Bistupur Tragedy: टाटा स्टील हेल्थ सेंटर में ठेका कर्मचारी ने लगाई फांसी, वेतन न मिलना बना वजह?
जमशेदपुर के टाटा स्टील हेल्थ सेंटर में ठेका कर्मचारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, समाज के नेता ने वेतन न देने को बताया संभावित कारण। जानिए पूरा मामला।
जमशेदपुर: इस्पात नगरी के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के नॉर्दन टाउन स्थित टाटा स्टील यूआईएसएल के पब्लिक हेल्थ सेंटर में बुधवार सुबह एक ठेका कर्मचारी द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान 45 वर्षीय मेघा मुखी के रूप में हुई है, जो उक्त हेल्थ सेंटर में फॉगिंग का कार्य करता था। उसने अपने ही कार्यस्थल के गोदाम में फंदा लगाकर जान दे दी।
सुबह ड्यूटी पर आया, कुछ देर बाद मिला शव
जानकारी के अनुसार, मेघा मुखी बुधवार सुबह करीब 11 बजे अपने कार्यस्थल पर पहुंचा था। वह सामान्य दिनों की तरह ही ड्यूटी पर आया था। लेकिन कुछ ही देर बाद उसका शव हेल्थ सेंटर के गोदाम में फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना की जानकारी उस समय हुई जब अन्य कर्मचारियों की नजर गोदाम में पड़ी और उन्होंने उसे फंदे से झूलते देखा। इसके बाद तत्काल इसकी सूचना बिष्टुपुर थाना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने शव किया कब्जे में, जांच शुरू
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर अपने कब्जे में ले लिया। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही मृतक के परिजनों और सहकर्मियों से पूछताछ की जा रही है।
वेतन न मिलना बना आत्महत्या की वजह?
मुखी समाज के झारखंड प्रदेश के जिला अध्यक्ष सागर भुइयां ने कहा कि यहां मौजूद किसी भी ठेका कर्मचारी को समय पर वेतन नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह भी एक कारण हो सकता है कि उक्त ठेका कर्मचारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
परिवार में कोहराम
मेघा मुखी की मौत की खबर सुनते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। वह परिवार का इकलौता कमाने वाला था। उसकी पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि अगर समय पर वेतन मिल जाता, तो शायद मेघा यह कदम नहीं उठाता।
ठेका कर्मचारियों में रोष
इस घटना के बाद ठेका कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि कंपनियां ठेका कर्मचारियों की अनदेखी कर रही हैं। उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप कर ठेका कर्मचारियों के वेतन और काम की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। एक कर्मचारी ने बताया, "हम लोग घंटों काम करते हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलता। कई बार तो दो-तीन महीने का वेतन बकाया रहता है। यह मानसिक तनाव किसी को भी आत्महत्या के लिए मजबूर कर सकता है।"
पुलिस जांच जारी
बिष्टुपुर थाना पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस मृतक के सहकर्मियों और परिजनों से पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस ने फिलहाल किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
जमशेदपुर के टाटा स्टील हेल्थ सेंटर में ठेका कर्मचारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। समाज के नेता ने वेतन न मिलने को बताया कारण। क्या कंपनियां ठेका कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेंगी? यह खबर पढ़कर सावधान हो जाइए और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
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