Sidhgora Tragedy : नशे में धुत हाइवा चालक ने 10 साल के राज को कुचला, सिदगोड़ा में शव रख सड़क जाम, भारी तनाव
जमशेदपुर के सिदगोड़ा लाल भट्ठा रोड पर नशे में धुत हाइवा चालक ने 10 वर्षीय राज मुंदुइया को रौंद दिया। मौके पर ही बच्चे की दर्दनाक मौत के बाद गुस्साए लोगों ने चालक की धुनाई कर सड़क जाम कर दी है। पुलिस की समझाइश का भी असर नहीं हो रहा है। पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/सिदगोड़ा, 13 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत लाल भट्ठा मेन रोड पर शुक्रवार की शाम एक हृदयविदारक घटना घटी। एक बेलगाम और नशे में धुत हाइवा चालक ने 10 साल के मासूम बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। बस्ती के सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए हैं और शव को बीच सड़क पर रखकर जाम लगा दिया है। पुलिस मौके पर मौजूद है, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है।
नदी से लौट रहा था मासूम: पिता के सामने थमी सांसें
मृतक बच्चे की पहचान राज मुंदुइया (10) के रूप में हुई है। घटना की जो जानकारी सामने आई है, वह किसी का भी कलेजा चीरने के लिए काफी है।
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प्यास बुझाकर लौट रहा था राज: राज अपने पिता के साथ नदी किनारे गया हुआ था। वह नदी से पानी पीकर अपने घर की ओर वापस मुड़ा ही था कि काल बनकर आए हाइवा ने उसे कुचल दिया।
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बेबस पिता की पुकार: राज के पिता के मोबाइल पर जब फोन आया और वे घटनास्थल की ओर दौड़े, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। उनके सामने उनके लाडले का क्षत-विक्षत शव पड़ा था।
नशे में 'टुन्न' था कातिल ड्राइवर: भीड़ का फूटा गुस्सा
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि हाइवा चालक बुरी तरह नशे में धुत था। उसे सड़क पर चलने वाले राहगीरों का कोई अंदाजा नहीं था।
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चालक की पिटाई: हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने भागने की कोशिश कर रहे हाइवा चालक को पकड़ लिया। लोगों ने उसकी जमकर धुनाई की और फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
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सड़क पर संग्राम: घटना के बाद लाल भट्ठा मेन रोड पूरी तरह से छावनी में तब्दील हो गया है। लोग 'न्याय' और 'मुआवजे' की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। पुलिस के आला अधिकारी लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन गुस्साए बस्तीवासी पुलिस की एक भी सुनने को तैयार नहीं हैं।
लाल भट्ठा और स्वर्णरेखा तट पर बढ़ता खतरा
जमशेदपुर का सिदगोड़ा और लाल भट्ठा इलाका स्वर्णरेखा नदी के किनारे स्थित है।
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हैवी वाहनों का आतंक: ऐतिहासिक रूप से यहाँ की सड़कें संकरी हैं, लेकिन रेत और निर्माण सामग्री ढोने वाले हाइवा और भारी ट्रकों का आवागमन यहाँ चौबीसों घंटे रहता है।
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अतीत के हादसे: पिछले पाँच वर्षों में लाल भट्ठा और बारीडीह नदी तट के पास आधा दर्जन से अधिक मासूमों की जान इन भारी वाहनों ने ली है। प्रशासन ने कई बार 'नो-एंट्री' के समय में बदलाव किया, लेकिन भारी वाहनों की रफ्तार और चालकों की लापरवाही पर लगाम नहीं कसी जा सकी। स्थानीय लोगों के लिए यह सड़क अब 'डेथ जोन' बन चुकी है।
जाम और तनाव: ठप हुआ आवागमन
हादसे के बाद से सिदगोड़ा की मुख्य सड़क पर आवाजाही पूरी तरह ठप है।
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पुलिस की चुनौती: मौके पर पहुँची पुलिस टीम शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास कर रही है, लेकिन आक्रोशित भीड़ ने शव को उठने नहीं दिया है।
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सुरक्षा अलर्ट: स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया है। सिदगोड़ा पुलिस का कहना है कि आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया गया है और मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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