Adityapur Crash: आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया में अनियंत्रित पिकअप ने खड़ी गाड़ी को मारी टक्कर, साजिश की आशंका
आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया में तेज रफ्तार पिकअप ने खड़ी गाड़ी के परखच्चे उड़ा दिए हैं। फैक्ट्री संचालक सुजय दास घायल हुए हैं और उन्होंने इस घटना के पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका जताई है। पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
आदित्यपुर/सरायकेला, 15 अप्रैल 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। बीती 13 अप्रैल की रात करीब 7:45 बजे एक अनियंत्रित पिकअप वाहन ने सड़क किनारे खड़ी एक कार को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वह पूरी तरह चकनाचूर हो गई। इस हादसे में फैक्ट्री संचालक सुजय दास बाल-बाल बचे, लेकिन उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद पीड़ित ने इसे महज एक हादसा मानने से इनकार करते हुए किसी गहरी साजिश की आशंका जताई है। फिलहाल, औद्योगिक क्षेत्र में इस एक्सीडेंट के बाद सुरक्षा व्यवस्था और बिना लाइसेंस के वाहन चलाने वालों पर सवाल उठने लगे हैं।
हादसे का मंजर: जब चीख उठा इंडस्ट्रियल एरिया
सुजय दास अपनी फैक्ट्री से काम निपटाकर घर जाने के लिए निकल ही रहे थे, तभी यह खौफनाक वारदात हुई।
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तेज रफ्तार काल: पिकअप वाहन (नंबर JH05E-60527) इतनी तेज गति में था कि चालक नियंत्रण खो बैठा। उसने सुजय दास की खड़ी गाड़ी में सीधी टक्कर मार दी।
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साजिश का शक: पीड़ित सुजय दास ने बताया कि टक्कर जिस अंदाज में मारी गई, उससे यह जानबूझकर की गई साजिश प्रतीत होती है। अगर वे गाड़ी के अंदर होते, तो उनकी जान भी जा सकती थी।
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बिना लाइसेंस का चालक: पीड़ित का गंभीर आरोप है कि पिकअप चालक रोहित के पास कोई वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। बिना ट्रेनिंग और कागजात के इंडस्ट्रियल एरिया जैसी व्यस्त सड़कों पर गाड़ी चलाना बड़े खतरे को आमंत्रण देना है।
वादे से मुकरा मालिक: पीड़ित अब न्याय की गुहार में
हादसे के बाद पीड़ित ने पिकअप के मालिक दयानंद पाल से संपर्क किया, लेकिन वहां से उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
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धोखाधड़ी: शुरुआत में मालिक ने अपनी गलती मानी और नुकसान की भरपाई का वादा किया। लेकिन जैसे ही खर्चे की बात आई, वह अपने वादे से मुकर गया।
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शारीरिक कष्ट: सुजय दास के बाएं पैर में गंभीर चोट आई है। चोट इतनी गहरी है कि वे अब दोपहिया वाहन भी नहीं चला पा रहे हैं।
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आर्थिक मार: क्षतिग्रस्त गाड़ी को ठीक होने में कम से कम 3 से 4 महीने का वक्त लगेगा। रोजमर्रा के आवागमन के लिए अब उनके पास कोई साधन नहीं बचा है।
प्रशासन से मांग: न्याय और क्षतिपूर्ति की गुहार
पीड़ित सुजय दास ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
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पूरी क्षतिपूर्ति: वाहन की मरम्मत का पूरा खर्च पिकअप मालिक से दिलवाया जाए।
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कठोर कार्रवाई: बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने वाले रोहित और लापरवाही बरतने वाले मालिक दयानंद पाल पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाए।
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इलाज का खर्च: दुर्घटना के कारण हुए शारीरिक कष्ट और इलाज में लगने वाले पैसे की भरपाई की जाए।
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