Ghatshila Honour : स्कूल के पूर्व छात्र बने CISF अफसर, विद्या मंदिर में हुआ भव्य स्वागत!
CISF के सहायक कमांडेंट बने संदीप सौरभ का घाटशिला के संत नंदलाल स्मृति विद्या मंदिर में भव्य स्वागत! जानिए उनकी संघर्ष से सफलता तक की पूरी कहानी।

घाटशिला: सपने सच होते हैं, अगर मेहनत और लगन से उन्हें पूरा करने का जुनून हो! ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है संदीप सौरभ ने, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से CISF में सहायक कमांडेंट का पद हासिल किया। खास बात यह रही कि संदीप अपने ही स्कूल, संत नंदलाल स्मृति विद्या मंदिर, घाटशिला पहुंचे, जहां भव्य स्वागत किया गया।
कैसे हुआ स्वागत?
विद्यालय प्राचार्या नीलकमल सिन्हा और सचिव एस. के. देवड़ा ने फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर संदीप की माताजी और बहन भी मौजूद थीं।
शिक्षकों ने गर्व महसूस करते हुए कहा कि संदीप की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
विद्यालय परिवार ने उन्हें ‘रोल मॉडल’ बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कौन हैं संदीप सौरभ?
संदीप 2015 बैच के छात्र हैं, जिन्होंने हैदराबाद स्थित नेशनल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी अकादमी से ट्रेनिंग पूरी की। इसके बाद, UPSC की कठिन परीक्षा पास कर CISF में सहायक कमांडेंट बने।
संघर्ष से सफलता तक का सफर!
संदीप का सफर आसान नहीं था। UPSC की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर साल लाखों छात्र बैठते हैं लेकिन गिने-चुने ही सफल होते हैं। संदीप ने मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
संदीप ने क्या कहा?
उन्होंने अपने स्कूल के अनुशासन को अपनी सफलता की जड़ बताया।
शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सपोर्ट को सफलता का आधार माना।
भविष्य में युवाओं को प्रेरित करने के लिए स्कूल में आकर मार्गदर्शन देने की इच्छा जताई।
विद्यालय परिवार की प्रतिक्रिया
विद्यालय सचिव एस. के. देवड़ा ने कहा, "संदीप जैसे छात्र हमारे स्कूल की पहचान हैं। उनकी मेहनत, लगन और संघर्ष भावी पीढ़ी के लिए मिसाल है।"
प्राचार्या नीलकमल सिन्हा ने कहा, "जब हमारे विद्यार्थी इस ऊंचाई तक पहुंचते हैं, तो यह पूरे स्कूल और समाज के लिए गर्व की बात होती है।"
CISF क्या है और इसकी परीक्षा क्यों है खास?
CISF (Central Industrial Security Force) भारत की महत्वपूर्ण सुरक्षा एजेंसी है, जो सरकारी संस्थानों, हवाई अड्डों और बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करती है।
CISF में भर्ती UPSC के माध्यम से होती है, और इस परीक्षा में सफल होना आसान नहीं होता।
केवल सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों को सहायक कमांडेंट जैसे उच्च पदों पर नियुक्त किया जाता है।
संघर्ष और मेहनत की मिसाल!
संदीप सौरभ की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों और गांवों से भी बड़े अफसर निकल सकते हैं, बस जरूरत है तो लगन और कड़ी मेहनत की।
क्या आप भी बनना चाहते हैं संदीप सौरभ?
UPSC की तैयारी के लिए अनुशासन और कड़ी मेहनत जरूरी है।
नियमित पढ़ाई, सही रणनीति और सकारात्मक सोच सफलता की कुंजी है।
अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें और कभी हार न मानें।
विद्या मंदिर परिवार को गर्व!
इस सम्मान समारोह के दौरान स्कूल के सभी शिक्षकों ने संदीप को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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