Jugsalai Firing : रंगदारी के लिए यूनिक कलेक्शन पर हुई थी अंधाधुंध गोलीबारी, जेल से जुड़ा गैंग, राहुल समेत दो गिरफ्तार
जमशेदपुर के जुगसलाई नगरपालिका कॉम्प्लेक्स में व्यवसायी विनेश बेरिया की दुकान पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग मामले में पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त कार समेत राहुल सिंह को गिरफ्तार किया है। घाघीडीह जेल सिंडिकेट की इस पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 18 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का व्यापारिक केंद्र जुगसलाई एक बार फिर अंडरवर्ल्ड और जेल सिंडिकेट की खूनी रंजिश से दहल उठा है। जुगसलाई नगरपालिका कॉम्प्लेक्स स्थित 'यूनिक कलेक्शन' कपड़े की दुकान पर हुई अंधाधुंध गोलीबारी (Firing) के मामले में जमशेदपुर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई लक्जरी कार को जब्त करते हुए दो शातिर अपराधियों को दबोच लिया है। इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि शहर के व्यापारियों से रंगदारी वसूलने के लिए जेल की सलाखों के पीछे से एक बहुत बड़ा नेटवर्क ऑपरेट किया जा रहा है।
वारदात की दास्तां: दुकान में तड़ातड़ चलीं गोलियां, कार मालिक और शूटर गिरफ्तार
यह सनसनीखेज वारदात जुगसलाई के सबसे व्यस्ततम बाजार इलाके में घटित हुई थी, जिसके बाद से पूरे कारोबारी समाज में दहशत का माहौल है।
-
अंधाधुंध गोलीबारी: अज्ञात अपराधियों ने यूनिक कलेक्शन के संचालक विनेश बेरिया उर्फ चीकू की दुकान को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की थी। गोलियों की आवाज से बाजार में भगदड़ मच गई थी।
-
पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश: घटना के तुरंत बाद सिटी एसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी इनपुट्स के आधार पर शहर के कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार को बरामद कर लिया है।
-
दो आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने मामले में संलिप्त राहुल सिंह उर्फ अंतिम पाई और कार के असली मालिक नामता को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
-
मुख्य सरगना फरार: हालांकि, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड और मुख्य शूटर सन्नी सरदार और उसका एक अन्य साथी पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे। तकनीकी सर्विलांस से पता चला है कि सन्नी गिरफ्तारी से बचने के लिए पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल (West Bengal) भाग गया है, जिसके पीछे जमशेदपुर पुलिस की एक विशेष टीम रवाना कर दी गई है।
प्रशासनिक रुख: घाघीडीह जेल का 'मनीष सिंह गैंग' और रंगदारी का जाल
जुगसलाई थाना पुलिस की तफ्तीश में जो चौंकाने वाला सच सामने आया है, उसने पुलिस महकमे को भी अलर्ट कर दिया है।
-
जेल से कनेक्शन: फरार मुख्य आरोपी सन्नी सरदार वर्तमान में घाघीडीह सेंट्रल जेल (Ghaghidih Jail) में बंद जुगसलाई के कुख्यात गैंगस्टर मनीष सिंह गिरोह का सबसे सक्रिय सदस्य है।
-
कारोबारियों पर टारगेट: मनीष सिंह जेल के भीतर से ही अपने गुर्गों के जरिए जुगसलाई, बिष्टुपुर और साकची के बड़े व्यापारियों को डरा-धमकाकर मोटी रंगदारी (Extortion) वसूलने का ताना-बाना बुन रहा था। विनेश बेरिया से भी रंगदारी मांगी गई थी, और इनकार करने पर दहशत फैलाने के लिए यह फायरिंग कराई गई।
-
सन्नी का क्रिमिनल ट्रैक रिकॉर्ड: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सन्नी सरदार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह सोनारी के बहुचर्चित टिंकू साव हत्याकांड और जुगसलाई में ही दीपक नामक युवक पर जानलेवा हमले के मामले में मुख्य आरोपी रह चुका है।
व्यापारियों की सुरक्षा और पुलिस के इकबाल की परीक्षा
यूनिक कलेक्शन पर हुई फायरिंग ने जुगसलाई नगरपालिका कॉम्प्लेक्स की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त की पोल खोल दी है। पीड़ित व्यवसाई विनेश बेरिया और उनका परिवार इस समय भारी दहशत के साये में जीने को मजबूर है। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। जमशेदपुर पुलिस के लिए यह साख का सवाल है; जब तक जेल के भीतर बैठे मनीष सिंह के नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूत नहीं किया जाता और सन्नी सरदार को बंगाल से घसीटकर वापस नहीं लाया जाता, तब तक व्यापारियों के भीतर सुरक्षा की भावना पैदा करना नामुमकिन होगा।
What's Your Reaction?


