Bagbera Raid: बागबेड़ा में रेलवे स्कूल के पास मोबाइल चुराते रंगे हाथ धराया साहिल, पुलिस ने बिछाया जाल, जेल भेजने की तैयारी
जमशेदपुर के बागबेड़ा में गांधी नगर रेलवे हाई स्कूल के पास मोबाइल चोरी करते हुए शातिर अपराधी साहिल वैष्णव को पुलिस ने दबोच लिया है। तड़के सुबह घर में घुसकर वारदात को अंजाम देने वाले इस पुराने अपराधी की गिरफ्तारी और इलाके में पुलिस की बढ़ती गश्त की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/बागबेड़ा, 23 मार्च 2026 – लौहनगरी के बागबेड़ा थाना क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल चोरों के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गांधी नगर रेलवे हाई स्कूल के समीप रहने वाले एक परिवार के घर में घुसकर मोबाइल उड़ाने वाले शातिर चोर साहिल वैष्णव को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। 16 मार्च की सुबह जब पूरा शहर गहरी नींद में था, तब साहिल ने चोरी की इस वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि, स्थानीय लोगों की सतर्कता और बागबेड़ा पुलिस की मुस्तैदी ने इस अपराधी के भागने के सारे रास्ते बंद कर दिए। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या साहिल किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा है।
तड़के सुबह की वारदात: अंधेरे का फायदा उठाकर घुसा चोर
घटना की पटकथा 16 मार्च की सुबह करीब 4:20 बजे से 5:00 बजे के बीच लिखी गई थी।
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टारगेट घर: गांधी नगर रेलवे हाई स्कूल के पास रहने वाले राजेश कुमार साहू के घर को चोर ने निशाना बनाया।
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रंगे हाथ पकड़ाया: साहिल वैष्णव ने दबे पांव घर में प्रवेश किया और मोबाइल उठाकर निकलने ही वाला था कि तभी घर के सदस्यों और कुछ स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ गई। शोर मचने पर भागने की कोशिश कर रहे साहिल को लोगों ने पहचान लिया।
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नामजद प्राथमिकी: पीड़ित राजेश कुमार साहू ने बिना समय गंवाए बागबेड़ा थाना में साहिल वैष्णव के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश में छापेमारी शुरू कर दी।
साहिल का पुराना 'ट्रैक रिकॉर्ड': पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि साहिल वैष्णव कोई नौसिखिया चोर नहीं है।
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पेशेवर अपराधी: बागबेड़ा पुलिस सूत्रों के अनुसार, साहिल पर इससे पहले भी मोबाइल चोरी और छिनतई के कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। वह पहले भी इन मामलों में संलिप्त रहा है और पुलिस की फाइलों में उसका नाम दर्ज है।
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तलाशी में नाकामयाबी: पुलिस को उम्मीद थी कि साहिल की गिरफ्तारी के बाद उसके गुप्त ठिकानों से चोरी के कई अन्य मोबाइल फोन बरामद होंगे, लेकिन फिलहाल तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ कोई बड़ा जखीरा नहीं लगा है।
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गहन पूछताछ: पुलिस अब साहिल से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने चोरी किए गए पिछले मोबाइल फोन कहाँ और किसे बेचे हैं।
बागबेड़ा का इतिहास और चोरी की बढ़ती घटनाएं
जमशेदपुर का बागबेड़ा इलाका रेलवे स्टेशन से सटा होने के कारण हमेशा से संवेदनशील रहा है।
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रेलवे कॉलोनी की सुरक्षा: गांधी नगर और रेलवे हाई स्कूल के आसपास की बस्तियों में बाहरी तत्वों का जमावड़ा अक्सर देखा जाता है। पहले भी यहाँ रेल यात्रियों और स्थानीय निवासियों के मोबाइल छिनतई की घटनाएं होती रही हैं।
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पुलिस की रणनीति: इस गिरफ्तारी के बाद बागबेड़ा थाना प्रभारी ने क्षेत्र में गश्त (Patrolling) बढ़ाने का निर्देश दिया है। विशेष रूप से तड़के सुबह और देर रात को पीसीआर वैन की तैनाती बढ़ाई जा रही है।
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जनता का सहयोग: पुलिस ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां रात में सुरक्षित रूप से बंद रखें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तुरंत सूचित करें।
न्यायिक हिरासत: अब सलाखों के पीछे होगा साहिल
साहिल वैष्णव के खिलाफ पर्याप्त सबूत और चश्मदीदों के बयान मिलने के बाद, पुलिस ने उसे जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है।
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गिरफ्तारी के मायने: साहिल जैसे पुराने चोर का पकड़ा जाना बागबेड़ा क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी राहत है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी से इलाके में मोबाइल चोरी की घटनाओं में कमी आएगी।
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गैंग का खुलासा: पुलिस की एक टीम साहिल के कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि उसके उन साथियों तक पहुँचा जा सके जो चोरी के मोबाइल खरीदने और उनके आईएमईआई (IMEI) नंबर बदलने का काम करते हैं।
जमशेदपुर के बागबेड़ा में हुई यह गिरफ्तारी पुलिस की सतर्कता का एक छोटा सा हिस्सा है। साहिल वैष्णव का सलाखों के पीछे जाना इस बात का संकेत है कि अब अपराधी बच नहीं पाएंगे। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या केवल एक साहिल को पकड़ने से बागबेड़ा में चोरी का सिलसिला रुकेगा? पुलिस द्वारा गश्त बढ़ाने का फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन जनता की जागरूकता ही असली सुरक्षा है। फिलहाल, साहिल पुलिस की कस्टडी में है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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