Sakchi Clash: साकची संजय मार्केट में दो गुट भिड़े, जमकर चले लात-घूंसे, बीच-बचाव करने आए पत्रकार से भी बदसलूकी
जमशेदपुर के सबसे व्यस्त साकची संजय मार्केट में शुक्रवार को दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। मारपीट इतनी हिंसक थी कि एक युवक के कपड़े तक फट गए। वीडियो बना रहे पत्रकार के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। साकची पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला। पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/साकची, 13 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का दिल कहे जाने वाले साकची इलाके के संजय मार्केट में शुक्रवार की दोपहर अचानक युद्ध का मैदान बन गई। खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ के बीच दो गुटों में छिड़ी जंग ने पूरे बाजार में दहशत फैला दी। देखते ही देखते लात-घूंसे चलने लगे और गाली-गलौज के साथ शुरू हुआ विवाद हिंसक हाथापाई में तब्दील हो गया। इस मारपीट के दौरान एक युवक की हालत इतनी खराब हुई कि उसका पायजामा तक फट गया। घटना के बाद व्यस्त बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसे शांत कराने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
कहासुनी से शुरू हुआ 'खूनी' ड्रामा: क्यों भड़के दोनों गुट?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संजय मार्केट की एक गली में दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई थी।
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भीषण हाथापाई: बहस चंद मिनटों में ही मारपीट में बदल गई। दोनों गुटों के आधा दर्जन से अधिक युवक एक-दूसरे पर टूट पड़े। धक्का-मुक्की और मारपीट इतनी तेज थी कि आसपास के दुकानदार अपनी दुकानें छोड़कर बाहर निकल आए।
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पत्रकार के साथ बदसलूकी: जब मौके पर मौजूद एक पत्रकार ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, तो आरोपियों ने उसके साथ भी धक्का-मुक्की की और मोबाइल छीनने की कोशिश की। हालांकि, साकची के स्थानीय दुकानदारों ने पत्रकार का साथ दिया और हमलावरों का विरोध किया।
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बीच-बचाव: राहगीरों और दुकानदारों ने साहस दिखाते हुए बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को अलग किया, अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
पुलिस की एंट्री और एमजीएम का चक्कर
साकची थाना पुलिस को जैसे ही सूचना मिली, एक टीम तत्काल संजय मार्केट पहुँची।
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स्थिति नियंत्रण में: पुलिस ने पहुँचते ही हंगामा कर रहे युवकों को खदेड़ा और स्थिति को सामान्य किया।
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घायलों का इलाज: मारपीट में चोटिल हुए युवकों को प्राथमिक उपचार के लिए एमजीएम अस्पताल भेजा गया है।
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पुराना विवाद: पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों गुटों के बीच कोई पुराना आपसी विवाद चल रहा था, जिसका हिसाब चुकता करने के लिए उन्होंने सार्वजनिक बाजार को चुना।
साकची संजय मार्केट और 'हॉट-हेडेड' विवाद
साकची का संजय मार्केट जमशेदपुर के सबसे पुराने और घने बाजारों में से एक है।
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व्यापारिक केंद्र: यह बाजार न केवल कपड़ों और जूतों के लिए मशहूर है, बल्कि यहाँ की संकरी गलियां अक्सर तनाव का केंद्र भी बनती रही हैं।
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अतीत के पन्ने: साकची में वर्चस्व की लड़ाई और पार्किंग जैसे मामूली विवादों को लेकर पहले भी कई बार बड़े झगड़े हुए हैं। 1980 और 90 के दशक में साकची का यह इलाका स्थानीय गैंग्स के बीच शक्ति प्रदर्शन का अड्डा हुआ करता था। हालांकि, अब यहाँ पुलिस गश्त बढ़ी है, लेकिन शुक्रवार की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा दिए हैं।
बाजार में तनाव: दुकानदारों की चिंता
संजय मार्केट के दुकानदारों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से व्यापार प्रभावित होता है।
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ग्राहक सुरक्षा: सरेआम मारपीट होने से खरीदारी करने आए परिवार और महिलाएं डर जाती हैं।
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पुलिस से मांग: स्थानीय व्यापारियों ने मांग की है कि संजय मार्केट के अंदर और प्रवेश द्वारों पर पुलिस की स्थायी मौजूदगी होनी चाहिए, ताकि असामाजिक तत्व ऐसी घटनाओं को अंजाम न दे सकें।
साकची संजय मार्केट में हुई यह मारपीट जमशेदपुर की कानून-व्यवस्था के लिए एक चेतावनी है। भीड़भाड़ वाले इलाके में निडर होकर लड़ना और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (पत्रकार) पर हमला करना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ कम हो रहा है। फिलहाल साकची पुलिस ने दोनों पक्षों को चेतावनी दी है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।
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