Kadma Stalking:विजया हेरिटेज की विधवा देवलीना को पड़ोसी अभिषेक सिन्हा ने किया मानसिक रूप से लहूलुहान, पीछा करने और घर में घुसने का सनसनीखेज मामला दर्ज!

जमशेदपुर के कदमा विजया हेरिटेज में विधवा महिला का पीछा करने, घर में घुसकर नंबर लेने और मानसिक उत्पीड़न करने वाले पड़ोसी अभिषेक सिन्हा पर हुए विधिक केस और कदमा पुलिस की ऑन-फील्ड लाइव जांच की पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ देखें।

May 28, 2026 - 14:30
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Kadma Stalking:विजया हेरिटेज की विधवा देवलीना को पड़ोसी अभिषेक सिन्हा ने किया मानसिक रूप से लहूलुहान, पीछा करने और घर में घुसने का सनसनीखेज मामला दर्ज!
Kadma Stalking:विजया हेरिटेज की विधवा देवलीना को पड़ोसी अभिषेक सिन्हा ने किया मानसिक रूप से लहूलुहान, पीछा करने और घर में घुसने का सनसनीखेज मामला दर्ज!

जमशेदपुर, 28 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के सबसे पॉश, सुरक्षित और प्रतिष्ठित आवासीय परिसरों में शुमार कदमा थाना क्षेत्र के विजया हेरिटेज (Vijaya Heritage) सोसाइटी कॉरिडोर से एक बेहद शर्मनाक, चौंकाने वाली और डार्क स्टॉकिंग (Stalking) की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ रहने वाली एक संभ्रांत विधवा महिला देवलीना चक्रवर्ती को उनके ही पड़ोस में रहने वाले एक कथित सिरफिरे आशिक और साइको स्टॉकर अभिषेक सिन्हा द्वारा पिछले कई महीनों से विधिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, भद्दे कमेंट्स पास करने और अश्लील गाली-गलौज करने का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। आरोपी की रोज-रोज की डरावनी हरकतों, पीछा करने की आदतों और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर अंततः इस बेसहारा विधवा महिला ने समाज की रूढ़ियों को तोड़ते हुए कदमा थाना की शरण ली है। पीड़िता की लिखित विधिक शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पड़ोसी के खिलाफ महिला उत्पीड़न, पीछा करने (Stalking) और मानसिक रूप से लहूलुहान करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है, जिससे पूरी हाई-प्रोफाइल विजया हेरिटेज सोसाइटी के संभ्रांत नागरिकों में भारी हड़कंप मच गया है।

स्टॉकिंग की लाइव इनसाइड स्टोरी: स्कूल रूट पर पहरा, चंदे के बहाने घर में एंट्री और पहली पत्नी का डार्क सच

पूर्वी सिंहभूम जिला पुलिस मुख्यालय, कदमा थाना विलेज सर्विलांस सेल और महिला सुरक्षा विंग के आंतरिक खुफिया सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह प्रताड़ना लंबे समय से बेहद योजनाबद्ध तरीके से चल रही थी।

  • मासूम बच्चे के सामने पीछा: देवलीना चक्रवर्ती ने अपने आधिकारिक पुलिसिया आवेदन में रोते हुए बताया कि जब भी वह सुबह अपने छोटे मासूम बच्चे को स्कूल छोड़ने के लिए घर से बाहर मुख्य सड़क पर निकलती हैं, आरोपी अभिषेक सिन्हा साए की तरह उनका पीछा करने लगता है।

  • 17 मई का खौफनाक विजुअल: प्रताड़ना का डार्क खेल तब चरम पर पहुंच गया जब बीती 17 मई को आरोपी ने सरेराह महिला को रोककर गंभीर विधिक धमकी दी और बेहद अश्लील गाली-गलौज की, जिसके बाद महिला सदमे में चली गई थी।

  • चंदे के बहाने मोबाइल नंबर चोरी: जांच में खुलासा हुआ है कि कई महीने पहले आरोपी अभिषेक एक स्थानीय उत्सव का चंदा मांगने के बहाने महिला के घर के भीतर अनधिकृत रूप से घुस गया था। उसी दौरान उसने झांसा देकर महिला का पर्सनल मोबाइल नंबर ले लिया और तब से लगातार देर रात आपत्तिजनक मैसेज भेजकर परेशान कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पहले ही अपनी पहली पत्नी को छोड़ चुका है और उसका पुराना ट्रैक रिकॉर्ड संदिग्ध रहा है।

गेटेड सोसायटियों में विधिक महिला सुरक्षा विंग और डिजिटल स्टॉकिंग ट्रैकिंग समय की मांग

कदमा थाना पुलिस की टीम ने जिस मुस्तैदी से विजया हेरिटेज पहुंचकर मामले की प्राथमिक जांच शुरू की है और आरोपी अभिषेक सिन्हा के पुराने विधिक रिकॉर्ड्स खंगालने शुरू किए हैं, वह न्याय व्यवस्था की दिशा में एक बहुत बड़ा ऑन-फील्ड माइलस्टोन है। पुलिस अब महिला के मोबाइल पर आए उन सीक्रेट कॉल्स और मैसेजेस का फॉरेंसिक विश्लेषण (Call Detail Record - CDR) करा रही है ताकि कोर्ट में आरोपी के खिलाफ अकाट्य विधिक सबूत पेश किए जा सकें। लेकिन केवल कागजी एफआईआर दर्ज करना इस डार्क सोशल स्टॉकिंग का स्थायी समाधान नहीं है। 2026 के इस आधुनिक डिजिटल युग में जमशेदपुर जिला पुलिस मुख्यालय, महिला अंचल विंग और विजया हेरिटेज सोसाइटी मैनेजमेंट (Welfare Association) को तुरंत संयुक्त संज्ञान लेते हुए पूरी सोसाइटी के भीतर एक 'सीक्रेट वीमेन सेफ्टी ग्रिड' स्थापित करना होगा। इसके साथ ही, अकेले रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कॉरिडोर को सीधे लोकल थाना से जोड़ना होगा, तभी जमशेदपुर के इस ऐतिहासिक, प्रतिष्ठित और आधुनिक आवासीय अंचल को पड़ोसियों के इस डार्क और जानलेवा मानसिक प्रताड़ना के इतिहास से पूरी तरह मुक्त कराया जा सकेगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।