Jamshedpur Donation: जमशेदपुर महादान: भीषण गर्मी में तड़पते मरीजों के लिए युवाओं ने खोला मोर्चा, ब्लड बैंक में जुटा 64 यूनिट खून, अगले महीने फिर महाशिविर
जमशेदपुर ब्लड बैंक में ईवाईए फाउंडेशन द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में टाटा स्टील के कर्मचारियों और युवाओं ने मिलकर 64 यूनिट रक्त जुटाया है। पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी की मौजूदगी और अगले महीने होने वाले महाशिविर की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 18 मई 2026 – मई महीने की झुलसाने वाली गर्मी और आसमान से बरसती आग के बीच कोल्हान के सबसे बड़े औद्योगिक शहर जमशेदपुर से एक राहत भरी और बेहद प्रेरणादायक खबर सामने आई है। भीषण गर्मी के इस मौसम में जब ब्लड बैंकों में खून की भारी किल्लत हो जाती है और थैलेसीमिया व इमरजेंसी मरीजों की सांसें अटकने लगती हैं, तब शहर के युवाओं और सामाजिक संस्थाओं ने एक बड़ा जिम्मा उठाया है। 'ईवाईए फाउंडेशन' (EYA Foundation) की पहल पर रविवार को जमशेदपुर ब्लड बैंक में एक वृहद रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें लौहनगरी के रक्तदाताओं ने रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी निभाकर मानवता का एक नया इतिहास लिख दिया है।
वारदात की दास्तां: भीषण गर्मी का टॉर्चर, 64 यूनिट का लाइफ-सपोर्ट और जुस्को की एंट्री
यह पूरा आयोजन रविवार को धालभूम रोड स्थित जमशेदपुर ब्लड बैंक परिसर में संपन्न हुआ, जहां सुबह से ही रक्तदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं।
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टाटा स्टील के जांबाज: इस शिविर की सबसे खास बात यह रही कि इसमें टाटा स्टील (Tata Steel) के कर्मचारियों और जुस्को श्रमिक यूनियन के सदस्यों ने शिफ्ट ड्यूटी के बाद भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
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64 यूनिट का बड़ा आंकड़ा: दिन भर चले इस शिविर में कुल 64 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया, जो इस तपती गर्मी के लिहाज से एक बहुत बड़ी जीवन रक्षक उपलब्धि मानी जा रही है।
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दिग्गजों ने बढ़ाया हौसला: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी और जुस्को (Jusco) श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय ने खुद मौके पर पहुंचकर युवाओं का पीठ थपथपाई। दोनों अतिथियों ने संयुक्त रूप से कहा कि जब पूरी दुनिया गर्मी से बचने के लिए घरों में दुबकी है, तब जमशेदपुर के ये युवा दूसरों की रगों में जिंदगी दौड़ाने के लिए खून दे रहे हैं, इससे बड़ी राष्ट्रसेवा और कुछ नहीं हो सकती।
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अगले महीने फिर धमाका: फाउंडेशन के संस्थापक दीपक मिश्रा ने सभी स्वयंसेवकों का आभार जताते हुए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि जून के महीने में इससे भी बड़ा 'विशाल रक्तदान शिविर' आयोजित किया जाएगा ताकि शहर में रक्त की कमी से किसी भी गरीब की जान न जाए।
युवाओं से आगे आने की अंतिम अपील
“रक्तदान महादान — आपका एक कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है।” ईवाईए फाउंडेशन का यह नारा आज के दौर में सबसे सटीक बैठता है। जमशेदपुर ब्लड बैंक में जुटा यह 64 यूनिट खून आने वाले दिनों में सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों और प्रसव के दौरान माताओं के लिए जीवनदान साबित होगा। संस्था ने शहर के उन तमाम युवाओं से, जो सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं, अपील की है कि वे जून में होने वाले अगले बड़े शिविर के लिए अभी से कमर कस लें। क्योंकि जब तक युवा खुद आगे आकर सुई चुभवाने का साहस नहीं दिखाएंगे, तब तक अस्पतालों से 'नो स्टॉक' का बोर्ड हटाना मुमकिन नहीं होगा।
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