Jugsalai Fire: खौफनाक लपटें, राष्ट्रपति के रूट पर धमाका, जुगसलाई रेलवे फाटक के पास टायर दुकान राख, आसमान में छाया काला धुआं
जमशेदपुर के जुगसलाई रेलवे फाटक के पास एक टायर दुकान में लगी भीषण आग ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सोमवार को इसी रास्ते से राष्ट्रपति का काफिला गुजरने से ठीक पहले हुए इस अग्निकांड और अवैध दुकानों के पीछे छिपे जानलेवा खतरे की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी इस इलाके में छिपे सुरक्षा के बड़े सुराख को नहीं समझ पाएंगे।
जमशेदपुर, 29 दिसंबर 2025 – लौहनगरी जमशेदपुर का सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाका जुगसलाई रेलवे फाटक रविवार की रात भीषण आग की लपटों से दहल उठा। एक पुरानी टायर दुकान में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। यह घटना महज एक हादसा है या सुरक्षा में कोई बड़ी चूक, यह सवाल इसलिए भी गहरा गया है क्योंकि आज (सोमवार) को इसी मार्ग से देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का काफिला गुजरने वाला है। राष्ट्रपति के आगमन से चंद घंटे पहले हुए इस अग्निकांड ने जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं।
आधी रात का तांडव: टायरों ने उगली आग और काला धुआं
हादसा रविवार देर रात तब हुआ जब दुकान बंद थी। अचानक टायरों के ढेर से आग की लपटें उठने लगीं।
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भयानक दृश्य: टायरों में लगी आग के कारण आसमान में काला जहरीला धुआं छा गया, जिसे कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। रबर के जलने से हो रहे धमाकों ने आसपास के रिहायशी इलाकों में दहशत फैला दी।
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दमकल की मशक्कत: सूचना मिलते ही जुगसलाई पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुँची। दमकल की एक गाड़ी ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग को फैलने से रोका, लेकिन तब तक दुकान में रखा सारा सामान जलकर खाक हो चुका था।
राष्ट्रपति का दौरा और सुरक्षा पर 'सवालिया निशान'
इस आग ने जमशेदपुर के सुरक्षा घेरे में एक बड़ा सुराख दिखा दिया है।
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वीआईपी रूट पर खतरा: राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के तहत जिस रास्ते को पूरी तरह 'क्लीन' और सुरक्षित होना चाहिए था, वहां ठीक एक रात पहले ऐसी घटना होना गंभीर चिंता का विषय है।
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अवैध दुकानों का जाल: स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे फाटक के पास बड़े पैमाने पर अवैध दुकानें और टायरों के गोदाम चल रहे हैं। इन दुकानों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं, जो कभी भी बड़े हादसे को दावत दे सकते हैं।
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पुलिस की जांच: जुगसलाई थाना पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कहीं यह राष्ट्रपति के दौरे को प्रभावित करने की कोई साजिश तो नहीं थी या फिर यह महज एक शॉर्ट सर्किट का परिणाम है।
जुगसलाई अग्निकांड: मुख्य विवरण (Fire Incident Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| स्थान | जुगसलाई रेलवे फाटक के पास |
| दुकान का प्रकार | सेकंड हैंड टायर स्टोर |
| हादसे का समय | रविवार देर रात |
| सुरक्षा स्थिति | राष्ट्रपति के दौरे के कारण हाई अलर्ट |
| नुकसान | दुकान पूरी तरह खाक, कोई जनहानि नहीं |
इतिहास और लापरवाही: बार-बार क्यों सुलगता है जुगसलाई?
जुगसलाई का इतिहास गवाह है कि यहाँ अवैध अतिक्रमण और असुरक्षित व्यापारिक गतिविधियों के कारण पहले भी कई बड़े अग्निकांड हो चुके हैं। रेलवे फाटक के पास का यह क्षेत्र हमेशा से विवादों में रहा है। बार-बार चेतावनी के बावजूद यहाँ से अवैध दुकानों को नहीं हटाया गया। टायरों का भंडारण आग के लिहाज से 'बम' की तरह काम करता है, जिसे प्रशासन ने हमेशा नजरअंदाज किया। आज जब देश की प्रथम नागरिक यहाँ आ रही हैं, तब जाकर सिस्टम की यह लापरवाही पूरी दुनिया के सामने उजागर हुई है।
अवैध कब्जों पर आक्रोश: जनता की मांग
घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों और स्थानीय दुकानदारों में भारी रोष है।
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कार्रवाई की मांग: लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने पहले ही इन अवैध दुकानों पर बुलडोजर चलाया होता, तो आज यह स्थिति नहीं आती।
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खतरे में आम जान: यहाँ हमेशा ट्रेनों का आवागमन रहता है, ऐसे में अगर आग रेलवे ट्रैक तक पहुँच जाती तो बड़ा रेल हादसा भी हो सकता था।
समय रहते चेतने की जरूरत
जुगसलाई की यह आग केवल एक दुकान तक सीमित नहीं है, यह जमशेदपुर के शहरी नियोजन और सुरक्षा प्रबंधन पर एक बड़ा धब्बा है। राष्ट्रपति के आगमन के दिन ऐसी घटना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती है। फिलहाल पुलिस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है, लेकिन असली न्याय तभी होगा जब इन असुरक्षित और अवैध व्यापारिक अड्डों पर स्थाई रोक लगाई जाएगी।
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