Nepal Resignation: भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच गृह मंत्री सुदन गुरुंग का इस्तीफा, बोले- नैतिक मूल्य सर्वोपरि

नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच दिया इस्तीफा, शेयर कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े हैं सवाल। जानिए पूरा मामला।

Apr 22, 2026 - 16:52
 0
Nepal Resignation: भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच गृह मंत्री सुदन गुरुंग का इस्तीफा, बोले- नैतिक मूल्य सर्वोपरि
Nepal Resignation: भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच गृह मंत्री सुदन गुरुंग का इस्तीफा, बोले- नैतिक मूल्य सर्वोपरि

काठमांडू: नेपाल की राजनीति में एक बड़ा उथल-पुथल मच गई है। देश के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अपने इस्तीफे की घोषणा की। गुरुंग ने कहा कि उन्होंने जनता की आलोचना को गंभीरता से लिया है और सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है।

क्या है पूरा मामला?

सुदन गुरुंग ने 26 मार्च 2026 से नेपाल के गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। हाल ही में उन पर आय से अधिक संपत्ति और शेयर बाजार में संदिग्ध कारोबार करने के आरोप लगे। दावा किया गया कि उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद कारोबारी दीपक भट्ट के साथ आर्थिक लेनदेन किया। इसके अलावा, उन पर अपनी आधिकारिक संपत्ति की घोषणा में स्टार माइक्रो इंश्योरेंस और लिबर्टी माइक्रो लाइफ में निवेश की जानकारी नहीं देने का भी आरोप है।

नैतिक मूल्य सर्वोपरि : गुरुंग

अपने इस्तीफा पत्र में सुदन गुरुंग ने लिखा, "मेरे लिए, किसी भी पद से ज्यादा महत्व नैतिक मूल्यों का है, और जनता के विश्वास से बड़ी कोई शक्ति नहीं है।" उन्होंने आगे लिखा कि आज का Gen Z आंदोलन, जो सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करता है, वही संदेश देता है: सार्वजनिक जीवन स्वच्छ होना चाहिए और नेतृत्व जवाबदेह होना चाहिए।

Gen Z आंदोलन का असर

नेपाल में पिछले कुछ महीनों से Gen Z आंदोलन जोर पकड़ रहा है। युवा सुशासन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त समाज की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सुदन गुरुंग के इस्तीफे के पीछे इसी जनआंदोलन का दबाव भी एक बड़ा कारण है।

इससे पहले एक और मंत्री को गंभीर आरोपों के बाद पद से हटाया जा चुका है

गौरतलब है कि इससे पहले 9 अप्रैल को, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने अपनी पार्टी की सिफारिश पर, श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह को अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते पद से हटा दिया था। दीपक कुमार साह पर आरोप था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी, जूनू श्रेष्ठ को स्वास्थ्य बीमा बोर्ड के सदस्य के तौर पर बनाए रखा। यह एक ऐसा पद था जो लंबे समय से लगभग निष्क्रिय पड़ा था।

आगे क्या?

सुदन गुरुंग के इस्तीफे के बाद अब नेपाल की राजनीति में नए सिरे से हलचल शुरू हो गई है। विपक्षी दल सरकार पर और सवाल उठाने की तैयारी में हैं। वहीं, सत्तारूढ़ गठबंधन नए गृह मंत्री की नियुक्ति पर विचार कर रहा है। देखना यह होगा कि क्या इस बार भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ रही जनता की आवाज का कोई ठोस परिणाम निकलता है।

सुदन गुरुंग के समर्थन में कौन?

अभी तक सुदन गुरुंग के समर्थन में किसी बड़े नेता ने कोई बयान नहीं दिया है। हालांकि, उनके अपने दल के कुछ नेताओं ने कहा है कि उन पर लगे आरोप निराधार हैं और उन्होंने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया है। वहीं, विपक्षी दलों ने इसे भ्रष्टाचार की स्वीकारोक्ति बताया है।

नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच इस्तीफा दे दिया। Gen Z आंदोलन के दबाव में उठाया यह कदम नेपाल की राजनीति में एक नई मिसाल कायम कर सकता है। क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ यह लड़ाई रंग लाएगी? यह खबर पढ़कर सावधान हो जाइए और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।