Ranchi CBI : रांची में सीबीआई का बड़ा धमाका, दक्षिण पूर्व रेलवे का मुख्य इंस्पेक्टर 50 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया
रांची में सीबीआई ने दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य कमर्शियल इंस्पेक्टर हिमांशु शेखर को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। बिल पास कराने के नाम पर ठेकेदार से कमीशन मांगने और हटिया डीआरएम कार्यालय के पास हुई इस बड़ी कार्रवाई की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची, 25 मार्च 2026 – झारखंड की राजधानी रांची में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी और सर्जिकल स्ट्राइक की है। सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने बुधवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के एक रसूखदार अधिकारी को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुख्य कमर्शियल इंस्पेक्टर हिंमाशु शेखर के रूप में हुई है। हटिया स्थित डीआरएम (DRM) कार्यालय के ठीक बाहर हुई इस कार्रवाई ने रेलवे महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सीबीआई ने यह जाल एक ठेकेदार की शिकायत पर बिछाया था, जिससे आरोपी अधिकारी बिल पास करने के बदले 'कमीशन' की मांग कर रहा था। फिलहाल, आरोपी को हिरासत में लेकर उसके ठिकानों पर सघन छापेमारी की जा रही है।
रंगे हाथ 'ट्रैप': 50 हजार की गड्डी और सीबीआई का शिकंजा
सीबीआई की यह कार्रवाई पूरी तरह फिल्मी अंदाज में और बेहद गुप्त तरीके से अंजाम दी गई।
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ठेकेदार की शिकायत: रेलवे के पंजीकृत ठेकेदार अजय त्यागी ने सीबीआई से संपर्क कर बताया कि उनका करीब 8.70 लाख रुपये का बिल विभाग में लंबित है।
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रिश्वत की डिमांड: मुख्य कमर्शियल इंस्पेक्टर हिमांशु शेखर इस बिल को क्लियर करने के बदले रिश्वत की मांग पर अड़ा था। सौदा 50 हजार रुपये में तय हुआ।
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सत्यापन और जाल: सीबीआई ने पहले शिकायत का गोपनीय सत्यापन किया। जैसे ही पुष्टि हुई कि रिश्वत मांगी जा रही है, टीम ने जाल बिछाया। बुधवार को जैसे ही हटिया डीआरएम कार्यालय के पास हिमांशु शेखर ने रिश्वत की रकम हाथ में ली, सादे लिबास में तैनात सीबीआई अधिकारियों ने उसे दबोच लिया।
छापेमारी और साक्ष्यों की तलाश: क्या है बड़ा नेटवर्क?
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ ले गई और पूछताछ शुरू कर दी है।
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ठिकानों पर दबिश: सीबीआई की अलग-अलग टीमें हिमांशु शेखर के आधिकारिक आवास और अन्य निजी ठिकानों पर तलाशी ले रही हैं।
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दस्तावेजों की जांच: आरोपी के पास मौजूद फाइलों और डिजिटल डिवाइस को जब्त कर लिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह पहले भी ऐसे 'कमीशन के खेल' में शामिल रहा है।
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सिंडिकेट का शक: सीबीआई को अंदेशा है कि इस भ्रष्टाचार के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है, जिसमें अन्य विभागीय अधिकारियों की भी संलिप्तता हो।
रेलवे में भ्रष्टाचार का इतिहास और 'एसीबी' की मुस्तैदी
रेलवे जैसे विशाल विभाग में बिलों के भुगतान और ठेकों को लेकर भ्रष्टाचार के मामले पुराने रहे हैं।
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कमीशन का पुराना खेल: रांची और हटिया रेल डिवीजन में पहले भी कमर्शियल और इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी सीबीआई के रडार पर रहे हैं। अक्सर छोटे ठेकेदारों को भुगतान के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
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सीबीआई की सक्रियता: पिछले कुछ वर्षों में रांची सीबीआई यूनिट ने कई केंद्रीय संस्थानों में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत अब सीधे बड़े अधिकारियों पर हाथ डाला जा रहा है।
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भय का माहौल: इस कार्रवाई के बाद डीआरएम कार्यालय के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच सन्नाटा पसरा है। कई लोग दफ्तर छोड़कर निकलते देखे गए।
अगला कदम: सीबीआई की जनता से अपील और कानूनी प्रक्रिया
इस बड़ी सफलता के बाद सीबीआई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग को तेज करने का इरादा साफ कर दिया है।
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गोपनीयता का भरोसा: सीबीआई ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी सेवक रिश्वत मांगता है, तो तुरंत सूचना दें। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ता का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
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कोर्ट में पेशी: आरोपी हिमांशु शेखर को गुरुवार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ से एजेंसी उसे रिमांड पर लेने की कोशिश करेगी।
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नया हेल्पलाइन: भ्रष्टाचार की जानकारी देने के लिए सीबीआई ने अपना आधिकारिक संपर्क नंबर और ईमेल भी जारी किया है ताकि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित किया जा सके।
रांची में हिमांशु शेखर की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के दलदल में फंसे उन सिस्टम के लिए एक सख्त चेतावनी है जो जनता के टैक्स के पैसे पर पलते हैं और फिर उन्हीं से रिश्वत मांगते हैं। सीबीआई की इस 'ट्रैप' कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि भले ही भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी भी गहरी क्यों न हों, कानून के लंबे हाथ उन तक पहुँच ही जाते हैं। क्या हिमांशु शेखर के खुलासे से रेलवे के कुछ और बड़े 'मछली' फंसेंगे? फिलहाल, सीबीआई की जांच जारी है और रेलवे ठेकेदारों ने इस कार्रवाई पर राहत की सांस ली है।
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