Burmamines Mystery: जमशेदपुर का आलोक पांडे लापता, स्टेशन पर मिली गाड़ी की चाभी, मां और पत्नी के बीच उलझी गुत्थी
जमशेदपुर के बर्मामाइंस से ससुराल गए आलोक पांडे रहस्यमयी तरीके से लापता हो गए हैं। स्टेशन पर चाभी छोड़ने का मैसेज और मां-पत्नी के विरोधाभासी बयानों के बीच उलझी इस खबर की पूरी सच्चाई यहाँ देखें।
जमशेदपुर/झारखंड, 12 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र का एक परिवार इन दिनों गहरे सदमे और अनिश्चितता के साए में जी रहा है। भक्ति नगर निवासी 35 वर्षीय आलोक पांडे पिछले कई दिनों से लापता हैं। यह मामला तब और पेचीदा हो गया जब आलोक का आखिरी लोकेशन और उनके द्वारा भेजा गया मैसेज सामने आया। पुलिस के लिए यह मामला केवल एक गुमशुदगी (Missing Person) का नहीं, बल्कि पारिवारिक कलह और मानसिक दबाव की एक उलझी हुई दास्तां बन चुका है।
वारदात की दास्तां: ससुराल जाने के बाद नहीं लौटे आलोक
घटना की शुरुआत 16 फरवरी 2026 को हुई, जब आलोक पांडे अपने ससुराल हरहरगुटु बैंक कॉलोनी (हरिकेश पांडे के घर) जाने की बात कहकर घर से निकले थे।
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हुलिया और पहचान: गोरा रंग, 5 फीट 8 इंच कद और मजबूत कद-काठी के आलोक अपनी एग्रिको ट्रांसपोर्ट मैदान के सामने वाली दुकान को लेकर काफी सक्रिय रहते थे।
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आखिरी मैसेज का रहस्य: लापता होने के बाद आलोक ने अपने भाई शुभम पांडे को एक मैसेज भेजा। इस मैसेज में उन्होंने बताया कि उनकी गाड़ी और दुकान की चाभियां टाटानगर स्टेशन की पार्किंग में रखी हैं।
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मैसेज में दर्द: मैसेज में आलोक ने लिखा, "भाई तुम लोग खुशी से कमाओ-खाओ और हमें भी शांति से रहने दो।" यह संदेश इशारा करता है कि आलोक किसी गहरे मानसिक तनाव में थे।
मां और पत्नी के बीच 'बयानों' की जंग
आलोक की मां रीना पांडे का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि आलोक अपने बच्चे से मिलने ससुराल गया था, लेकिन वहां से वापस नहीं आया।
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मां का आरोप: रीना पांडे का कहना है कि शादी के बाद से ही आलोक अधिकांश समय ससुराल में ही रहता था। वह घर पर बोलकर गया था, लेकिन अब उसकी पत्नी नेहा कुमारी का कहना है कि आलोक की मां ही जानती है कि वह कहां है।
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कोर्ट का पुराना मामला: जानकारी के अनुसार, 2023 में कोर्ट में किसी समझौते के बावजूद पारिवारिक स्थितियां सामान्य नहीं हुईं।
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बंद घर और सन्नाटा: वर्तमान में आलोक की पत्नी घर पर ताला लगाकर कहीं चली गई है, जिससे संदेह की सुई और गहरा गई है।
तलाश जारी: बस्ती के लोग आए साथ
आलोक पांडे की तलाश में केवल उनका परिवार ही नहीं, बल्कि पूरी बस्ती एकजुट हो गई है।
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पुलिस की कार्रवाई: बर्मामाइंस थाना प्रभारी ने शिकायत दर्ज कर ली है और स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
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पार्किंग का सुराग: स्टेशन पार्किंग में चाभियां मिलना इस बात की पुष्टि करता है कि आलोक शहर छोड़कर कहीं बाहर गए हैं या फिर यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है।
आलोक पांडे का गायब होना जमशेदपुर की एक ऐसी दुखद दास्तां है, जहाँ एक मां का ममता और एक पत्नी का अधिकार आपस में टकरा रहे हैं। क्या आलोक अपनी मर्जी से कहीं 'शांति' की तलाश में गए हैं, या फिर इस मैसेज के पीछे कोई और है? बर्मामाइंस पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि वे जल्द से जल्द आलोक को ढूंढकर एक बिलखती मां को उसका बेटा लौटाएं। फिलहाल, पूरा भक्ति नगर और एग्रिको के दुकानदार आलोक की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।
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