Ranchi Snatching: : स्टेशन पर ट्रेन में मासूम के गले से हनुमान जी का सोने का लॉकेट झपटकर भागने वाला शातिर ऋतिक मिश्रा गिरफ्तार!
रांची रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बच्चे के गले से सोने का लॉकेट छीनने वाले बोकारो के शातिर ऋतिक मिश्रा की प्लेटफार्म संख्या 1 से लाइव गिरफ्तारी और RPF के 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' की पूरी ऑन-फील्ड विस्तृत रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची, 28 मई 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के मुख्य रेलवे स्टेशन परिसर से 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' (Operation Yatri Suraksha) के तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की एक बेहद चौंकाने वाली, सनसनीखेज और हाई-टेक विधिक कार्रवाई सामने आई है। यहाँ चलती एक्सप्रेस ट्रेन में एक मासूम बच्चे के गले से भगवान हनुमान की आकृति वाला सोने का कीमती लॉकेट झपटकर भागने वाले एक बेहद शातिर अंतर-जिला स्नेचर को आरपीएफ ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की विधिक पहचान बोकारो निवासी ऋतिक मिश्रा के रूप में की गई है। आरपीएफ, डिवीजनल TOPB टीम और सीआईबी (CIB) रांची की संयुक्त विधिक विंग ने सीसीटीवी (CCTV) लाइव सर्विलांस कॉरिडोर की मदद से जाल बिछाकर आरोपी को प्लेटफार्म संख्या 1 पर उस समय चारों तरफ से कॉर्डन ऑफ कर दबोच लिया, जब वह किसी दूसरी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। इस लाइव क्रैकडाउन के बाद रांची स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और रेल पुलिस के सुरक्षा तंत्र में भारी हलचल मच गई है।
स्नैचिंग की लाइव इनसाइड स्टोरी: 26 मई की वारदात, प्लेटफार्म 4/5 का खौफ और गुरुवार की घेराबंदी
रांची रेल मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष, जीआरपी (GRP) थाना और आरपीएफ डिटेक्टिव विंग के आंतरिक खुफिया सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह पूरी वारदात पैसेंजर डार्क स्पॉट्स का फायदा उठाकर की गई थी।
-
विदाई के समय झपट्टा: बीते 26 मई को रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 4/5 पर खड़ी ट्रेन संख्या 18603 एक्सप्रेस में एक यात्री अजय कुमार सिन्हा अपने पूरे परिवार को विदा कर रहे थे। इसी भीड़भाड़ के बीच आरोपी ऋतिक मिश्रा ने उनके मासूम बच्चे के गले से सोने का हनुमान लॉकेट झपट लिया और पलक झपकते ही गायब हो गया।
-
सीसीटीवी स्टाफ का सीक्रेट इनपुट: भुक्तभोगी परिवार द्वारा आरपीएफ पोस्ट में लिखित विधिक शिकायत दर्ज कराने के बाद, कमांडेंट के निर्देश पर स्टेशन के चप्पे-चप्पे पर लगे हाई-डेफिनिशन कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिसमें ऋतिक का चेहरा विधिक रूप से ट्रेस हो गया।
-
प्लेटफार्म 1 पर दबोचा गया आरोपी: गुरुवार 28 मई को जैसे ही सीसीटीवी निगरानी स्टाफ ने उसी संदिग्ध युवक को प्लेटफार्म 1 पर मंडराते देखा, तुरंत फील्ड टीम को अलर्ट किया गया। आरपीएफ ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से चोरी का लॉकेट, काला बटुआ और एक पैन कार्ड (PAN Card) की प्रति बरामद हुई।
ट्रेनों में ऑटोमैटिक फेस रिकॉग्निशन (AFR) और प्लेटफार्म्स की विधिक किलेबंदी समय की मांग
आरपीएफ पोस्ट रांची, सीआईबी और जीआरपी की संयुक्त टीमों ने जिस तत्परता और जांबाजी से 48 घंटे के भीतर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ऋतिक मिश्रा को गिरफ्तार किया और पीड़ित अजय कुमार सिन्हा के बच्चे का लॉकेट विधिक रूप से बरामद कराया, वह रेल सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में एक बहुत बड़ा ऑन-फील्ड माइलस्टोन है। पुलिस ने कानूनी कागजी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को जीआरपी रांची को सौंप दिया है ताकि उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा सके। लेकिन केवल एक झपटमार को पकड़ना इस पूरे रेल सिंडिकेट का स्थायी समाधान नहीं है। 2026 के इस आधुनिक और हाई-स्पीड रेल युग में रेल मंत्रालय और रांची रेल मंडल प्रशासन को तुरंत संयुक्त संज्ञान लेते हुए पूरे स्टेशन परिसर और बोगियों के भीतर 'ऑटोमैटिक फेस रिकॉग्निशन' (AFR) कैमरे लगाने होंगे। जब तक इन पेशेवर झपटमारों के पूरे अंतर-जिला डार्क नेटवर्क की विधिक और तकनीकी घेराबंदी नहीं की जाती, तब तक रांची के इस ऐतिहासिक, व्यस्त और प्रतिष्ठित रेलवे कॉरिडोर को ट्रेन स्नैचिंग के इस डार्क और जानलेवा इतिहास से पूरी तरह मुक्त नहीं कराया जा सकेगा।
What's Your Reaction?


