Lakhimpur Kheri Road Accident : नेशनल हाईवे पर ट्रक और वैन की आमने-सामने की खूनी भिड़ंत, 2 महिलाओं समेत 10 लोगों की दर्दनाक मौत
लखीमपुर खीरी के धौरहरा में एनएच-730 पर वैन और ट्रक की भीषण टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई है। जयदीप, अदनान और गायत्री समेत 9 शवों की शिनाख्त और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शोक संवेदना की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश), 18 मई 2026 – उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाले सड़क हादसे की खबर सामने आई है। धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के पास नेशनल हाईवे-730 (NH-730) पर उंचगांव और भरेहता गांव के बीच एक सवारियों से भरी वैन और तेज रफ्तार ट्रक के बीच आमने-सामने की इतनी भीषण भिड़ंत हुई कि चीख-पुकार मच गई। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले एक्सीडेंट में दो महिलाओं समेत करीब 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। हादसा इतना खौफनाक था कि वैन के परखच्चे उड़ गए और शवों को क्रेन व कटर की मदद से बाहर निकालना पड़ा।
वारदात की दास्तां: लेन बदलने की एक गलती और बिछ गईं 10 लाशें
यह भीषण सड़क हादसा उस वक्त हुआ जब लखीमपुर से सवारियों को लेकर एक वैन बहराइच की ओर जा रही थी।
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अचानक बदली लेन: प्रत्यक्षदर्शियों और हाईवे पुलिस के अनुसार, उंचगांव के समीप वैन अचानक अपनी लेन छोड़कर अनियंत्रित होते हुए दूसरी लेन (रॉन्ग साइड) में चली गई।
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सीधी टक्कर का वो मंजर: इसी दौरान बहराइच की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक और वैन के बीच आमने-सामने की सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के गांवों के लोग सहम गए और दौड़कर मौके पर पहुंचे।
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9 मृतकों की हुई शिनाख्त: पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से वैन को काटकर शवों को बाहर निकाला। अब तक मारे गए 10 लोगों में से 9 की पहचान कर ली गई है। मृतकों में जयदीप सिंह (25 वर्ष), अदनान खान (15 वर्ष), पवन राजभर (23 वर्ष), सोहन राजभर (21 वर्ष), रामगोपाल (42 वर्ष), सहज राम (35 वर्ष), पप्पू गौतम (18 वर्ष), गायत्री वैश्य (44 वर्ष) और जुलेखा (55 वर्ष) शामिल हैं। एक अन्य शव की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक रुख: सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया गहरा शोक, मुस्तैद हुई पुलिस
हादसे की भयावहता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।
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मुख्यमंत्री की संवेदना: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "जनपद लखीमपुर खीरी में हुई सड़क दुर्घटना में जनहानि अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।"
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राहत कार्य के निर्देश: सीएम ने जिला प्रशासन को घायलों (यदि कोई बचे हों) के समुचित इलाज और मृतकों के पंचनामा की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
केवल शोक संवेदना या बदलेगी हाईवे की हकीकत?
लखीमपुर खीरी का यह सड़क हादसा यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर नेशनल हाईवे पर चलने वाली यात्री गाड़ियों की रफ्तार और फिटनेस की नियमित जांच क्यों नहीं होती? 10 परिवारों के चिराग एक पल में बुझ गए। मुख्यमंत्री की शोक संवेदना और प्रशासनिक जांच अपनी जगह है, लेकिन जब तक एनएच-730 पर रिफ्लेक्टर, स्पीड रडार और अवैध मोड़ों की घेराबंदी नहीं की जाएगी, तब तक ऐसी सामूहिक मौतें उत्तर प्रदेश के हाईवे पर यूं ही मातम बिखेरती रहेंगी।
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