की मांग
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सत्येंद्र यादव के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और बलात्कार की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मासूम बच्ची को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते हुए मांग की है कि ऐसे दरिंदे को समाज में रहने का कोई हक नहीं है और उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
पेटरवार दरिंदगी: मुख्य विवरण (Case Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| आरोपी | सत्येंद्र यादव (मशीन ऑपरेटर, रोहतास-बिहार) |
| पीड़िता | 12 वर्षीय आदिवासी बच्ची |
| प्रोजेक्ट | कोलकाता-वाराणसी सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे |
| कानूनी धाराएं | POCSO एक्ट एवं अन्य गंभीर धाराएं |
| पुलिस कार्रवाई | आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजने की तैयारी |
ग्रामीणों का गुस्सा: "फांसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं"
इस घटना ने स्थानीय लोगों को उद्वेलित कर दिया है। आदिवासी संगठनों का कहना है कि बाहर से आने वाले ऑपरेटर और मजदूर अक्सर स्थानीय संस्कृति और मर्यादा का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि एक्सप्रेस-वे निर्माण में लगे हर बाहरी कर्मी का डेटा सार्वजनिक किया जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों।
सलाखों के पीछे पहुँचा आरोपी
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा ताकि मासूम को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। फिलहाल, बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने उसके मन पर जो घाव दिए हैं, उनकी भरपाई नामुमकिन है।
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