Sidhgora Flat Theft : जमशेदपुर में टाटा स्टील कर्मचारी के बंद घर का ताला टूटा, जेवरात के साथ गिटार-बांसुरी भी गायब, सिदगोड़ा में बड़ी वारदात
जमशेदपुर के सिदगोड़ा स्थित बारा फ्लैट में टाटा स्टील कर्मचारी के घर भीषण चोरी हुई है। जब कर्मचारी नाइट शिफ्ट में थे, तब चोरों ने जेवरात के साथ कीमती गिटार और बांसुरी पर भी हाथ साफ कर दिया। सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली इस सनसनीखेज चोरी की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/लौहनगरी, 23 मार्च 2026 – स्टील सिटी के पॉश इलाकों में शुमार सिदगोड़ा थाना क्षेत्र एक बार फिर चोरों के निशाने पर है। बारा फ्लैट संख्या 262 में रहने वाले टाटा स्टील कर्मचारी देवदत्ता के घर को निशाना बनाकर चोरों ने पुलिस की गश्ती और सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। बीती रात जब कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर थे, तब शातिर चोरों ने बंद घर का ताला तोड़कर लाखों के जेवरात सहित मोबाइल और संगीत के वाद्ययंत्रों (गिटार-बांसुरी) पर हाथ साफ कर दिया। यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बड़ा आर्थिक झटका है, बल्कि टाटा स्टील की कॉलोनियों में रहने वाले हजारों कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
ड्यूटी पर था कर्मचारी, पीछे से 'साफ' हो गया घर
चोरी की यह वारदात पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दी गई है। अपराधी जानते थे कि घर में कोई नहीं है।
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समय और सुराग: देवदत्ता रोज की तरह अपनी नाइट शिफ्ट ड्यूटी के लिए कंपनी गए हुए थे। पूरा घर बंद था, जिसका फायदा चोरों ने उठाया।
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पड़ोसी की सूचना: सुबह करीब 6:30 बजे जब देवदत्ता अपनी शिफ्ट खत्म कर घर लौट रहे थे, तभी उनके पड़ोसी ने फोन कर घर का मुख्य दरवाजा टूटा होने की जानकारी दी।
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मंजर: जब देवदत्ता घर पहुँचे, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। घर का सारा कीमती सामान बिखरा पड़ा था और अलमीरा के लॉक टूटे हुए थे।
जेवरात के साथ 'गिटार और बांसुरी' भी ले गए चोर
आमतौर पर चोर केवल नकदी और सोने-चांदी पर नजर रखते हैं, लेकिन इस चोरी में अपराधियों ने कुछ अलग ही रुख अपनाया।
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लाखों के गहने: अलमीरा में रखे सोने-चांदी के पुश्तैनी जेवरात और कीमती मोबाइल गायब थे।
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संगीत से 'प्रेम' या कुछ और: चोरों ने घर से कीमती गिटार और बांसुरी भी चुरा ली। इससे यह संदेह पैदा होता है कि क्या चोरों को घर की हर छोटी-बड़ी कीमती चीज की पहले से जानकारी थी?
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सिदगोड़ा में हलचल: घटना की जानकारी मिलते ही सिदगोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा सकती है।
बारा फ्लैट का इतिहास और सुरक्षा में 'सेंध'
टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए बनाए गए ये बारा फ्लैट्स हमेशा से सुरक्षित माने जाते रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में यहाँ बाहरी तत्वों का आना-जाना बढ़ा है।
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गश्ती पर सवाल: स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय पुलिस की गश्ती कम हो गई है, जिसका फायदा स्थानीय 'रेकी' करने वाले अपराधी उठा रहे हैं।
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पुरानी घटनाएं: सिदगोड़ा और एग्रिको बेल्ट में पिछले 6 महीनों में यह चौथी बड़ी चोरी है। हर बार बंद घरों को ही निशाना बनाया गया है, जो एक संगठित गिरोह की ओर इशारा करता है।
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सीसीटीवी की कमी: फ्लैट्स के आसपास सीसीटीवी कैमरों का अभाव चोरों के लिए 'सेफ पैसेज' का काम कर रहा है।
अगला कदम: फिंगरप्रिंट और संदिग्धों की धरपकड़
देवदत्ता की लिखित शिकायत पर सिदगोड़ा थाना में अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
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लोकल रेकी: पुलिस को शक है कि इस घटना में किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ हो सकता है जिसे देवदत्ता के नाइट शिफ्ट के समय की सटीक जानकारी थी।
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बरामदगी का प्रयास: पुलिस शहर के उन कबाड़ी और पुराने सामान खरीदने वालों पर नजर रख रही है जहाँ चोरी का गिटार या मोबाइल बेचे जाने की संभावना है।
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गश्त में बढ़ोत्तरी: घटना के बाद सिदगोड़ा पुलिस ने बारा फ्लैट क्षेत्र में रात के समय टाइगर मोबाइल और पीसीआर की तैनाती बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
जमशेदपुर जैसे शहर में, जहाँ एक बड़ी आबादी शिफ्ट ड्यूटी करती है, वहां बंद घरों में चोरी होना एक बड़ा सुरक्षा संकट है। देवदत्ता के घर हुई यह वारदात बताती है कि चोर अब केवल अलमारी तक सीमित नहीं हैं, वे आपके शौक (गिटार-बांसुरी) को भी नहीं छोड़ रहे। सिदगोड़ा पुलिस के लिए इन चोरों को पकड़ना साख का सवाल बन गया है। क्या पुलिस चोरी गया सामान बरामद कर पाएगी या यह भी फाइलों में दफन होकर रह जाएगा? फिलहाल, बारा फ्लैट के निवासी अपनी सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं।
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