Chatra Fire: टंडवा में ओम साईं पंप के पास धू-धू कर जला ट्रक, झाड़ियों की चिंगारी ने मचाई भीषण तबाही
चतरा के टंडवा में शहीद चौक के पास खड़े एक ट्रक में भीषण आग लग गई। पेट्रोल पंप के पास हुए इस अग्निकांड से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। एनटीपीसी के दमकल दस्ते ने मौके पर पहुँचकर एक भयानक विस्फोट होने से बचा लिया। पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
चतरा/टंडवा, 13 मार्च 2026 – झारखंड के चतरा जिला अंतर्गत टंडवा प्रखंड में शुक्रवार को एक बड़ी अनहोनी होते-होते रह गई। शहीद चौक के पास स्थित ओम साईं पेट्रोल पंप के ठीक बगल में खड़े एक ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। पेट्रोल पंप के इतने करीब आग की लपटें उठती देख आसपास के दुकानदारों और राहगीरों के हाथ-पांव फूल गए। अगर आग की लपटें पंप तक पहुँच जातीं, तो टंडवा का यह इलाका आज किसी बड़े मलबे में तब्दील हो सकता था। हालांकि, दमकल विभाग की तत्परता ने आज एक बड़े हादसे को टाल दिया।
सरिया उतारने आया था ट्रक, झाड़ियों ने लगा दी 'लंका'
हादसे का शिकार हुआ ट्रक (नंबर JH 02 AQ 3275) सरिया लादकर टंडवा के व्यवसायी अनिल गुप्ता की दुकान पर पहुँचा था।
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असावधानी का नतीजा: सरिया खाली करने के इंतजार में चालक ने ट्रक को पेट्रोल पंप के पास सुरक्षित खड़ा कर दिया था। लेकिन पास की झाड़ियों में लगी आग की एक मामूली चिंगारी हवा के झोंके के साथ ट्रक पर ढके तिरपाल तक पहुँच गई।
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क्षण भर में तबाही: प्लास्टिक और जूट के तिरपाल ने आग को तेजी से पकड़ा और देखते ही देखते आग ने पूरे केबिन को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर से ही धुएं का गुबार देखा जा सकता था।
NTPC और CISF की फुर्ती: ऐसे बुझाई गई आग
जैसे ही आग की खबर फैली, मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। पेट्रोल पंप के कर्मचारी भी सुरक्षा को लेकर मुस्तैद हो गए।
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अग्निशमन दस्ते की एंट्री: स्थानीय लोगों ने तुरंत एनटीपीसी (NTPC) के अग्निशमन दस्ते को इसकी जानकारी दी।
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साझा ऑपरेशन: सूचना मिलते ही एनटीपीसी और सीआईएसएफ (CISF) की फायर फाइटिंग टीमें दमकल की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुँचीं।
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काबू पाया गया: दमकलकर्मियों ने पंप की संवेदनशीलता को देखते हुए सबसे पहले ट्रक के अगले हिस्से पर पानी की बौछारें कीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, हालांकि तब तक ट्रक का केबिन पूरी तरह जलकर लोहा बन चुका था।
टंडवा का औद्योगिक महत्व और अग्नि सुरक्षा की चुनौतियाँ
टंडवा प्रखंड ऐतिहासिक रूप से मगध और आम्रपाली जैसी बड़ी कोयला खदानों और एनटीपीसी के विशाल प्रोजेक्ट के कारण चतरा की आर्थिक रीढ़ रहा है।
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भारी वाहनों का हब: टंडवा-सिमरिया मार्ग पर रोजाना हजारों भारी वाहनों की आवाजाही होती है।
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पुरानी घटनाओं की सीख: टंडवा में पहले भी कई बार शॉर्ट सर्किट या झाड़ियों की आग से डंपरों में आग लगने की खबरें आई हैं। पेट्रोल पंपों के पास भारी वाहनों का खड़ा होना हमेशा से एक बड़ा जोखिम रहा है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि 'शहीद चौक' जैसे व्यस्त इलाकों में पार्किंग और अग्नि सुरक्षा के इंतजामों को लेकर अभी बहुत कुछ करना बाकी है।
नुकसान का आकलन: बाल-बाल बची जान
राहत की बात यह है कि जिस वक्त आग लगी, चालक और सह-चालक ट्रक के अंदर मौजूद नहीं थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
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भारी माली नुकसान: ट्रक मालिक और व्यवसायी को इस अग्निकांड में लाखों का नुकसान हुआ है। केबिन के अंदर रखे जरूरी दस्तावेज और उपकरण पूरी तरह जल गए हैं।
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पुलिस की जांच: टंडवा पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि झाड़ियों में आग कैसे लगी थी और क्या वहां कूड़ा जलाया जा रहा था।
टंडवा में हुआ यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है। पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थानों के पास झाड़ियों की साफ-सफाई और वाहनों की पार्किंग को लेकर बरती गई जरा सी लापरवाही पूरे शहर को खतरे में डाल सकती है। फिलहाल, एनटीपीसी और सीआईएसएफ के जवानों की वजह से टंडवा आज एक बड़ी त्रासदी से बच गया।
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