Chandil Fire: चांडिल में आसमानी आफत: हुमिद ओपी पर गिरा 11 हजार वोल्ट का तार, धू-धू कर जलीं जब्त गाड़ियां
सरायकेला के चांडिल स्थित हुमिद ओपी परिसर में 11 हजार वोल्ट का हाई टेंशन तार गिरने से भीषण आग लग गई। पुलिस द्वारा जब्त की गई दर्जनों बाइक और वाहन जलकर राख हो गए हैं। इस भयावह अग्निकांड की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है।
चांडिल/सरायकेला, 2 मार्च 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत हुमिद ओपी (Outpost) परिसर सोमवार को एक भीषण अग्निकांड का गवाह बना। दोपहर के वक्त आसमान से काल बनकर गिरे 11 हजार वोल्ट के हाई टेंशन बिजली तार ने पूरे थाना परिसर में तबाही मचा दी। तार के टूटते ही उठी चिंगारियों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसकी चपेट में आकर मालखाने और परिसर में खड़े जब्त वाहन राख के ढेर में तब्दील हो गए। इस घटना ने न केवल पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया, बल्कि आसपास के रिहायशी इलाकों में भी दहशत फैला दी।
शॉर्ट सर्किट और धमाका: जब ओपी परिसर बना आग का गोला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना अचानक था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
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बिजली का तांडव: 11 हजार वोल्ट का तार अचानक टूटकर सीधे उन वाहनों पर गिरा जिन्हें पुलिस ने अलग-अलग मामलों में जब्त कर परिसर में खड़ा किया था।
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धू-धू कर जली गाड़ियां: तार गिरते ही जोरदार शॉर्ट सर्किट हुआ और पेट्रोल टैंकों में आग पकड़ ली। एक के बाद एक कई बाइकों में धमाके हुए और काला धुआं आसमान में छा गया।
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अफरा-तफरी का माहौल: आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी और पास के ग्रामीण अपनी जान बचाकर भागने लगे।
चांडिल और हुमिद का इतिहास: जर्जर तारों की पुरानी समस्या
चांडिल और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों का इतिहास बिजली के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के संघर्षों से भरा रहा है। 1980 के दशक में जब स्वर्णरेखा परियोजना और चांडिल डैम का निर्माण हुआ, तब इस क्षेत्र में बिजली लाइनों का जाल बिछाया गया था। लेकिन समय के साथ रखरखाव की कमी और पुराने जर्जर तार अक्सर हादसों का सबब बनते रहे हैं।
इतिहास गवाह है कि सरायकेला जिले के ग्रामीण इलाकों में हाई टेंशन तारों के गिरने से पहले भी मवेशियों और फसलों को नुकसान पहुँचता रहा है, लेकिन इस बार 2026 की यह घटना सीधे कानून के रखवालों के परिसर में हुई है। यह हादसा बिजली विभाग की उस लापरवाही को उजागर करता है, जहां संवेदनशील सरकारी इमारतों के ऊपर से गुजरने वाले खतरनाक तारों की समय पर मरम्मत नहीं की जाती।
फायर ब्रिगेड की एंट्री: घंटों की मशक्कत के बाद काबू
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी दिलस बिरूवा ने तुरंत फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग को सूचित किया।
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लाइन काटी गई: सबसे पहले क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप की गई ताकि राहत कार्य शुरू हो सके।
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दमकल का मोर्चा: फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुँचकर पानी की बौछारें शुरू कीं। काफी मशक्कत के बाद आग को मुख्य भवन तक पहुँचने से रोका गया।
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नुकसान का आकलन: पुलिस के अनुसार, दर्जनों जब्त दोपहिया वाहन और कुछ अन्य बड़े वाहन पूरी तरह जल चुके हैं।
अग्निकांड का विवरण: मुख्य बिंदु
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| स्थान | हुमिद ओपी परिसर, चांडिल |
| कारण | 11,000 वोल्ट हाई टेंशन तार का गिरना |
| नुकसान | कई जब्त बाइक और अन्य वाहन राख |
| राहत | कोई जनहानि नहीं, दमकल ने आग बुझाई |
थाना प्रभारी का बयान और आगे की जांच
हुमिद ओपी के थाना प्रभारी ने पुष्टि की है कि यह हादसा विशुद्ध रूप से शॉर्ट सर्किट और तार टूटने की वजह से हुआ है। गनीमत यह रही कि उस वक्त परिसर के उस हिस्से में कोई इंसान मौजूद नहीं था, वरना बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था। पुलिस अब उन वाहनों की सूची तैयार कर रही है जो इस आग की भेंट चढ़ गए हैं, ताकि उनकी केस फाइल में इस घटना का उल्लेख किया जा सके।
सुरक्षा ऑडिट की सख्त जरूरत
इस घटना ने बिजली विभाग की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों की मांग है कि थाना परिसरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों के ऊपर से गुजरने वाले हाई टेंशन तारों को या तो हटाया जाए या उन्हें 'अंडरग्राउंड' किया जाए। फिलहाल हुमिद ओपी में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन राख हुए वाहनों के रूप में वहां तबाही के निशान अभी भी मौजूद हैं।
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