Jamtara Strike: उड़ीसा डकैती के बदले में दी गई थी सुपारी, जामताड़ा पुलिस ने दबोचे सात खूंखार शूटर, पिस्तौल और मोबाइल बरामद
जामताड़ा के धर्मपुर में हुए फुरकान अंसारी हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उड़ीसा डकैती की मुखबिरी के शक में सुपारी देकर कराई गई इस हत्या और कई लूट कांडों की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है।
जामताड़ा, 3 मार्च 2026 – जामताड़ा जिला पुलिस को अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी है। बीते 22 फरवरी को जिला मुख्यालय के पास धर्मपुर गांव में हुए फुरकान अंसारी के जघन्य हत्याकांड की गुत्थी सुलझते ही जिले में सक्रिय एक बड़े 'क्राइम सिंडिकेट' का भंडाफोड़ हो गया है। मंगलवार शाम एसपी राजकुमार मेहता ने प्रेस वार्ता में जो खुलासे किए, उसने जामताड़ा से लेकर उड़ीसा तक के आपराधिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। पुलिस ने इस गिरोह के सात मुख्य सदस्यों को अत्याधुनिक हथियारों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
हत्या की स्क्रिप्ट: उड़ीसा डकैती और 'गद्दारी' का शक
फुरकान अंसारी की हत्या कोई सामान्य रंजिश नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय डकैत गिरोह के प्रतिशोध की कहानी है।
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मुखबिरी की सजा: जांच में सामने आया कि कुछ समय पहले उड़ीसा में एक बड़ी डकैती हुई थी। इस गिरोह को शक था कि फुरकान ने उड़ीसा पुलिस को उनके बारे में गुप्त जानकारी (मुखबिरी) दी थी।
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सुपारी किलिंग: इसी गद्दारी का बदला लेने के लिए गिरोह के सरगनाओं ने फुरकान को रास्ते से हटाने की सुपारी दी। अपराधियों ने पूरी रेकी की और 22 फरवरी को मौका पाकर उसे गोलियों से भून डाला।
SIT का एक्शन: एक सुराग और बिखर गया गिरोह
हत्याकांड के बाद एसपी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विकास आनंद लगोरी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
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सीसीटीवी और बाइक: टीम ने सबसे पहले वारदात में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल के हुलिए और नंबर की पहचान की।
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ताबड़तोड़ छापेमारी: बाइक के जरिए पुलिस हत्यारों के पहले ठिकाने तक पहुँची। इसके बाद साकेत प्रताप देव और कर्माटांड़ थाना प्रभारी चंदन कुमार तिवारी समेत अन्य अधिकारियों ने कड़ियां जोड़ते हुए सात अपराधियों को दबोच लिया।
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चौंकाने वाला कबूलनामा: पूछताछ में पकड़े गए अपराधियों ने न केवल फुरकान के कत्ल की बात मानी, बल्कि जिले में हाल ही में हुई कई लूट और डकैती की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
गिरफ्तार अपराधी और हथियारों का जखीरा
पुलिस ने इस ऑपरेशन में मौत के सौदागरों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं:
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मुख्य आरोपी: आसिफ अंसारी उर्फ लंबू, हारुन अंसारी, इसराफिल अंसारी, समसुल अंसारी और सफाउल अंसारी।
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लूट के मास्टरमाइंड: सीएसपी संचालक से लूट करने वाला अजमुल अंसारी और लंबे समय से फरार चल रहा बलमा भी अब पुलिस की गिरफ्त में है।
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हथियार बरामद: दो देशी पिस्तौल (7.85 बोर मैगजीन लोडेड), एक 9 MM पिस्टल, दो बाइक और आठ एंड्रॉयड मोबाइल फोन। पुलिस का मानना है कि इन मोबाइल फोन के डेटा से कई सफेदपोशों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
अपराधियों का 'बायोडेटा': एक नजर में
| अपराधी का नाम | मुख्य भूमिका | स्थिति |
| आसिफ उर्फ लंबू | शूटर (मुख्य आरोपी) | गिरफ्तार |
| हारुन अंसारी | साजिशकर्ता | गिरफ्तार |
| अजमुल अंसारी | सीएसपी लूट का आरोपी | गिरफ्तार |
| बलमा | फरार वारंटी | गिरफ्तार |
जामताड़ा पुलिस की बड़ी राहत
पिछले कुछ महीनों से जामताड़ा में लूट और हत्या की वारदातों ने आम जनजीवन को डरा दिया था। एसपी राजकुमार मेहता ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जामताड़ा की धरती पर अपराध करने वालों का हश्र सलाखें ही होंगी। इस खुलासे में नारायणपुर थाना प्रभारी मुराद हसन और विनय कुमार यादव की टीम ने जिस तरह से टेक्निकल इनपुट का इस्तेमाल किया, उसकी पूरे महकमे में तारीफ हो रही है।
सुलगते सवालों के जवाब
फुरकान हत्याकांड के खुलासे ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी प्लानिंग कर लें, कानून की नजर से नहीं बच सकते। उड़ीसा डकैती से जुड़े इस तार ने यह भी संकेत दिया है कि जामताड़ा पुलिस अब अंतर्राज्यीय गिरोहों पर भी नकेल कसने के लिए तैयार है। फिलहाल, सभी सातों आरोपी जेल की सलाखों के पीछे हैं।
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