Giridih Fire: तुलाडीह में भीषण आग ने सात घरों को राख किया, पीड़ितों के पास कपड़े तक नहीं बचे
गिरिडीह के तुलाडीह गांव में भीषण आग, सात घर जलकर राख, लाखों की संपत्ति स्वाहा, पीड़ितों के पास पहनने तक के कपड़े नहीं बचे। जानिए पूरा मामला।
गिरिडीह: जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत तुलाडीह गांव में मंगलवार रात करीब 9 बजे एक भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। भरकट्टा ओपी क्षेत्र में लगी इस आग ने तेज हवा के कारण कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते सात घर आग की चपेट में आ गए और पूरी तरह जलकर राख हो गए। इस दर्दनाक हादसे में पीड़ित परिवारों की लाखों रुपये की संपत्ति स्वाहा हो गई।
तेज हवा ने बढ़ाया आग का कहर
घटना मंगलवार रात करीब 9 बजे की है। अचानक एक घर से आग की लपटें उठीं और तेज हवा के कारण यह आग देखते ही देखते पड़ोस के अन्य घरों में फैल गई। कुछ ही मिनटों में सात घर इस आग की चपेट में आ गए। स्थानीय ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और सबकुछ जलकर नष्ट हो गया। आग इतनी भयावह थी कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
लाखों की संपत्ति स्वाहा, दयनीय हालात
आग की चपेट में आए घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, फर्नीचर और जरूरी कागजात तक जलकर राख हो गए। पीड़ित परिवारों की वर्षों की जमा पूंजी आग में स्वाहा हो गई। अब हालात बेहद दयनीय हो गए हैं। कई परिवारों के पास पहनने तक के कपड़े नहीं बचे हैं और वे पूरी तरह से दूसरों की मदद पर निर्भर हो गए हैं।
पीड़ित परिवारों का कहना
एक पीड़ित ग्रामीण ने बताया, "हमारे पास खाने, पीने और पहनने के लिए कुछ भी नहीं बचा है। हम रात में खुले आसमान के नीचे बैठे हैं। प्रशासन से तुरंत मदद की उम्मीद है।" एक महिला ने रोते हुए कहा, "हमारे घर में रखी सारी जमापूंजी जल गई। अब हम कहां जाएंगे, क्या करेंगे, कुछ समझ नहीं आ रहा है।"
ग्रामीणों ने मांगी मदद
घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और सहायता की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर मदद नहीं मिली, तो इन परिवारों के लिए जीना मुहाल हो जाएगा।
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
फिलहाल, प्रशासन की ओर से अभी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों ने अंचल अधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी से मिलकर राहत की मांग की है। उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएगा। राहत सामग्री जैसे तिरपाल, कंबल, खाद्य सामग्री और कपड़े की तत्काल आवश्यकता है।
आग से बचाव के उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं से बचने के लिए बिजली के तारों की नियमित जांच करानी चाहिए। खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग को पूरी तरह बुझा देना चाहिए। घरों में पानी की बाल्टी और बालू रखें ताकि आग लगने पर तुरंत उसे बुझाया जा सके। अगर आग बड़ी हो जाए, तो तुरंत दमकल विभाग को सूचित करें।
स्थानीय लोगों की मदद
इस मुश्किल घड़ी में स्थानीय ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आकर अपना योगदान दिया है। लोग उन्हें खाने-पीने का सामान और कपड़े मुहैया करा रहे हैं। लेकिन यह राहत अस्थायी है। पीड़ितों को पुनर्वास की सख्त जरूरत है।
गिरिडीह के तुलाडीह गांव में भीषण आग लगने से सात घर जलकर राख हो गए। पीड़ित परिवारों के पास कपड़े तक नहीं बचे हैं। क्या प्रशासन समय रहते इन परिवारों की मदद कर पाएगा? यह खबर पढ़कर सावधान हो जाइए और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि प्रशासन इस ओर ध्यान दे।
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