Chakradharpur Raid: होटल K2 में आधी रात की छापेमारी, मानव तस्करी के बड़े रैकेट से मुक्त कराए 36 मजदूर और 6 मासूम बच्चे
चक्रधरपुर के होटल K2 में पुलिस और चाइल्डलाइन ने छापेमारी कर गुजरात भेजे जा रहे 30 मजदूरों और 6 नाबालिग बच्चों को मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। जब्त राजलक्ष्मी बस और गिरफ्तार गुजरात के दो दलालों की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ देखें।
चक्रधरपुर/चाईबासा, 18 मई 2026 – पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर रेल नगरी से मानव तस्करी (Human Trafficking) का एक ऐसा सनसनीखेज और खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे कोल्हान संभाग में हड़कंप मचा दिया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) और श्रम विभाग की गुप्त सूचना पर चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के 'होटल के2' (Hotel K2) में जिला पुलिस की विशेष टीम ने आधी रात को औचक छापेमारी की। इस मेगा रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस ने मानव तस्करों के चंगुल से बंधक बनाकर रखे गए 30 महिला-पुरुष मजदूरों और 6 अत्यंत मासूम बच्चों को सुरक्षित मुक्त करा लिया है। गिरोह के तार सीधे गुजरात के बड़े औद्योगिक सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं।
वारदात की दास्तां: होटल का कमरा, राजलक्ष्मी बस और गुजरात की खूनी स्क्रिप्ट
यह पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद गोपनीय तरीके से सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चक्रधरपुर के नेतृत्व में चलाया गया।
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डीएलएसए को मिला था इनपुट: जिला विधिक सेवा प्राधिकार को खुफिया जानकारी मिली थी कि चक्रधरपुर के एक नामी होटल में बाहरी राज्यों के कुछ संदिग्ध लोग स्थानीय गरीब ग्रामीणों और नाबालिगों को बहला-फुल्टाकर अवैध रूप से बंधक बनाए हुए हैं।
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होटल K2 में घेराबंदी: वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जब भारी पुलिस बल ने होटल K2 को चारों तरफ से घेरा, तो वहां अफरा-तफरी मच गई। कमरों की तलाशी के दौरान 30 लाचार मजदूर और 5 लड़के व 1 लड़की समेत कुल 6 नाबालिग बच्चे मिले, जिन्हें बिना पंजीकरण के बंधक बनाकर रखा गया था।
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दलालों की लग्जरी बस जब्त: इन सभी को गुजरात ले जाने के लिए तस्करों ने विशेष रूप से 'राजलक्ष्मी' नामक एक बड़ी ट्रेवल बस को बुक किया था। पुलिस ने बस को जब्त कर चक्रधरपुर थाना परिसर में खड़ा करा दिया है।
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गुजरात के दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार: पुलिस ने मौके से मानव तस्करी के इस अंतरराज्यीय गिरोह के दो मुख्य सरगनाओं को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुजरात निवासी निकुंज गोविंद बोसामिया और कादिवार नीलेश भाई के रूप में की गई है। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद सोमवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
प्रशासनिक रुख: बच्ची को भेजा गया चाईबासा, बच्चों की काउंसिलिंग शुरू
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि छुड़ाए गए सभी लोगों की चिकित्सकीय जांच कराई गई है।
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चाइल्डलाइन की एंट्री: मुक्त कराई गई एकमात्र नाबालिग बच्ची को सुरक्षित रखने और उसकी मानसिक स्थिति को संभालने के लिए 'चाइल्ड लाइन चाईबासा' (Childline Chaibasa) को सौंप दिया गया है।
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सख्त धाराओं में केस: श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी के लिखित बयान पर चक्रधरपुर थाने में बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम, मानव तस्करी विरोधी कानून (IPC 370) और अन्य गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
केवल दलाल ही नहीं, स्थानीय नेटवर्क को भी तोड़ना जरूरी
होटल के2 में हुई यह छापेमारी एक बहुत बड़ी सफलता है, जिसने कई मासूमों की जिंदगी नर्क बनने से बचा ली। लेकिन यह घटना यह सवाल भी उठाती है कि आखिर गुजरात के इन तस्करों को स्थानीय स्तर पर किसने पनाह दी थी? स्थानीय होटलों के संचालकों को बिना पूरी पहचान के इतने बड़े पैमाने पर लोगों को ठहराने की अनुमति किसने दी? चक्रधरपुर पुलिस को इस सिंडिकेट की गहराई तक जाना होगा। जब तक इस काले धंधे में शामिल स्थानीय दलालों और सफेदपोशों के चेहरों से नकाब नहीं हटेगा, तब तक कोल्हान की मासूमियत को तस्करों की इस मंडी में बिकने से रोकना नामुमकिन होगा।
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