Jamtara Accident : हाईवे 419 पर बोदमा पोल फैक्ट्री के पास पलटी तेज रफ्तार कार, एयरबैग खुलने से बची 7 यात्रियों की जान!
जामतारा के मिहिजाम हाईवे 419 पर बिहार नंबर की तेज रफ्तार कार पलटने से मची चीख-पुकार के बीच एयरबैग खुलने से हुआ बड़ा चमत्कार। सभी 7 यात्रियों के सुरक्षित बचने और पुलिसिया रेस्क्यू का पूरा लाइव सच यहाँ देखें।
जामतारा/मिहिजाम, 28 मई 2026 – झारखंड के साइबर अंचल और ऐतिहासिक कर्माटांड़-मिहिजाम कॉरिडोर के जामतारा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली, सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाली सड़क हादसे (Road Accident) की खबर सामने आई है। यहाँ मिहिजाम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले व्यस्त राजकीय राजमार्ग-419 (Highway 419) पर बोदमा पोल फैक्ट्री के समीप गुरुवार तड़के एक बहुत ही खौफनाक और बड़ा सड़क हादसा होते-होते बाल-बाल टल गया। तड़के के सन्नाटे में एक बेहद तेज रफ्तार से आ रही बिहार निबंधन संख्या की सफेद रंग की लग्जरी कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क के बीचों-बीच तीन से चार बार पलट गई। इस भीषण दुर्घटना के बाद हाईवे पर चीख-पुकार और भारी अफरा-तफरी मच गई, जिसे देखकर आसपास के ग्रामीण और स्थानीय दुकानदार तुरंत ऑन-फील्ड रेस्क्यू के लिए घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों और मिहिजाम पुलिस के अनुसार, कार में कुल सात लोग सवार थे। इस रूह कँपा देने वाले हादसे में सबसे बड़ा दैवीय चमत्कार यह रहा कि टक्कर लगते ही कार के सभी 'एयरबैग' (Airbags) समय पर खुल गए, जिससे कार के भीतर फंसे सभी सात यात्रियों की जान विधिक रूप से बच गई। सभी को हल्की-फुल्की चोटें आई हैं, लेकिन कोई भी गंभीर या हताहत नहीं हुआ है।
हादसे की लाइव इनसाइड स्टोरी: मारगोमुण्डा से कोलकाता का सफर और तीखे मोड़ का खूनी जाल
जामतारा जिला परिवहन विभाग, मिहिजाम उप-स्वास्थ्य केंद्र और स्थानीय पुलिस विंग के आंतरिक खुफिया सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह हादसा अलसुबह की नींद और तेज रफ्तार के जानलेवा कॉम्बिनेशन के कारण हुआ।
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कोलकाता जा रहा था परिवार: कार में सवार सभी यात्री देवघर-जामतारा सीमा के मारगोमुण्डा अंचल से निकलकर औद्योगिक महानगर कोलकाता की ओर जा रहे थे।
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कंट्रोल से बाहर हुई 'BR01EQ4731': जैसे ही बिहार नंबर (BR01EQ4731) की यह सफेद कार मिहिजाम के बोदमा पोल फैक्ट्री के पास पहुंची, वहाँ हाईवे पर बने एक बेहद तीखे और खतरनाक अंधे मोड़ पर चालक ने वाहन से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो दिया। रफ्तार इतनी घातक थी कि कार सड़क पर पलट गई और उसका अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त (लोहे का मलबा) हो गया।
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ग्रामीणों ने दिखाया जज्बा: कार पलटते ही कड़ाके की आवाज हुई। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए कार के शीशे तोड़े और एयरबैग के बीच दबे सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे हाईवे पर कुछ देर के लिए लगा लंबा जाम भी खुलवाया जा सका।
हाईवे पर रंबल स्ट्रिप्स का निर्माण और स्पीड रडार गश्त समय की मांग
मिहिजाम थाना पुलिस ने जिस तत्परता से मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में लिया और सभी सातों घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर प्राथमिक उपचार कराया, वह कानून व्यवस्था और मानवीय सेवा की दिशा में एक बहुत बड़ा माइलस्टोन है। डॉक्टरों ने विधिक रूप से पुष्टि की है कि सभी सातों यात्री पूरी तरह खतरे से बाहर हैं। लेकिन केवल एयरबैग के भरोसे बैठना इस जानलेवा हाईवे रूट का स्थायी समाधान नहीं है। 2026 के इस आधुनिक और हाई-स्पीड परिवहन युग में झारखंड पथ निर्माण विभाग (RCD), नेशनल हाईवे अथॉरिटी और जामतारा जिला प्रशासन को तुरंत संयुक्त संज्ञान लेते हुए बोदमा पोल फैक्ट्री के इस खतरनाक तीखे मोड़ से 500 मीटर पहले बड़े-बड़े 'गति सीमा संकेतक बोर्ड' और सड़क पर 'हाई-टेक रंबल स्ट्रिप्स' (Speed Breakers) बनाने होंगे। जब तक इस खूनी मोड़ की विधिक और इंफ्रास्ट्रक्चर घेराबंदी नहीं की जाती, तब तक जामतारा के इस ऐतिहासिक, व्यस्त और सीमावर्ती हाईवे कॉरिडोर को सड़क हादसों के इस डार्क और जानलेवा इतिहास से पूरी तरह मुक्त नहीं कराया जा सकेगा।
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