Salgajhuri Tragedy : सालगाझुड़ी रेलवे फाटक पर मालगाड़ी ने काटा, चाकुलिया के मजदूर प्रधान हेंब्रम की दर्दनाक मौत, उजड़ा परिवार
जमशेदपुर के परसुडीह सालगाझुड़ी फाटक के पास मालगाड़ी की चपेट में आने से चाकुलिया के मजदूर प्रधान हेंब्रम की मौके पर ही मौत हो गई है। शव के पोस्टमार्टम और ट्रैक हादसों के खौफनाक सच की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 18 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पार करने की जानलेवा सनक ने एक बार फिर एक गरीब परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य को हमेशा के लिए छीन लिया। सालगाझुड़ी रेलवे फाटक के पास रविवार की देर शाम सामान लेकर लौट रहा एक 45 वर्षीय अधेड़ मजदूर तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि पल भर में उस व्यक्ति के चीथड़े उड़ गए और घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे के बाद टाटानगर रेलवे यार्ड और परसुडीह इलाके में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है।
वारदात की दास्तां: बाजार से लौट रहा था प्रधान, काल बनकर आई मालगाड़ी
यह दर्दनाक हादसा रविवार देर शाम उस वक्त हुआ जब सालगाझुड़ी रेलवे लाइन के आसपास अंधेरा घिर आया था।
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पैदल ही निकला था सामान लेने: मूल रूप से पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया का रहने वाला प्रधान हेंब्रम (45 वर्ष) पिछले कुछ समय से परसुडीह के बावनगोड़ा इलाके में किराए के मकान में रह रहा था। वह पेशे से मजदूर था। रविवार शाम वह घर का राशन और जरूरी सामान लेने पैदल ही स्थानीय बाजार गया था।
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ट्रैक पार करते ही हुआ अंत: बाजार से झोला लेकर लौटने के दौरान वह सालगाझुड़ी के पास शॉर्टकट अपनाने के चक्कर में रेलवे पटरी पार कर रहा था। इसी बीच टाटानगर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में वह आ गया। मालगाड़ी का इंजन प्रधान को रौंदते हुए आगे निकल गया।
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चीख-पुकार और भारी भीड़: पटरी के आसपास मौजूद लोगों ने जब शव को देखा तो पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते सालगाझुड़ी फाटक के पास ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना परसुडीह थाना पुलिस को दी।
प्रशासनिक रुख: एमजीएम में हुआ पोस्टमार्टम, बिलख रहे हैं दो मासूम
सूचना मिलते ही परसुडीह पुलिस ने रविवार रात को ही क्षत-विक्षत शव को ट्रैक से उठाकर अपने कब्जे में लिया।
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कागजी प्रक्रिया पूरी: सोमवार की सुबह पुलिस ने शव का पंचनामा (Inquest) तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज (MGM Medical College) भेजा।
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शव परिजनों को सुपुर्द: पोस्टमार्टम के बाद दोपहर को प्रधान का शव बावनगोड़ा स्थित घर लाया गया, जहां से अंतिम संस्कार के लिए उसे चाकुलिया ले जाने की तैयारी चल रही थी। प्रधान अपने पीछे दो मासूम बच्चों और पत्नी को छोड़ गया है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
रेलवे और जिला प्रशासन को लेनी होगी सुध
प्रधान हेंब्रम की असामयिक मौत केवल एक रेलवे दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह हमारे बुनियादी ढांचे की नाकामी का नतीजा है। जब तक रेलवे प्रशासन सालगाझुड़ी जैसे घने रिहायशी इलाकों के पास पटरियों की घेराबंदी (Fencing) नहीं करता और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित रास्ता नहीं बनाता, तब तक ऐसे गरीब मजदूर अपनी जान गंवाते रहेंगे। परसुडीह पुलिस ने फिलहाल अप्राकृतिक मौत (UD Case) का मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है, लेकिन पीड़ित परिवार के सामने अब दाने-दाने का संकट खड़ा हो गया है।
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