Bihar Poisoning: बांका पुलिस लाइन में जहरीला हुआ खाना, 100 से ज्यादा जवान अस्पताल में भर्ती, सल्फास की आशंका

बिहार के बांका जिले में पुलिस लाइन के अंदर भीषण फूड प्वाइजनिंग की घटना हुई है। दोपहर का खाना खाने के बाद 100 से ज्यादा पुलिस जवान अचानक बीमार पड़ गए। हालत इतनी बिगड़ी कि डीएम और एसपी को खुद सदर अस्पताल दौड़ना पड़ा। चने में सल्फास मिलने की डरावनी आशंका जताई जा रही है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 13, 2026 - 18:30
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Bihar Poisoning:  बांका पुलिस लाइन में जहरीला हुआ खाना, 100 से ज्यादा जवान अस्पताल में भर्ती, सल्फास की आशंका
Bihar Poisoning: बांका पुलिस लाइन में जहरीला हुआ खाना, 100 से ज्यादा जवान अस्पताल में भर्ती, सल्फास की आशंका

बांका/बिहार, 13 मार्च 2026 – बिहार के बांका जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे महकमे को हिलाकर रख दिया है। बांका पुलिस लाइन में शुक्रवार को उस वक्त मौत जैसा सन्नाटा पसर गया, जब दोपहर का भोजन करने के बाद एक-एक कर 100 से ज्यादा पुलिस के जवान जमीन पर गिर पड़े। किसी को उल्टी हो रही थी तो कोई दस्त और पेट दर्द से कराह रहा था। आनन-फानन में पूरी पुलिस लाइन को छावनी में बदल दिया गया और बीमार जवानों को सदर अस्पताल ले जाया गया। यह महज एक हादसा है या कोई बड़ी साजिश, इसकी जांच अब उच्च स्तर पर शुरू हो गई है।

दोपहर का 'जहरीला' मेन्यू: फ्राई राइस और चने का कहर

शुक्रवार की दोपहर आम दिनों की तरह ही शुरू हुई थी। पुलिस लाइन की मेस में जवानों के लिए दोपहर का खाना तैयार किया गया था।

  • खाने में क्या था? जानकारी के अनुसार, जवानों ने मेन्यू में शामिल फ्राई राइस और चने का छोला खाया था।

  • अचानक बिगड़ी हालत: खाना खाने के महज आधे से एक घंटे के भीतर जवानों के शरीर ने जवाब देना शुरू कर दिया। देखते ही देखते बीमार होने वालों की संख्या 10, 20 और फिर 100 के पार पहुँच गई।

  • इमरजेंसी अलर्ट: सदर अस्पताल में अचानक सौ से ज्यादा जवानों के पहुँचने से वहां भी अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टरों की पूरी टीम को छुट्टी से वापस बुलाकर इमरजेंसी ड्यूटी पर लगाया गया।

सल्फास की आशंका: साजिश या भयानक लापरवाही?

इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब चने की जांच की गई।

  1. जहरीला पदार्थ: प्राथमिक जांच और मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि चने की सब्जी में सल्फास की टिकिया मिली हो सकती है।

  2. सल्फास का इस्तेमाल: आमतौर पर अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए सल्फास का उपयोग किया जाता है, लेकिन अगर यह खाने में मिल जाए तो जानलेवा साबित होता है।

  3. सैंपल लैब भेजे गए: पुलिस ने मेस से भोजन के सैंपल जब्त कर लिए हैं और उन्हें जांच के लिए लैब भेज दिया गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह लापरवाही थी या किसी ने जानबूझकर जहर मिलाया था।

पुलिस मेस और 'लो क्वालिटी' फूड का पुराना विवाद

बिहार में पुलिस लाइनों और जेलों के अंदर खाने की गुणवत्ता हमेशा से विवादों में रही है।

  • सिपाही विद्रोह की याद: इतिहास गवाह है कि कई बार घटिया खाने की वजह से जवानों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। बांका की यह घटना उन यादों को ताजा करती है जहाँ जवानों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जाता रहा है।

  • सिस्टम पर सवाल: पुलिस जवान दिन-रात ड्यूटी करते हैं, लेकिन उनकी मेस की निगरानी करने वाला सिस्टम आज भी दशकों पुराना और असुरक्षित है। चने में सल्फास की टिकिया का होना यह दर्शाता है कि भंडारण (Storage) के दौरान सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाई गईं।

प्रशासनिक मुस्तैदी: डीएम और एसपी ने संभाला मोर्चा

घटना की गंभीरता को देखते हुए बांका के जिलाधिकारी (DM) नवदीप शुक्ला और पुलिस अधीक्षक (SP) उपेंद्रनाथ वर्मा खुद सदर अस्पताल पहुँचे।

  • जवानों का हाल जाना: अधिकारियों ने एक-एक बेड पर जाकर जवानों का हौसला बढ़ाया और डॉक्टरों को निर्देश दिया कि इलाज में कोई कोताही न बरती जाए।

  • दोषियों पर कार्रवाई: एसपी ने साफ़ कहा है कि मेस संचालक और वहां काम करने वाले कर्मचारियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। अगर इसमें किसी की संलिप्तता पाई गई, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

बांका पुलिस लाइन की यह घटना एक बड़ी चेतावनी है। 100 जवानों का एक साथ बीमार होना कोई छोटी बात नहीं है। यह न केवल जवानों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी सेंध भी है। फिलहाल, राहत की बात यह है कि अधिकांश जवानों की हालत स्थिर है, लेकिन 'सल्फास की टिकिया' वाला रहस्य अभी सुलझना बाकी है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।